ASP अनुज पर FIR का आदेश देने वाले जज हटे:संभल के नए CJM आदित्य सिंह, जामा मस्जिद का सर्वे करवाया था, UP में 14 जज बदले
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार की शाम बड़ा फेरबदल किया। 14 जजों के तबादले कर दिए हैं। लिस्ट में तीन जिला जज स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल सर्विसेज रजनीश कुमार की ओर से लिस्ट जारी की गई है। लिस्ट में चौंकाने वाला नाम संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का है। विभांशु ने 9 जनवरी को ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। आरोप है कि संभल हिंसा के दौरान ASP अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने एक युवक को गोली मार दी थी। विभांशु को सुल्तानपुर में सिविल जज सीनियर डिवीजन के पद पर भेजा गया है। चंदौसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह अब संभल के नए CJM हैं। आदित्य सिंह ने ही संभल के श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद दावे पर सर्वे के आदेश दिए थे। आदित्य कुमार सिंह को प्रमोशन दिया गया है। अब जानिए पुलिसकर्मियों पर क्यों FIR के आदेश हुए थे? संभल में नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन निवासी यामीन ने CJM कोर्ट में 6 फरवरी, 2025 को याचिका दायर की थी। यामीन ने बताया- उनका बेटा आलम 24 नवंबर, 2024 को रस्क (टोस्ट) बेचने घर से निकला था। शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने उसे गोली मार दी थी। यामीन ने तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी और संभल कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 12 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था। 9 जनवरी, 2026 को कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। यामीन के वकील चौधरी अख्तर हुसैन ने बताया- उनके मुवक्किल के बेटे ने पुलिस से छिपकर अपना इलाज कराया। कोर्ट से पूर्व सीओ अनुज चौधरी और पूर्व इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR की मांग की गई थी। SP केके बिश्नोई ने कहा था- फैसले के खिलाफ अपील करेंगे SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा था- हिंसा की ज्यूडिशियल इन्क्वायरी हो चुकी है। इसलिए ये FIR दर्ज नहीं की जाएगी। हम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। 24 नवंबर, 2024 को सर्वे के दौरान हिंसा में 4 की हुई थी मौत संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया था ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित सीओ अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। हिंसा के बाद पुलिस ने 3 महिलाओं सहित 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद और 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 18 जून को SIT ने 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है। CJM विभांशु ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई आदेश दिए CJM विभांशु सुधीर ने 24 दिसंबर, 2025 को संभल में फर्जी मुठभेड़ के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर पंकज लवानिया सहित 13 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया था। इनमें घटना के समय तैनात रहे 2 इंस्पेक्टर, 4 दरोगा और सिपाही शामिल थे। कोर्ट ने थाना बहजोई के थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि तत्काल मुकदमा दर्ज कर 3 दिनों के अंदर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपें। थाना बहजोई क्षेत्र में 7 जुलाई 2022 को मुठभेड़ के दौरान ओमवीर, धीरेंद्र और अवनेश को गिरफ्तार किया गया था। ओमवीर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत वाद में तत्कालीन सीओ गोपाल सिंह को फर्जी मुठभेड़ का आरोपी बताया था। अदालत ने आदेश दिया कि इस मामले में उन्हें शामिल न किया जाए। कहां-कहां तैनात रहे अब ट्रांसफर लिस्ट देखिए हरेन्द्रा नाथ: एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज / स्पेशल जज (POCSO एक्ट) अलका यादव: स्पेशल जज / एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन स्पेशल जज, गोंडा राजेंद्र कुमार सिंह: चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, सीतापुर को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कन्नौज श्रद्धा भारतीया: चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कन्नौज बनीं सिविल जज सीनियर डिवीजन, कन्नौज ज्योत्सना यादव: सिविल जज सीनियर डिवीजन बनीं एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कन्नौज स्नेहा: एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कन्नौज को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार विकास: स्पेशल जज / एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज बने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, फास्ट ट्रैक कोर्ट। उरूज फातिमा: एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बनाया गया। अंशु शुक्ला: एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बनीं एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) गौरव प्रकाश: सिविल जज (सीनियर डिवीजन) बने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, सीतापुर आदित्य सिंह: सिविल जज (सीनियर डिवीजन) बने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, संभल विभांशु सुधीर: चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को सिविल जज सीनियर डिवीजन, सुल्तानपुर बनाया गया। अलुनक्रिता शक्ति त्रिपाठी: सिविल जज सीनियर डिवीजन बनीं चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, सुल्तानपुर शुभम वर्मा: एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बने सिविल जज सीनियर डिवीजन, सुल्तानपुर ------------------------- ये भी पढ़ें... राहुल गांधी को दादा फिरोज का खोया ड्राइविंग लाइसेंस मिला:मां-बहन को तुरंत व्हाट्सऐप किया, रायबरेली में एक परिवार ने सहेजकर रखा था कांग्रेस नेता राहुल गांधी रायबरेली दौरे पर थे। राहुल को उनके दादा और पूर्व सांसद फिरोज गांधी का दशकों पहले खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा गया। जिसे देखकर राहुल भावुक हो उठे। राहुल ने लाइसेंस को बड़े गौर से देखा और तुरंत उसकी तस्वीर अपने मोबाइल से अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी को वॉट्सऐप के जरिए भेजी। पढ़ें पूरी खबर...
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