अभिषेक शर्मा 'L' शेप बनाकर क्यों करते हैं हर बार फिफ्टी और सेंचुरी का सेलिब्रेशन? वजह छू लेगी आपका दिल
Abhishek Sharma Celebration: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मैच नागपुर में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर तूफानी बल्लेबाजी की. अभिषेक ने शानदार बैटिंग करते हुए 84 रन ठोके, जिससे भारत को एक बड़े स्कोर तक पहुंचने में मदद मिली. अपनी फिफ्टी पूरी करने के बाद एक बार फिर अभिषेक अपने अंदाज में ही सेलिब्रेशन करते दिखे. तो आइए जानते हैं कि अभिषेक के इस स्पेशल सेलिब्रेशन उनकी सोच क्या है...
Abhishek Sharma ने खेली 84 रनों की तूफानी पारी
न्यूजीलैंड के साथ नागपुर में खेले गए पहले T20I मैच में अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर मैदान पर तलहका मचा दिया. ओपनिंग करने आए अभिषेक ने कीवी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की और महज 35 गेंदों पर 84 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 छक्के और 5 चौके लगाए. इस दौरान अभिषेक का स्ट्राइक रेट 240 का रहा. उनकी इस पारी ने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
A commanding performance! ????#TeamIndia win by 4⃣8⃣ runs in Nagpur to take a 1⃣-0⃣ lead in the 5-match T20I series ????
— BCCI (@BCCI) January 21, 2026
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अभिषेक शर्मा के सेलिब्रेशन का राज क्या है?
बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ फिफ्टी बनाने के बाद अभिषेक शर्मा ने अपने अंदाज में सेलिब्रेशन किया. उन्होंने दाएं हाथ के ग्लव्स उतारे और हवा में L शेप बनाया और स्टेडियम के चारों तरफ दिखाया. उन्होंने ऐसा पहली बार नहीं किया बल्कि वह हमेशा ही अपने बड़े स्कोर को ऐसे ही सेलिब्रेट करते हैं.
8⃣4⃣ runs
— BCCI (@BCCI) January 21, 2026
3⃣5⃣ deliveries
5⃣ fours and 8⃣ sixes
That was an absolutely breathtaking knock from Abhishek Sharma ????????
Updates ▶️ https://t.co/ItzV352h5X#TeamIndia | #INDvNZ | @IDFCFIRSTBank | @OfficialAbhi04 pic.twitter.com/P0gGYVLAWq
अब सवाल है कि वह इस तरह सेलिब्रेट क्यों करते हैं? एशिया कप के दौरान अभिषेक ने अपने इस सेलिब्रेशन के दौरान बात करते हुए बताया था कि, 'इसका मतलब लव है. जो इंडियन टीम के चाहने वाले हैं या फिर आईपीएल को चाहने वाले हैं ये लव उनके लिए है. ये लव इंडिया के लिए है.'
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सीरिया से इराक लाए गए 150 आईएस कैदी
बगदाद, 22 जनवरी (आईएएनएस)। इराक ने पहली बार सीरिया की जेलों में बंद इस्लामिक स्टेट (आईएस) के 150 कैदियों को अपने देश में स्वीकार किया है। इराकी अधिकारियों ने बुधवार (स्थानीय समय) को इसकी पुष्टि की।
इन कैदियों में इराकी नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिन पर इराकी आम लोगों की हत्या में गहरी भूमिका निभाने के आरोप हैं।
इराकी सेना के कमांडर-इन-चीफ के प्रवक्ता सबाह अल-नुमान के बयान के मुताबिक ये कैदी पहले सीरिया के हसाका क्षेत्र में उन जेलों में बंद थे, जो सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के नियंत्रण में हैं। अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (जो आईएस के खिलाफ लड़ाई में जुटा है) के साथ समन्वय के बाद इन कैदियों को इराक को सौंपा गया।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी कैदियों को इराक के आधिकारिक सरकारी सुधार गृहों (करैक्शनल इंस्टीट्यूशंस) में भेजा जाएगा। साथ ही यह भी साफ किया गया कि आगे कितने और कैदियों को कब लाया जाएगा, यह सुरक्षा हालात और आकलन पर निर्भर करेगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन कैदियों को सीरिया के हसाका स्थित एक हिरासत केंद्र से इराक के एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। यह प्रक्रिया एक व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत भविष्य में करीब 7,000 आईएस कैदियों को इराक के नियंत्रण वाली जेलों में लाया जा सकता है।
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा कि इस तरह का सुरक्षित और व्यवस्थित स्थानांतरण बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह की जेल से भागने की घटना को रोका जा सके, जो अमेरिका और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन सकती है।
पिछले एक साल में अमेरिका और उसके साझेदार बलों ने सीरिया में 300 से ज्यादा आईएस सदस्यों को गिरफ्तार किया है और 20 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर काउंटर-टेररिज्म थिंक टैंक के एसोसिएट फेलो एड्रियन श्टुनी के अनुसार, 2025 तक, यानी आईएस की स्थापना के करीब 21 साल बाद, इराक और सीरिया में संगठन की क्षेत्रीय पकड़ काफी कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि अपने चरम पर आईएस के पास करीब 80,000 लड़ाके थे, जिनमें 120 से ज्यादा देशों के 42,000 से अधिक विदेशी आतंकवादी शामिल थे। इसके मुकाबले, 2025 के मध्य तक सीरिया और इराक में सक्रिय लड़ाकों की संख्या सिर्फ 1,500 से 3,000 के बीच आंकी जा रही है। हालांकि, यह भी चेताया गया है कि वैश्विक स्तर पर आईएस का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
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