Kashmir के गुलमर्ग और अन्य इलाकों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में चलीं तेज हवाएं
कश्मीर घाटी के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग और कुछ अन्य क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को बर्फबारी हुई, वहीं श्रीनगर और अन्य मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में बृहस्पतिवार देर शाम से बर्फबारी शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के परिणामस्वरूप यह बर्फबारी हुई। गुलमर्ग में कुछ इंच ताजा बर्फ जमा हो गई है, लेकिन आखिरी रिपोर्ट आने तक मध्यम बर्फबारी जारी थी।
अधिकारियों ने बताया कि कुपवाड़ा, बारामूला और शोपियां के अन्य क्षेत्रों विशेषकर ऊंचे इलाकों में भी हिमपात हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी इलाकों के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई, जो अंतिम रिपोर्ट तक जारी रही।
अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं, वहीं एहतियात के तौर पर इन क्षेत्रों में बिजली काट दी गई है। मौसम विभाग ने कहा था कि घाटी के मैदानी इलाकों समेत व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
Madhya Pradesh में धार के विवादित परिसर में वसंत पंचमी की पूजा शुरू
वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में सूर्योदय के बाद से हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।
हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। ऐतिहासिक धार शहर में 11वीं सदी के विवादित परिसर में सूर्योदय के बाद से ही श्रद्धालुओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
स्थानीय संगठन भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाग्देवी (सरस्वती) का चित्र स्थापित करके पूजा शुरू की। इस दौरान हवन कुंड में आहुति डाल कर अखंड पूजा (पूजा का लगातार चलने वाला क्रम) की शुरुआत की गई।
पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था। इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण दोनों समुदायों ने विवादित परिसर में पूजा-अर्चना और नमाज के लिए दावा किया था। स्थिति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हस्तक्षेप किया और समय-विभाजन का स्पष्ट फॉर्मूला तय किया।
शीर्ष अदालत ने विवादित परिसर में वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने, जबकि मुसलमानों को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी है।
भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।
भोजशाला को लेकर विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार की गई व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।
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