ईरान में अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की। कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। लगातार इन प्रदर्शनकारियों को टारगेट किया जा रहा है। अब तक 250 से ज्यादा मस्जिदों को आग के हवाले कर दिया गया है। विरोधियों ने ईरान के सरकारी टीवी को हैक कर दिया। उस पर रजा पहलवी का संदेश दिखा दिया। ईरान की महान जनता मेरे बहादुर बच्चों मेरी शोक में डूबी लेकिन अिग बहनों और भाइयों तुम अकेले नहीं हो। तुम्हारी दृढ़ता ने इतिहास बदल दिया है। तुम आजादी की अगली पंक्ति में खड़े हो और हम इस शासन के अंत के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। ईरान के सबसे अच्छे बच्चों की शहादत का गम बहुत भारी है। लेकिन हम इस गम को जागरूक गुस्से में और खामिनेई और उसके देसी विदेशी एजेंटों के खिलाफ अटूट इरादे में बदल देंगे। तैयार रहो। सड़कों पर लौटने का वक्त आएगा और भी बड़े पैमाने पर और भी ताकतवर और भी दृढ़ संकल्प के साथ तेहरान को जीतने के लिए ईरान को वापस पाने के लिए अंतिम जीत तक यह संघर्ष जारी रखना सिर्फ राष्ट्रीय कर्तव्य नहीं बल्कि आजादी के रास्ते के शहीदों और उनके पवित्र खून से किया गया वादा है।
ईरान में शहर-शहर गांव-गांव नरसंहार हो रहा है। प्रदर्शनकारियों को मारा काटा जा रहा है। बीच सड़क पर सर कलम किया जा रहा है। उससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्साहाई है। ट्रंप ने तो ईरान को धरती से मिटा देने तक की धमकी दे डाली। ट्रंप ईरान को धरती से मिटाने की बात कर रहे हैं तो सवाल ये उठता है कि क्या ईरान के खिलाफ परमाणु बम का इस्तेमाल करेगा अमेरिका क्या खामेनई के खात्मे के लिए ईरान पर एटम बम गिराएगा अमेरिका खामनई के खिलाफ एक्शन के लिए अमेरिका का सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहिम लिंकन ईरान की तरफ फुल स्पीड से बढ़ रहा है।
सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी। यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या बताई है। सरकारी टेलीविजन के मुताबिक देश में 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 3,117 लोगों की मौत हुई है जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार हिंसा में 4,560 लोग मारे गए हैं। बुधवार रात को ‘मार्टियर्स फाउंडेशन’ द्वारा जारी एक बयान में मृतकों की संख्या बताई गई थी। इसमें बताया गया कि मृतकों में से 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल के जवान थे। बाकी मृतकों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार एजेंसी ने बुधवार को मृतकों की संख्या 4,560 बताई। समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या का आकलन करने में असमर्थ रही है।
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