नोएडा सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन साइट पर जलभराव वाले गड्ढे में कार गिरने से हुई 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। नोएडा अथॉरिटी ने कहा कि उसके चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, लोकेश एम, ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को तुरंत नौकरी से निकालने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों सेक्टर 150 के पास एक निर्माणाधीन इलाके में सड़क पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण एक कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी थी। इस हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौके पर ही जान चली गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि साइट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही रात के समय वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी।
संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
इसके अलावा, सेक्टर 150 और उसके आसपास ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ज़िम्मेदार अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।बयान में कहा गया है कि सीईओ ने डेवलपर लोटस के अलॉटमेंट और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों के बारे में संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और साइट पर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
यह कहते हुए कि कंस्ट्रक्शन साइटों पर सुरक्षा नियमों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अथॉरिटी ने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने इलाकों में चल रहे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा उपायों का फिर से निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
बचाव प्रयासों में देरी के आरोपों के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद बचाव प्रयासों में लापरवाही और देरी के आरोपों के बीच हुई है। युवराज मेहता टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के रहने वाले थे, जिनकी कार शनिवार तड़के सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से ज़्यादा गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी।
पुलिस ने बताया कि मेहता, जो गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे, काम से घर लौट रहे थे जब घने कोहरे के बीच यह हादसा हुआ। उनका शव फायर डिपार्टमेंट, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद किया गया।
टेकी की मौत पर निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया
एक चश्मदीद, जो एक डिलीवरी एजेंट था, ने दावा किया कि बचाव प्रयासों में देरी हुई और सुझाव दिया कि अगर कार्रवाई तेज़ी से की जाती तो मेहता बच सकते थे। निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने हादसे वाली जगह पर अपर्याप्त बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर की कमी का आरोप लगाया।
पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि बचाव अभियान में लापरवाही से इनकार किया है। विरोध प्रदर्शनों के बाद, नोएडा अथॉरिटी ने उस जगह पर बैरिकेड लगा दिए हैं।
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अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे तनाव और मिडिल ईस्ट में फैली अशांति के बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने संयुक्त अरब अमीरात यानी कि यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत आने वाले हैं। और रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कल यानी कि 19 जनवरी को दिल्ली आ सकते हैं। इस खबर के बाहर आते ही अमेरिका के वाशिंगटन से लेकर पाकिस्तान के इस्लामाबाद तक में जोरदार हड़कंप मच गया है। दिल्ली में होने वाली इस मीटिंग पर क्यों नजरें गड़ाए बैठे हैं? बता दें कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी देशों खासकर यूएई और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ रहा है। साथ ही ईरान को लेकर क्षेत्रीय समीकरण भी बदल रहे हैं।
ऐसे वक्त में भारत और यूएई अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक यूएई के राष्ट्रपति का यह दौरा भारत में महज आधे दिन का ही हो सकता है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं और इसी मजबूत रिश्ते की वजह से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच पिछले 10 सालों में होने वाली कई बड़ी मुलाकातों में से एक होने वाला है। दरअसल भारत और यूएई ने रक्षा सहयोग को और बढ़ाने का काम किया है। ऐसे में कयास यह लगाए जा रहे हैं कि यूएई और भारत में आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की डील होने वाली है। दोनों देशों के बीच यह डिफेंस डील करीब 600 मिलियन डॉलर की है और यह डील कई मायनों में बहुत अहम है और इसीलिए इस पर सभी की नजरें हैं और पाकिस्तान की टेंशन की वजह भी है।
दरअसल हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के आकाश डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल के छुड़ा दिए थे। और अब पाकिस्तान का करीबी दोस्त यूएई ही हिंदुस्तान से आकाश मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला है। ऐसे में पड़ोसी मुल्क के थिंक टैंक अब अपनी ही सरकार को कोसे जा रहे हैं। यानी कि शहबाज सरकार को कोसे जा रहे हैं। आकाश के एक वार से दुश्मन के कई टारगेट तबाह किए जा सकते हैं। यही वजह है कि यूएई समेत दर्जनों मुल्क इसके मुरीद हैं। यही बात पाकिस्तानी वजीर शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ मुनीर के साथ-साथ उनकी आवाम को भी हजम नहीं हो पा रही है। बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात इकलौता मुस्लिम देश है जो मिडिल ईस्ट में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।
दुनिया की बात करें तो संयुक्त अरब अमीरात चीन और अमेरिका के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। संयुक्त अरब अमीरात ही भारत का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिटिशंस भी बन चुका है। साल 2022 में हुआ इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी कि सीईपीए एक बड़ा कदम साबित हुआ। 2025 में दोनों देशों के बीच गैर तेल व्यापार 37.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया जो पिछले साल की तुलना में 34% ज्यादा है और इससे उम्मीद की जा रही है कि साल 2030 तक दोनों देशों के बीच 100 अरब डॉलर के गैर तेल व्यापार का लक्ष्य हासिल यह दोनों देश कर सकते हैं।
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