Responsive Scrollable Menu

UN में Pakistan की जबरदस्त फजीहत, Terrorism पर पूछा गया सवाल तो भाग खड़े हुए Shehbaz Sharif, Jaishankar ने पाकिस्तान को चारों खाने किया चित

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से आतंकवाद को लेकर सीधे सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने जवाब देने की बजाय वहां से भाग जाना ही बेहतर समझा। इसके एक दिन बाद संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के सामने जब पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर आतंकवाद प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया, तो जयशंकर ने पलटकर ऐसा करारा जवाब दिया कि सवाल पूछने वाला ही कठघरे में खड़ा हो गया। जयशंकर ने दो टूक कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। चलिए भी।” उधर, जयशंकर के बयान से गर्म हुए माहौल के बीच ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान पर एक और करारा हमला कर डाला।

हम आपको बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को एक ‘‘कठपुतली शासन’’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र में उसके ‘‘झूठ’’ और ‘‘छल’’ पर तीखा प्रहार किया तथा चेतावनी दी कि इस्लामाबाद की ओर से लगातार जारी आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर मामले को उठाया और 2025 में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष को रोकने का श्रेय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘‘समय पर हस्तक्षेप’’ को दिया। शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने शुक्रवार रात ‘जवाब के अपने अधिकार’ का इस्तेमाल किया।

इसे भी पढ़ें: 'पाकिस्तान को आतंकवाद के नतीजे भुगतने होंगे', संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने शहबाज़ शरीफ़ को दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा, ‘‘हमने एक ऐसे शासन से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर कुछ पाखंडपूर्ण उपदेश सुने हैं, जिसकी राजधानी को अपने ही लोगों से बचाने के लिए इसी समय किलेबंद किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन है। उसकी कठपुतलियां आती-जाती रह सकती हैं, लेकिन इस बात को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि असल में फैसले कौन करता है। पाकिस्तान की वास्तविकता उसके 27वें संविधान संशोधन और उसके असली शासक को दी गई आजीवन कानूनी छूट से जाहिर होती है।’’ गहलोत ने पिछले साल नवंबर में शहबाज शरीफ सरकार द्वारा पारित उस 27वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए यह बात की जिसके तहत पाकिस्तान के ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को किसी भी कानूनी मुकदमे से आजीवन छूट दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि यह महासभा पाकिस्तान और उसकी नीतियों को उनके वास्तविक स्वरूप में देखेगी, न कि उस रूप में जैसे उसके प्रतिनिधि झूठे तरीके से पेश करते हैं। साल-दर-साल झूठ दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। पाकिस्तान का आतंकवाद, छल और दोहरा रवैया न तो उसके लिए और न ही दुनिया के लिए फायदेमंद होगा।’’ हम आपको बता दें कि शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में ट्रंप को उनके ‘‘दृढ़तापूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व’’ के लिए धन्यवाद देते हुए कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति के ‘‘समय पर हस्तक्षेप’’ ने दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बचाई। शहबाज शरीफ ने करीब 23 मिनट के अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है कि दक्षिण एशिया फिर कभी 2025 के संघर्ष जैसी स्थिति में न पहुंचे।

उधर, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को याद दिलाया कि शहबाज शरीफ ने ये ‘‘विचित्र टिप्पणियां’’ ऐसे समय में की हैं जब महज दो सप्ताह पहले न्यूयॉर्क और दुनिया ने 11 सितंबर के भीषण आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाई थी। गहलोत ने कहा, ‘‘इस संदर्भ को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि उस हमले का मुख्य साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की प्रमुख अकादमी के बिल्कुल पास रह रहा था।’’ गहलोत ने शरीफ द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाए जाने को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘और यह हमेशा ऐसा ही रहेगा। लेकिन अगर हमें कश्मीर की ही बात करनी है तो आइए, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर ध्यान देते हैं। रावलाकोट के लोगों से बेमतलब की उन हत्याओं, बर्बर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछिए जिनका वे लंबे समय से सामना कर रहे हैं।’’

हम आपको बता दें कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विवादित सीट को लेकर पिछले कई महीनों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे लेकर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई भी की और हाल में तथाकथित विधानसभा के लिए हुए चुनावों में धांधली के आरोप भी लगे। गहलोत ने सीमा पार आतंकवाद की पाकिस्तान की ‘‘लंबे समय से बरकरार नीति’’ की आलोचना करते हुए कहा कि भारत ने पिछले साल दिखा दिया था कि ‘‘आतंकवादियों के पास न भागने की जगह होगी और न छिपने की।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘हम आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद जारी रहने के परिणाम होंगे। इससे स्वाभाविक रूप से उन व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठेंगे, जिनकी बुनियाद मित्रता और सद्भावना पर रखी गई थी।’’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज शरीफ द्वारा व्यक्त किए गए विचार ‘‘ऐसे लोगों की ओर से आए हैं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘इस महासभा में धार्मिक असहिष्णुता पर उस शासन की ओर से टिप्पणियां की गईं, जिसकी व्यवस्था का एक प्रमुख आधार ईशनिंदा कानून हैं। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। कोई भी दिखावटी खोखली बात दुनिया को गुमराह नहीं कर सकती।’’

दूसरी ओर, जयशंकर के बयान की बात करें तो आपको बता दें कि मामला शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उस समय गरमा गया, जब जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यान्ती समुद्री परिवहन और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बनाए गए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की जानकारी दे रहे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया कि भारत पाकिस्तान में कथित आतंकवाद को प्रायोजित करना कब बंद करेगा? सवाल पूरा होते ही जयशंकर ने पलटवार किया, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। चलिए भी।” भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि हरिश पर्वतनेनी ने भी साफ कर दिया कि जवाब सुना जा चुका है और वह बिल्कुल स्पष्ट है।

उधर, संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में बड़ी बड़ी बातें करने वाले शहबाज शरीफ से आतंकवाद के मुद्दे पर सवाल हुआ तो वह भाग खड़े हुए। हम आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते समय पत्रकारों ने उनसे सीधे पूछा— “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” इस पर शहबाज शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में बाहर निकलते समय उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया। इस सवाल पर भी उन्होंने चुप्पी साधी और भाग खड़े हुए। बहरहाल, संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान भारत पर आतंकवाद के आरोप लगाने पहुंचा, लेकिन सवाल जब उसके अपने दरवाजे पर पहुंचा तो जवाब गायब हो गया। 

Continue reading on the app

चेस ओलिंपियाड-भारत ने जर्मनी को 2.5-1.5 से हराया:मेंस टीम दूसरे स्थान पर; गुकेश ने डोनचेंको को मात दी

46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 9वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने जर्मनी को 2.5-1.5 से हराया। भारत के लिए डी. गुकेश ने अलेक्जेंडर डोनचेंको को हराकर महत्वपूर्ण जीत दिलाई। इस रिजल्ट के बाद भारत 15 मैच-पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया। मेजबान उज्बेकिस्तान 16 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। गुकेश ने मुश्किल स्थिति से जीत दिलाई जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी। निहाल सरीन की बाजी ड्रॉ हो चुकी थी, जबकि आर. प्रज्ञानानंद और अर्जुन एरिगैसी की बाजियां भी बराबरी पर थीं। गुकेश की स्थिति खराब थी। इसके बावजूद गुकेश ने खेल जारी रखा और डोनचेंको की गलती का फायदा उठाया। उन्होंने शानदार चाल चलते हुए बाजी की दिशा पलट दी और कुछ ही चालों में जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने मैच 2.5-1.5 से अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने अमेरिका को हराया मेजबान उज्बेकिस्तान ने 9वें राउंड में अमेरिका को हराया। नोदिरबेक याकुबोव ने हंस नीमन के खिलाफ जीत दर्ज की। उज्बेकिस्तान 16 मैच-पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। भारत के अलावा उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम और आर्मेनिया के भी 15-15 पॉइंट्स हैं। विमेंस टीम ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया भारतीय विमेंस टीम ने 9वें राउंड में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया। इस जीत के बाद भारत के 15 मैच-पॉइंट्स हो गए। चीन 17 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने भारत के लिए जीत दर्ज की। बी. सविता श्री की लगातार 7 जीत का सिलसिला ड्रॉ के साथ रुक गया। उन्होंने गुइल्डोना करीमोवा के खिलाफ बाजी बराबर की। कोनेरू हंपी की बाजी भी ड्रॉ रही। अगले राउंड में चीन से खेलेगी विमेंस टीम भारतीय मेंस टीम का अगला मुकाबला उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम से होगा। विमेंस टीम चीन के खिलाफ खेलेगी। टूर्नामेंट में अब दो राउंड बाकी हैं। --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड- भारत का टॉप पर पहुंचने का मौका छूटा:अजरबैजान ने 2-2 पर रोका, विमेंस में सविता श्री ने लगातार 7वां मैच जीता समरकंद में चल रहे 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 8वें राउंड में डिफेंडिंग चैंपियन भारत की मेंस और विमेंस टीम को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। मेंस कैटेगरी में भारत को अजरबैजान ने 2-2 से रोका। विमेंस कैटेगरी में भी कजाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला 2-2 से बराबर रहा। भारत की मेंस टीम के पास टॉप पर पहुंचने का मौका था, लेकिन ड्रॉ के कारण यह मौका छूट गया। पूरी खबर

Continue reading on the app

  Sports

'2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने भविष्य के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में आयोजित होने वाला 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारतीय जर्सी में उनका आखिरी विश्व कप होगा। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से पहले कोहली ने साफ कर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व विजेता बनाना है, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।

कोहली ने तीन मैचों की सीरीज़ से पहले JioStar से कहा, "मेरे लिए, यह भारत के लिए खेलने वाला आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। जैसे, आप जानते हैं, अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, लक्ष्य तो वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूँ।" अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला 2027 वर्ल्ड कप, कोहली का चौथा वनडे वर्ल्ड कप होगा।

37 वर्षीय खिलाड़ी की ये बातें एक ऐसे वनडे साइकल की शुरुआत में आई हैं जिसमें हर मैच का महत्व बढ़ जाता है। भारत ने वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के लिए अपनी टीम में कोहली और रोहित शर्मा को शामिल किया है, जबकि शुभमन गिल कप्तान बने रहेंगे क्योंकि टीम 2027 के टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर रही है।

2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से, उन्होंने 12 वनडे मैचों में 76 की औसत से 760 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। 2025 की शुरुआत से, उनके नाम 64.68 की औसत से 1,035 रन हैं, जबकि उनके पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक और सात बार पचास या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं।

उम्मीदों की चिंता नहीं करेंगे
ये आंकड़े उनके खेलने के तरीके में आए एक साफ़ बदलाव के साथ आए हैं। कोहली ने कहा, "सबसे पहले तो बदलाव यह आया है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं अब और खुलकर खेलूंगा। मैं लोगों की उम्मीदों की चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय तक मेरा रोल पारी को संभालने और स्थिरता लाने का रहा है।"

यह आज़ादी पिछले कुछ IPL सीज़न में साफ़ दिखी है, जहाँ कोहली पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से रन बना रहे हैं। IPL 2026 में, उन्होंने 16 मैचों में 165.85 के स्ट्राइक रेट से 675 रन बनाए। उन्होंने अपनी सबसे तेज़ IPL फ़िफ़्टी भी लगाई और RCB को टाइटल बचाने में मदद की।

ओपनिंग बैटर के तौर पर खेलने से कोहली को रिस्क लेने की हिम्मत मिली; अब वह आउट होने को अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकामी नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्होंने यह सीख अपने ODI क्रिकेट में भी अपनाई है। इसका मतलब ज़िम्मेदारी छोड़ना नहीं है। बल्कि, कोहली अपने अनुभव का इस्तेमाल करके क्रीज़ पर जमने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा असरदार खेलना चाहते हैं।

"मैं खेल में फ़र्क लाने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि 30-40 रन ज़्यादा बन सकें। मैं ऐसी सोच के साथ खेलना चाहता हूँ कि अगर मैं रिस्क नहीं ले रहा हूँ, तो इसलिए नहीं कि मैं डर रहा हूँ, बल्कि इसलिए कि मैं खुद को ऐसी स्थिति में ला रहा हूँ जहाँ मैं कह सकूँ - ठीक है, अब तेज़ी से रन बनाने का समय आ गया है।"

कोहली का मानना ​​है कि यह सोच ODI गेम में बहुत काम आ सकती है, जहाँ आजकल बहुत ज़्यादा रन बन रहे हैं।

"खेल का मिज़ाज बदल रहा है। खासकर जब हालात तेज़ और अच्छे हों, और दूसरी टीमें आपको 340-350 रन बनाने के लिए मजबूर कर रही हों, तो हमें भी 350-360 रन बनाने में सक्षम होना चाहिए। अब मैं रिस्क लेने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं उस समय रन बना लूँ, तो हम आसानी से 350-360 तक पहुँच जाएँगे। और अगर मैं ऐसा कर पाता हूँ और ज़्यादा देर तक क्रीज़ पर टिकता हूँ, तो आखिर में और भी तेज़ी से रन बना सकता हूँ।"

कोहली के लिए यह बदलाव जितना टेक्निकल था, उतना ही मानसिक भी। "मुझे अपने मन में उस आज़ादी को थोड़ा महसूस करना था। इससे मुझे IPL में भी मदद मिली। मैं उसी आज़ादी के साथ खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया, तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।"

उनका कहना है कि यह आज़ादी उन्हें अपने आस-पास के लोगों पर भरोसा करने से मिलती है। "मुझे भरोसा है कि मेरे आस-पास दूसरे खिलाड़ी भी हैं जो बहुत अच्छे हैं और स्थिति को संभाल लेंगे। मुझे खुलकर खेलना है और लगातार ऐसा करने का तरीका खोजना है। मेरे करियर के इस पड़ाव पर यह रोमांचक भी है।"

अब, जब 2027 वर्ल्ड कप में 14 महीने से भी कम समय बचा है, कोहली की नज़रें एक आखिरी अभियान पर हैं - और उन्हें साफ़ पता है कि वह इसे किस तरह से खेलना चाहते हैं।

Sat, 26 Sep 2026 16:05:00 +0530

  Videos
See all

Samastipur Viral Video: लड़की से बदसलूकी का नया Video, सामने आया हैवानियत का चेहरा | Bihar Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-26T10:37:57+00:00

India Attack On Pakistan: UN में पाकिस्तान को भारत का कड़ा जवाब | Indian Diplomat | Shehbaz Sharif #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-26T10:45:07+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers