दिल्ली लीग के फिक्सिंग आरोपों का IPL कनेक्शन:CSK के 5 मैचों की प्लेइंग-XI लीक करने का दावा; पूर्व खिलाड़ी का दावा-3 करोड़ रुपए कमाए
दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में प्लेइंग-XI लीक और स्पॉट-फिक्सिंग के आरोपों के बीच मामला IPL तक पहुंच गया है। तहलका के स्टिंग में पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया ने दावा किया कि उसने 2025 IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पांच मैचों के प्लेइंग-XI की जानकारी टॉस से पहले बुकीज तक पहुंचाई थी। इसके बदले उसे हर मैच के लिए 60 लाख रुपए मिले और पांच मैचों से करीब 3 करोड़ रुपए कमाए। CSK की प्लेइंग-XI से जुड़ा क्या दावा है? तहलका की रिपोर्ट के मुताबिक, भाटिया ने कहा कि उसे CSK की अंतिम प्लेइंग-XI की जानकारी टीम से जुड़े एक खिलाड़ी से टॉस से पहले मिलती थी। वह जानकारी स्नैपचैट के जरिए लंदन में मौजूद बुकीज तक पहुंचाने का दावा करता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अंदरूनी जानकारी को सीधे खिलाड़ियों के नाम से साझा करने के बजाय कथित तौर पर कोड और इमोजी का इस्तेमाल किया जाता था। DPL में भी वही तरीका अपनाने का दावा भाटिया ने बाद में DPL के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था की बात कही। पहले उसने पुरानी दिल्ली 6 की प्लेइंग-XI उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन DPL 2026 शुरू होने के बाद उसने सेंट्रल दिल्ली किंग्स की टीम की जानकारी देने का दावा किया। 3 अगस्त के सेंट्रल दिल्ली बनाम नॉर्थ दिल्ली मुकाबले में स्टिंग के जरिए प्लेइंग-XI पहले उपलब्ध कराने का उदाहरण भी रिपोर्ट में दिखाया गया। IPL से DPL तक कैसे जुड़ रहा है मामला? IPL में टीम की अंदरूनी जानकारी हासिल करने वाला कथित नेटवर्क बाद में DPL में भी इस्तेमाल किया जाना था। भाटिया ने IPL के लिए 60 लाख रुपए प्रति मैच और DPL की जानकारी के लिए अलग रकम की बात की थी। तहलका की रिपोर्ट के अनुसार, DPL में उसने पहले 40 लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा 3 लाख रुपए में तय होने का दावा किया गया। वंश बेदी का नाम क्यों आया? IPL कनेक्शन में वंश बेदी का नाम अलग वजह से चर्चा में आया है। बेदी 2025 में CSK के स्क्वॉड का हिस्सा थे और 2026 DPL में सेंट्रल दिल्ली किंग्स के लिए खेले। हालांकि, रिपोर्ट में उन्हें कथित सूचना-स्रोत के तौर पर नामित नहीं किया गया है। दूसरी ओर, DDCA के मुताबिक बेदी ने खुद DPL के दौरान एक कथित फिक्सिंग अप्रोच की शिकायत एंटी करप्शन विंग को की थी। इसलिए फिलहाल उन्हें स्टिंग में बताए गए सूचना-स्रोत से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। दिल्ली प्रीमियर लीग क्या है? दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) की टी-20 फ्रेंचाइजी लीग है। टूर्नामेंट में दिल्ली की अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेती हैं और मुकाबले टी-20 फॉर्मेट में खेले जाते हैं। DPL का तीसरा सीजन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक खेला गया। इसमें आठ टीमें शामिल थीं। फाइनल में साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज ने सेंट्रल दिल्ली किंग्स को हराकर खिताब जीता। 2013 में श्रीसंत का नाम आया था 2013 के IPL स्पॉट-फिक्सिंग कांड के बाद BCCI ने एंटी करप्शन सिस्टम (ACU) को और सख्त किया। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को या बुकी के संपर्क की जानकारी तुरंत ACU को देना जरूरी है। जांच के दौरान फोन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं, जबकि दोष साबित होने पर अपराध की गंभीरता के अनुसार कई साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक की सजा हो सकती है। 2013 मामले में एस. श्रीसंत, अंकित चव्हाण, अजीत चंडिला, सिद्धार्थ त्रिवेदी, अमित सिंह समेत कई खिलाड़ियों पर कार्रवाई हुई, जबकि बाद के मामलों में हिकेन शाह पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया।
एशियन गेम्स- पीटी उषा ने आवास मॉडल पर सवाल उठाया:कहा- ज्यादातर देशों ने इसका विरोध किया था, हम विलेज सिस्टम चाहते थे
इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने एशियन गेम्स के आवास मॉडल पर सवाल उठाए हैं। जापान के आइची-नागोया में हो रहे गेम्स में इस बार एथलीट्स विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ी अलग-अलग जगहों पर ठहरे हैं। मुख्य आवास के तौर पर क्रूज शिप का इस्तेमाल हो रहा है। उषा ने कहा कि इस फैसले का ज्यादातर देशों ने विरोध किया था और हम विलेज सिस्टम चाहते थे। उषा बोलीं- विलेज सिस्टम हमेशा अच्छा रहता है उषा गेम्स की कोऑर्डिनेशन कमेटी का हिस्सा थीं। उन्होंने बताया कि कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने भी इस मॉडल पर आपत्ति जताई थी। उषा ने कहा- ‘ज्यादातर देशों ने विरोध किया था। मैंने भी किया था। विलेज सिस्टम हमेशा अच्छा रहता है।’ उषा ने बताया कि उन्होंने 1982 से अब तक ज्यादातर एथलीट्स विलेज देखे हैं। उनके मुताबिक, इस बार का शिप मॉडल उनसे बिल्कुल अलग है। ऊषा ने कहा- विलेज खिलाड़ियों को जोड़ता है उषा के मुताबिक, एथलीट्स विलेज सिर्फ रहने की जगह नहीं होता। वहां अलग-अलग देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे से मिलते हैं। उन्होंने कहा- ‘सभी लोग एक जगह आ सकते हैं, एक-दूसरे से मिल सकते हैं और घुल-मिल सकते हैं। यही चीज विलेज को खास बनाती है।’ उषा ने माना कि मौजूदा व्यवस्था में खिलाड़ियों के रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। लेकिन सेंट्रलाइज्ड विलेज नहीं होने से लॉजिस्टिक्स और समन्वय मुश्किल हो सकता है। वेन्यू दूर होने से गेम्स देखना मुश्किल उषा ने गेम्स के वेन्यू के बीच दूरी को भी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पहले के एशियन गेम्स, ओलिंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में वेन्यू पास होते थे। उन्होंने कहा- ‘हमारे समय में सुविधाएं ज्यादा नहीं थीं, लेकिन वेन्यू बहुत पास होते थे। अगर एक वेन्यू से दूसरे जाना हो, तो आसानी होती थी।’ मौजूदा गेम्स के बारे में उन्होंने कहा- ‘यहां अगर मुझे शूटिंग से क्रिकेट जाना हो, तो दूसरा रास्ता लेना पड़ेगा। इसलिए कई गेम्स देखने की इच्छा हो, तो मैं सिर्फ एक वेन्यू जा सकती हूं।’ उन्होंने माना कि अलग-अलग जगहों पर आयोजन से वहां खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो सकता है। हालांकि, इससे वेन्यू तक पहुंचना मुश्किल होता है। उषा का मानना विलेज कल्चर नहीं बदलेगा’ उषा ने कहा कि जापान में अपनाया गया यह मॉडल पारंपरिक एथलीट्स विलेज का विकल्प बनने की शुरुआत नहीं है। उन्होंने कहा- ‘मुझे नहीं लगता कि विलेज कल्चर बदलेगा, क्योंकि जब हम कमेटी में थे, तब किसी को भी यह विचार पसंद नहीं आया था।’ ------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स-2026 में भारत को पहला गोल्ड:भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार सोना जीता; श्रीलंका को 147 रन से हराया भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत लिया है। टीम ने मंगलवार को फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराया। भारत ने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
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