Madhya Pradesh में धार के विवादित परिसर में वसंत पंचमी की पूजा शुरू
वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में सूर्योदय के बाद से हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।
हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। ऐतिहासिक धार शहर में 11वीं सदी के विवादित परिसर में सूर्योदय के बाद से ही श्रद्धालुओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
स्थानीय संगठन भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाग्देवी (सरस्वती) का चित्र स्थापित करके पूजा शुरू की। इस दौरान हवन कुंड में आहुति डाल कर अखंड पूजा (पूजा का लगातार चलने वाला क्रम) की शुरुआत की गई।
पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था। इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण दोनों समुदायों ने विवादित परिसर में पूजा-अर्चना और नमाज के लिए दावा किया था। स्थिति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हस्तक्षेप किया और समय-विभाजन का स्पष्ट फॉर्मूला तय किया।
शीर्ष अदालत ने विवादित परिसर में वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने, जबकि मुसलमानों को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी है।
भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।
भोजशाला को लेकर विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार की गई व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।
Andaman में पराक्रम दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ‘ड्रोन शो’ का आयोजन होगा
स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर शुक्रवार को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम में उनके जीवन और विरासत पर आधारित एक प्रदर्शनी, ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘पराक्रम दिवस’ का समापन 25 जनवरी को होगा। अधिकारियों ने बताया कि श्री विजयपुरम के अलावा देशभर में बोस से जुड़े 13 अन्य प्रतिष्ठित स्थानों पर भी समारोह आयोजित किए जाएंगे।
शुक्रवार को मुख्य कार्यक्रम श्री विजयपुरम के नेताजी स्टेडियम में होगा, जहां अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि होंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चंद्र बोस के योगदान और उनके साहस, बलिदान एवं देशभक्ति की स्थायी विरासत को सम्मान देना है। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
तीन दिवसीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम के तहत ड्रोन शो के साथ उस्ताद अमजद अली खान, पैपोन, अमान अली बंगश, श्री अयान अली बंगश, मंगली, रघु दीक्षित, प्रतिभा सिंह बघेल और सौरेन्द्रो-सौम्योजित की प्रस्तुतियां होंगी।
इसके अलावा आईटीएफ मैदान में सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) द्वारा एक नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी।
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