जेलेंस्की बोले-पुतिन के पास पैसा खत्म तो जंग भी खत्म:अगर अमेरिका रूसी तेल टैंकर रोक सकता है तो यूरोप क्यों नहीं
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास पैसा खत्म हो जाएगा तो यूक्रेन जंग भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने गुरुवार को यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कही। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका रूसी तेल टैंकर रोक सकता है और तेल जब्त कर सकता है तो यूरोप क्यों नहीं करता। यूरोप के तटों से होकर जाने वाला यही तेल यूक्रेन के खिलाफ जंग को पैसा दे रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर पुतिन के पास पैसा नहीं बचेगा तो यूरोप में कोई युद्ध नहीं बचेगा। जेलेंस्की ने कहा कि यही रवैया पहले ईरान के साथ भी देखा गया। वहां लोग आजादी के लिए सड़कों पर उतरे लेकिन आंदोलनों को खून में डुबो दिया गया और दुनिया चुप रही। जेलेंस्की बोले- रूसी संपत्तियों से यूक्रेन की रक्षा नहीं की गई उन्होंने यूरोप को याद दिलाया कि रूस की संपत्तियां फ्रीज तो की गईं, लेकिन जब उन्हीं पैसों से यूक्रेन की रक्षा की बात आई तो फैसला रोक दिया गया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के खिलाफ 'वॉर क्राइम ट्रिब्यूनल' बनाने को लेकर सिर्फ बैठकें हुईं नतीजा कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने सीधे पूछा कि क्या यह समय की कमी है या राजनीतिक हिम्मत की। जेलेंस्की ने माना कि सुरक्षा गारंटी पर बातें हो रही हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जो वादे किए हैं उसके लिए वे आभारी हैं, लेकिन हर बार बात अटक जाती है। आखिर में कहा जाता है कि ट्रम्प का सहारा चाहिए। जेलेंस्की ने संघर्ष विराम को लेकर कहा कि अमेरिका के साथ अभी तक कोई पक्का समझौता नहीं हुआ है। ग्रीनलैंड में 40 सैनिक भेज देने से कुछ नहीं बदलेगा जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप को अब अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। नाटो पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन सिर्फ इस भरोसे पर टिका है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर आगे आएगा, लेकिन अगर अमेरिका नहीं आया तो क्या होगा। ग्रीनलैंड की बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वहां 40 सैनिक भेज देने से कुछ नहीं बदलने वाला। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को ठंडे इलाकों में लड़ने का असली अनुभव है और वह ग्रीनलैंड की रक्षा कर सकता है लेकिन वह नाटो का सदस्य नहीं है। ईरान और बेलारूस का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि जब आजादी के लिए लड़ने वालों की मदद नहीं की जाती तो उसके नतीजे लौटकर आते हैं। बेलारूस में रूस ने मिसाइलें तैनात कर दीं और मिसाइलें सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होतीं। जेलेंस्की ने कहा कि ग्रीनलैंड के मामले में भी यूरोप वही गलती कर रहा है और यह सोचकर बैठा है कि कोई और आकर समस्या सुलझा देगा जबकि इस बीच रूस की युद्ध मशीन लगातार चल रही है। जेलेंस्की बोले- यूरोप दिखने में सुंदर लेकिन बिखरा हुआ जेलेंस्की ने यूरोप और अमेरिका पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनियों को रूस को मिसाइल बनाने वाले पुर्जे बेचने से नहीं रोका। यूरोप चुप है अमेरिका लगभग चुप है और पुतिन लगातार मिसाइलें बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बार बार सलाह दी जाती है कि अमेरिका से बातचीत में टॉमहॉक मिसाइलों की बात न करें ताकि माहौल खराब न हो। वहीं यूरोप के अंदर आपसी बहसें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। उन्होंने कहा कि यूरोप दिखने में सुंदर है लेकिन बिखरा हुआ है और अभी एक सच्ची ताकत नहीं बन पाया है। यूक्रेन को अब भाषण नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए ट्रम्प से मुलाकात पर जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और युद्ध खत्म करने से जुडे दस्तावेज लगभग तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ईमानदारी से आगे बढ रहा है लेकिन अब रूस को भी इस आक्रमण को खत्म करने के लिए तैयार होना होगा। अपने भाषण के आखिर में जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन को अब भाषण नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से ही दुनिया चलती है और अगर आज कदम नहीं उठाया गया तो कल कुछ नहीं बचेगा। इसके बाद उन्होंने स्लावा यूक्रेनी कहकर भाषण खत्म किया।
UP: पहले दोस्ती फिर धर्मांतरण का गंदा खेल... मिर्जापुर में जिम के अंदर लव जिहाद का सनसनीखेज खुलासा, हेड कॉन्स्टेबल इरशाद समते 6 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से ऐसी खबर सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है। यहां जिम में चल रहे धर्मांतरण के खेल में UP पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की संलिप्तता बताई जा रही है, इसके बाद सिपाही इरशाद खां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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