पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला, राजस्व अदालतों की अध्यक्षता करने वाले अधिकारियों को भी मिलेगी न्यायिक सुरक्षा
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Explainer: भारत बना रहा है डेटा सेंटर्स, जानें कौन है दुनिया का सबसे बड़ा AI पावर देश ?
India Building Data Centers AI Power Ranking 2026: भारत की AI क्षमता को लेकर हाल ही में IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बयान दिया, जो इन दिनों बेहद चर्चा में है.इतना ही नहीं दुनिया भर में इसके बाद एक बहस हो रही है कि दुनिया में सबसे बड़ा AI पावर देश कौन सा है और कौन इस पर तेजी से काम कर रहा है? दरअसल, बीते दिनों स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (WEF 2026) हुआ.
कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने भारत को 'सेकंड-टियर' AI पावर देश बताया.इस बयान का भारत ने पुरजोर विरोध किया.WEF 2026 में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत 'क्लियरली फर्स्ट ग्रुप' में है.ये बात सिर्फ दावे की नहीं, बल्कि कई लेयर्स और ग्लोबल डेटा पर आधारित है.
Google has officially listed upcoming AI-focused data centers on its website, and the locations say it all.
— Andhra Nexus (@AndhraNexus) January 22, 2026
???????? Andhra Pradesh is emerging as India’s next digital infrastructure hub, while ???????? Texas continues to anchor Google’s global AI compute expansion.
The future of AI is… pic.twitter.com/mlpmfvxT7C
WEF क्या है?
WEF का पूरा नाम World Economic Forum है. यह एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा के पास कोलोग्नी में है. इसे स्विस सरकार द्वारा एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है. बता दें हर साल जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में इसकी सबसे बड़ी बैठक होती है. इसमें दुनिया भर के 2500-3000 से ज्यादा लोग शामिल होते हैं।
WEF का मुख्य उद्देश्य क्या है?
WEF का मुख्य उद्देश्य दुनिया की स्थिति को बेहतर बनाना है. संस्था इसके लिए व्यवसाय, राजनीति, शिक्षा और समाज के अन्य क्षेत्रों के नेताओं को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और उद्योग से जुड़े एजेंडा तय करती है. जानकारी के अनुसार यह सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की साझेदारी पर काम करती है.
AI पावर को कैसे मापा जाता है?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि AI में लीडरशिप सिर्फ बड़े-बड़े फाउंडेशनल मॉडल (जैसे GPT या Llama) बनाने से नहीं आती. इसे कई लेयर में मापा जाता है जैसे एक है एप्लीकेशन लेयर.यानि असल दुनिया में जैसे हेल्थकेयर, फाइनेंस, एग्रीकल्चर, सर्विसेज में AI का इस्तेमाल कौन देश कैसे कर रहा है और भारत इसमें बहुत मजबूत है. इसके अलावा मॉडल लेयर यानी AI मॉडल्स डेवलप करना.इस काम में भारत छोटे-मीडियम, इंडस्ट्री-स्पेसिफिक और एफिशिएंट मॉडल्स पर तेजी से काम कर रहा है.
AI रेस सिर्फ हाई-प्रोफाइल मॉडल्स की नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट की है
AI चिप्स और हार्डवेयर पर भारत सेमीकंडक्टर और AI कंप्यूट में निवेश कर रहा है.वहीं, डेटा सेंटर्स, क्लाउड, कंप्यूट पावर में भारत बड़े डेटा सेंटर्स बना रहा है और AI कंप्यूट को अफोर्डेबल बनाने पर जुटा है.इसी तरह इंडिया AI को चलाने वाली बिजली और सस्टेनेबल एनर्जी पर काम कर रहा है.ग्लोबल रैंकिंग में भारत की पोजीशन की बात करें तो स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स में भारत AI पेनेट्रेशन, प्रिपेयर्डनेस और टैलेंट में टॉप-3 में है.वहीं, ओवरऑल AI कॉम्पिटिटिवनेस की बात करें तो US पहले, चीन दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है.केंद्रीय मंत्री ने दावोस में कहा कि AI रेस सिर्फ हाई-प्रोफाइल मॉडल्स की नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट की है.भारत इसी पर फोकस कर रहा है, और डेटा भी यही कहता है।
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