दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर का हीरो जिसकी एक आवाज से वैश्विक राजनीति हिल जाती है जो दाबोस में बैठकर शांति और युद्ध दोनों की दिशा तय करता है जिसकी सनक दुनिया को हिला कर रख देती है जो एक ही झटके में बड़े से बड़े नेता को मारने की धमकी देते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। लेकिन आज सवाल उनकी पॉलिसी पर नहीं है। सवाल टेरिफ की धमकियों पर भी नहीं, ग्रीनलैंड के कब्जे पर भी नहीं, ईरान में करवाए गए प्रदर्शनों पर भी नहीं बल्कि आज सवाल उनकी सेहत का है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके हाथ पर पड़ा वो नीला निशान जिसने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर सुपर पावर के इस हीरो के साथ हुआ क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हाथ पर पड़े नए नीले निशानों की तस्वीरों ने एक बार फिर उनकी सेहत को लेकर सवाल खड़े किए है। ये तस्वीरें गुरुवार को सामने आई, जब ट्रंप स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में मौजूद थे। हालांकि, वाइट हाउस ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप का हाथ एक मेज से टकरा गया था। 79 साल के ट्रंप के दाहिने हाथ पर पहले भी कई बार नीले निशान
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि दवा की ओवरडोज ले देखे गए हैं। इस साल के शुरुआत में वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि वह 'एस्पिरिन' का हेवी दोन लेते हैं और उसके साइड इफेक्ट्स की वजह से ऐसा हुआ है। NYT की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप तय मात्रा से करीब 4 गुना ज्यादा बानी 325 मिलीग्राम एस्पिरिन ले रहे हैं। ट्रंप ने खुद बताया था कि वह डॉक्टरों के सलाह को नजरअंदाज कर ज्यादा एस्पिरिन ले रहे है। उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों ने मुझे कहा कि आपको यह लेने की जरूरत नहीं है, पर मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता।
आपको बता दें कि हाल ही में ट्रंप के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन देखी गई थी। कुछ वीडियो में वो पैर घसीटते हुए भी नजर आए थे। ट्रंप के हाथों पर दिखाई देने वाले चोट के निशान के बारे में बात करते हुए, लीविट ने स्पष्ट किया कि यह एस्पिरिन थेरेपी का एक सौम्य दुष्प्रभाव है, जिसका इस्तेमाल अक्सर हृदय संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए किया जाता है। न्यू यॉर्क पोस्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि ये एक सौम्य दुष्प्रभाव है। ट्रंप के लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों को इसका एक कारण बताया। व्हाइट हाउस ने चिंताओं को कम करने की कोशिश की और ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्रपति का व्यस्त कार्यक्रम उनके मज़बूत स्वास्थ्य को दर्शाता है। उनके सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। डीप पेन थ्रोम्बोसिस या धमनी रोग का कोई प्रमाण नहीं है।
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने अपना दबदबा कायम रखा है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 23 जनवरी को खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारत ने कीवी टीम को चारों खाने चित कर दिया। इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन।
ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव की जोड़ी भारत के टारगेट चेज़ में निर्णायक साबित हुई। यह ध्यान देने वाली बात है कि मेन इन ब्लू के ओपनर जल्दी आउट हो गए, जिसके बाद ईशान किशन बैटिंग करने आए और शानदार बैटिंग की।
32 गेंदों में 76 रन बनाकर, किशन क्रीज़ पर टिके रहे और पावरप्ले में अर्धशतक बनाने वाले फुल मेंबर देशों के तीसरे नॉन-ओपनर बन गए। उन्होंने अपनी तेज़ पारी से भारत के रन चेज़ के लिए मंच तैयार किया और इस खास लिस्ट में डियोन मायर्स और जोश इंग्लिस जैसे खिलाड़ियों के साथ शामिल हो गए।
किशन ने अपने नाम एक और पावरप्ले रिकॉर्ड भी किया
यह दिलचस्प है कि ईशान किशन ने पावरप्ले में 23 गेंदों में 56 रन बनाए। खास बात यह है कि यह मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ अभिषेक शर्मा की 21 गेंदों में 58 रनों की पारी के बाद पावरप्ले में किसी भारतीय बल्लेबाज़ का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। मैच के बाद, किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला और उन्होंने बताया कि मैच के दौरान उनका फोकस किस बात पर था और उन्होंने क्या सही किया, क्योंकि भारत ने 15.2 ओवर में टारगेट चेज़ करके सात विकेट से मैच जीत लिया।
किशन ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा "मैं इस बात पर फोकस कर रहा था कि मुझे आज क्या करना है और खुद को अच्छी मानसिक स्थिति में रखना है। कभी-कभी आप समझते हैं कि आप अच्छी बैटिंग कर रहे हैं और बस गेंद को देखने और अच्छी मानसिक स्थिति में रहने की कोशिश करते हैं। मैं पावरप्ले में ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहा था क्योंकि 208 रन चेज़ करते समय आपको पावरप्ले का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाना होता है।
सीरीज में भारत की पकड़ मजबूत
पांच मैचों की इस सीरीज में अब भारत ने महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। रायपुर की इस जीत ने टीम इंडिया के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ईशान किशन की फॉर्म भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि वे शीर्ष क्रम में टीम को वह गति प्रदान कर रहे हैं जिसकी जरूरत आधुनिक टी20 क्रिकेट में होती है।
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