नितिन नबीन भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष:आज ऐलान होगा, निर्विरोध चुने गए; 46 साल पुरानी पार्टी के 12वें प्रेसिडेंट
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होगें। सोमवार को दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। 45 साल के नबीन पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनसे पहले अमित शाह 49 साल की उम्र में पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट चुने गए थे। नामांकन प्रक्रिया के बाद राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा- इस पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ है। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी वैध पाए गए। अब नितिन के नाम का औपचारिक ऐलान आज किया जाएगा। नॉमिनेशन प्रक्रिया के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत सभी राज्यों के सीएम और सीनियर नेताओं ने नितिन के समर्थन में नामांकन पत्र जमा किया था। भाजपा ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी 5 तस्वीरें… नितिन की पत्नी बोलीं- हीरे की परख जौहरी को ही नितिन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा- केंद्रीय नेतृत्व को पहचान है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम, हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने हीरा चुनकर निकाल लिया। पार्टी के लिए नितिन ने दिन रात मेहनत की। उनकी मेहनत का फल उन्हें मिल गया। लक्ष्मण बोले- हर सेट पर 20 नेताओं के साइन राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 36 में से 30 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पूरे होने के बाद शुरू की गई। जो की 50% जरूरी आंकड़े से ज्यादा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दाखिल कुल 37 सेट नामांकन पत्रों में से 36 सेट अलग-अलग राज्यों से आए, जिनमें हर सेट पर 20 नेताओं के साइन थे। जबकि एक अलग नॉमिनेशन सेट भाजपा के संसदीय बोर्ड के सदस्यों की ओर से प्रस्तावित किया गया, जिस पर प्रधानमंत्री सहित 37 सांसदों के साइन थे। 45 साल के नितिन नबीन सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष बने, जबकि राजनाथ सिंह ने दो बार यह जिम्मेदारी संभाली। नितिन नबीन सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। बिहार से हैं नितिन, 5 बार विधायक रहे नए भाजपा अध्यक्ष के कार्यकाल में 11 अहम चुनाव पिछले 6 महीने में 3 प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए पिछले 6 महीने में तीन राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। जुलाई में हेमंत खंडेलवाल को एमपी का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था। उसके बाद दिसंबर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सात बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष चुन गया था। उनके अलावा किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं जनवरी में झारखंड में आदित्य साहू को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली। जानिए कैसे चुना जाता है अध्यक्ष भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद करती है, जिसमें लगभग 5,708 सदस्य शामिल हैं। इसमें राष्ट्रीय परिषद और सभी राज्य परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं, जो देश के 30 से अधिक राज्यों से आते हैं। लेकिन अगर केवल एक नामांकन होता है, तो मतदान की जरूरत नहीं होगी। ----------------------------- नितिन नबीन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नितिन नबीन के BJP कार्यकारी अध्यक्ष बनने की इनसाइड स्टोरी:PM की ऑनलाइन मीटिंग, शाह ने लेटर बनवाया, सिर्फ तीन राजदार BJP के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह लखनऊ में एक कार्यक्रम में थे। तभी उनके फोन की घंटी बजी। ये फोन गृह मंत्री अमित शाह का था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम फाइनल हो गया है। नितिन नबीन के नाम का लेटर जारी कर दो। अगले एक घंटे के भीतर लेटर तैयार होकर पार्टी और संगठन के बीच सर्कुलेट हो गया। नितिन नबीन के राष्ट्रय अध्यक्ष बनने की कहानी, पूरी खबर पढ़ें…
BMC मेयर पद- शिवसेना ने फिर दावेदारी के संकेत दिए:शिंदे बोले- कार्यकर्ताओं की इच्छा, बाल ठाकरे जन्मशती पर शिवसैनिक मेयर बने
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मेयर पद पर शिवसेना की दावेदारी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है। शिवसैनिकों की इच्छा है कि इस मौके पर BMC में शिवसेना का मेयर होना चाहिए। हालांकि शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना कोई ऐसा फैसला नहीं करेगी जो जनादेश के खिलाफ हो। उन्होंने याद दिलाया कि BMC चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने गठबंधन में लड़े थे। जिन नगर निगमों में शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा है, वहां महायुति का ही मेयर बनेगा। महाराष्ट्र में BMS समेत 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को चुनाव हुए थे और 16 जनवरी को रिजल्ट आया था। BMC के 227 सीटों में भाजपा को 89 और शिंदे गुट को 29 सीटें मिली थीं। मेयर के लिए बहुमत का आंकड़ा 114 है। इसके लिए भाजपा को शिंदे गुट के 25 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने 29 पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराया है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि होटल में पार्षदों के लिए ओरिएंटेशन वर्कशॉप किया जा रहा है, ताकि उन्हें देश की सबसे समृद्ध नगर निकाय BMC के कामकाज की जानकारी दी जा सके। मेयर पद के लिए 22 जनवरी को निकालेगी लॉटरी 29 नगर निगमों में मेयर पद के लिए 22 जनवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें यह तय होगा कि पद ओपन कैटेगरी, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। कैटेगरी तय होते ही उसी दिन या अगले दिन अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सात दिन का नोटिस अनिवार्य होने के कारण मेयर चुनाव 29 या 30 जनवरी को होने की संभावना है। अगर अधिसूचना 23 जनवरी को जारी हुई तो मतदान 30 या 31 जनवरी को कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री फडणवीस 24 जनवरी को स्विट्जरलैंड से वापस आएंगे। राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं... पूरा विपक्ष जुटे तब भी 8 पार्षद कम, मुंबई कांग्रेस में ‘गृहयुद्ध’ शिवसेना (यूबीटी) 65 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि MNS ने 6 सीटें और NCP (एसपी) को 1 सीट मिली है। इन तीनों की कुल सीटें 72 हैं। कांग्रेस ने 24 वार्डों में, ओवैसी की पार्टी ने 8 सीटों पर और समाजवादी पार्टी ने 2 वार्डों में जीत हासिल की है। अगर पूरा विपक्षी खेमा एक हो भी जाए तो कुल आंकड़ा 106 होगा। यानी बहुमत से 8 सीटें कम। यहीं से पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दलबदल का खतरा नजर आ रहा है। ठाकरे परिवार अगर 8 पार्षदों को अपने साथ मिलाने में कामयाब होता है तो BMC पर भाजपा का कब्जा रोक सकती है। बीएमसी चुनाव में हार के बाद मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कलह सड़कों पर आ गई है। हार का ठीकरा मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ पर फोड़ने वाले नेता जगताप को कांग्रेस आलाकमान ने ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... महाराष्ट्र में शिवसेना-NCP का वोट अब BJP का: ठाकरे मुंबई तक सिमटे, शिंदे के पास ठाणे, सिर्फ BJP ‘ऑल स्टेट’ पार्टी मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, नागपुर, पिंपरी चिंचवाड और नासिक, महाराष्ट्र के ज्यादातर बड़े नगर निगम अब BJP के हैं। मराठी मानुस की राजनीति करने वाले उद्धव और राज ठाकरे मुंबई तक सिमट गए। BJP के सहयोगी एकनाथ शिंदे सिर्फ ठाणे जीत पाए। BJP का साथ छोड़ चाचा शरद पवार के साथ चुनाव लड़े अजित पवार सबसे बड़े लूजर बन गए। कांग्रेस लातूर और चंद्रपुर के अलावा हर जगह हार गई। पढ़ें चुनाव का एनालिसिस...
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