योग करने से पहले जान लें ये 10 नियम, नहीं तो फायदा रह जाएगा आधा
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय संस्कृति में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। योग शब्द संस्कृत के युज से आया है, जिसका मतलब होता है जुड़ना या मिलना।
ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में योग का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि योग केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं बढ़ाता, बल्कि मानसिक शांति, ध्यान और आत्म-जागरूकता भी प्रदान करता है। समय के साथ योग न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में फैल गया और आज इसे योगा के नाम से जाना जाता है।
योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है।
सबसे पहला नियम है योग करने से पहले तन और मन की स्वच्छता। योग की शुरुआत से पहले न केवल शरीर साफ होना चाहिए, बल्कि आस-पास का वातावरण भी स्वच्छ होना चाहिए। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि स्वच्छता से मन शांत रहता है और ध्यान केंद्रित करना आसान होता है।
दूसरा नियम है योगासनों को खाली पेट करना। खाने के तुरंत बाद योग करने से पेट पर दबाव पड़ता है और आसनों का सही फायदा नहीं मिलता। अगर कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में थोड़ी शहद मिलाकर पी सकते हैं।
तीसरा नियम है मूत्र और आंतों का खाली होना। इससे शरीर को आराम मिलता है और योग करते समय किसी भी तरह की असुविधा नहीं होती।
चौथा नियम है योग की शुरुआत प्रार्थना या वंदना से। ऐसा करने से मस्तिष्क में अच्छे विचार आते हैं और मानसिक रूप से योग के लिए तैयार होना आसान होता है।
पांचवां नियम है योगासन को धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ करना। योग की गति तेज नहीं होनी चाहिए। धीरे-धीरे आसन करने से मांसपेशियों और जोड़ों को चोट से बचाया जा सकता है और शारीरिक लाभ भी बेहतर मिलता है।
छठा नियम है स्ट्रेचिंग और वॉर्म-अप करना। योगासन शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना मांसपेशियों को गर्म करता है और चोट लगने की संभावना कम करता है।
सातवां नियम है सही तकनीक और मुद्रा का अभ्यास। किसी भी नए योगासन को पहली बार करते समय ध्यान से सीखना जरूरी है। गलत मुद्रा से शरीर को नुकसान हो सकता है।
आठवां नियम है सही कपड़े पहनना। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना योग के लिए जरूरी है ताकि आसन करते समय शरीर को पूरी स्वतंत्रता मिले और रक्त संचार ठीक से हो।
नौवां नियम है सांस पर ध्यान देना। योग में श्वास का नियंत्रण बहुत अहम है। सही ढंग से सांस लेने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है।
दसवां नियम है योगाभ्यास के बाद विश्राम करना। सभी आसनों के बाद शरीर और मस्तिष्क को आराम देना जरूरी है। इससे शरीर में तनाव नहीं रहता और योग का पूरा लाभ मिलता है।
योग के ये नियम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखते हैं। इससे तनाव, चिंता और थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
---आईएएनएस
पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका ने सीरिया में की हॉकआई स्ट्राइक, अल-कायदा के एक लीडर को मार गिराया
वॉशिंगटन, 18 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अल-कायदा से जुड़े नेता को मार गिराया है। पिछले महीने सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें तीन अमेरिकी नागरिक मारे गए थे। वहीं जवाबी कार्रवाई में सेना ने सीरिया पर हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले से जुड़े अल-कायदा के एक लीडर की मौत की पुष्टि की है।
यूएस सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) ने कहा कि यह स्ट्राइक 16 जनवरी को नॉर्थ-वेस्ट सीरिया में की गई थी और इसमें बिलाल हसन अल-जसीम की मौत हो गई। अमेरिकी अधिकारियों ने बिलाल को एक सीनियर आतंकी बताया। इसका आईएसआईएस के साथ सीधा कनेक्शन था। बिलाल का उस गनमैन से संबंध था, जो 13 दिसंबर को सीरिया के पल्मायरा में हुए हमले के लिए जिम्मेदार था। इस हमले में दो अमेरिकी सेवा सदस्य और एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर मारे गए थे। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, हम कभी नहीं भूलेंगे, और कभी हार नहीं मानेंगे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, तीन अमेरिकियों की मौत से जुड़े एक आतंकी ऑपरेटिव की मौत हमारी सेना पर हमला करने वाले आतंकवादियों का पीछा करने के हमारे पक्के इरादे को दिखाती है। अमेरिकी नागरिकों और हमारे वॉरफाइटर्स पर हमले करने, उनकी साजिश रचने या उन्हें उकसाने वालों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। हम तुम्हें ढूंढ निकालेंगे।
दिसंबर में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमले के बाद सीरिया में अमेरिकी सैन्य एक्शन की सीरीज का ये सबसे नया मामला है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हमले के बाद से देश में आतंकवादी ठिकानों पर अमेरिकी सेना द्वारा जवाबी हमलों का यह तीसरा राउंड था।
सीईएनटीसीओएम ने कहा कि यह नया ऑपरेशन 13 दिसंबर के हमले के बाद शुरू किए गए एक बड़े कैंपेन का हिस्सा था। इसका मकसद सीरिया में आईएसआईएस की क्षमताओं को कमजोर करना है। इस ऑपरेशन को हॉकआई स्ट्राइक नाम दिया गया है।
एक बयान में, सीईएनटीसीओएम ने कहा कि अमेरिका और साझेदार सेनाओं ने ऑपरेशन के तहत सीरिया में 100 से ज्यादा आईएसआईएस इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियार साइट टारगेट पर हमला किया। इसमें 200 से ज्यादा सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। हमलों का मकसद इस समूह की अमेरिकी सेनाओं और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता को रोकना था।
हवाई हमलों के अलावा, अमेरिका और साझेदार सेनाओं ने पिछले साल ग्राउंड ऑपरेशन तेज कर दिए। सीरिया में 300 से ज्यादा आईएसआईएस ऑपरेटिव पकड़े गए हैं, जबकि 20 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि दिसंबर में हुए हमले ने सीरिया में आईएसआईएस सेल से लगातार खतरे को दिखाया है। अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस का मुकाबला करने के लिए सीरिया में अपने सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया है।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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