पश्चिम बंगाल SSC शिक्षक भर्ती घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 698 करोड़ की संपत्ति अटैच
पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई (ED Action) सामने आई है। ईडी कोलकाता जोनल ऑफिस ने बुधवार को विधायक जीवन कृष्णा साहा, प्रसन्न कुमार राय और अन्य आरोपियों की करोड़ों की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी का आरोप है …
सुप्रीम कोर्ट बोला- कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती:SIR के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, 7 दस्तावेज तय तो 11 क्यों मांग रहे
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बैंच बिहार समेत विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया के विरोध में लगाई गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने दलीलें रखीं। जस्टिस बागची ने दस्तावेजों की सूची का जिक्र करते हुए कहा कि जहां फॉर्म-6 में 7 दस्तावेज तय हैं, वहीं SIR प्रक्रिया में 11 दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या आयोग मनमाने ढंग से दस्तावेज जोड़-घटा सकता है। मामले की आगे की सुनवाई गुरुवार को होगी। कोर्टरूम लाइव SIR पर पिछली मुख्य 5 सुनवाई 20 जनवरीः चुनाव आयोग बोला- सभी राज्यों की SIR प्रोसेस अलग चुनाव आयोग ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) प्रक्रिया में जिनके नाम कटे हैं, अभी तक किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे किसी एक मामले के तथ्यों को उठाकर उन्हें किसी दूसरे राज्य की SIR प्रक्रिया पर लागू करना गलत होगा, क्योंकि हर जगह प्रक्रिया अलग रही है। पूरी खबर पढ़ें… 19 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के वोटर्स को नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 1.25 करोड़ वोटर्स को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका दिया। कहा कि वे 10 दिन में अपने डॉक्यूमेंट्स चुनाव आयोग को पेश करें। कोर्ट ने कहा चुनाव आयोग गड़बड़ी वाली वोटर लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक तौर पर लगाए, ताकि लोगों को पता चल सके। पूरी खबर पढ़ें… 15 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा था- हम देश निकाला नहीं दे रहे चुनाव आयोग ने SC में कहा था- SIR के तहत आयोग सिर्फ यह तय करता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने के योग्य है या नहीं। इससे सिर्फ नागरिकता वेरिफाई की जाती है। SIR से किसी का डिपोर्टेशन (देश से बाहर निकालना) नहीं होता, क्योंकि देश से बाहर निकालने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। 6 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा- लिस्ट को सही रखना हमारा काम चुनाव आयोग (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसे वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) कराने का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी बताया कि उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि कोई भी विदेशी नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल न हो। आयोग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और जज जैसे सभी प्रमुख पदों पर नियुक्ति के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। पूरी खबर पढ़ें… 26 नवंबर: चुनाव आयोग बोला- राजनीतिक पार्टियां डर का माहौल बना रहीं सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर को SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा, SC का केंद्र को नोटिस:कहा- छूट संविधान की भावना के खिलाफ हो सकती है, न्यायिक जांच की जरूरत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (EC) को उनके आधिकारिक कामों के लिए आजीवन कानूनी इम्युनिटी (सुरक्षा) देने वाला प्रावधान संविधान की भावना के खिलाफ हो सकता है। लॉ ट्रेंड के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (EC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




