Responsive Scrollable Menu

भारत और अरब लीग ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर की चर्चा

काहिरा, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को अरब लीग के सचिव जनरल अहमद अबुल घीत के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच बड़े पैमाने पर राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर चर्चा हुई।

कीर्ति वर्धन सिंह और जनरल घीत ने इस महीने के आखिर में नई दिल्ली में होने वाली दूसरी भारत-अरब फॉरेन मिनिस्टीरियल मीट का भी स्वागत किया।

एमओएस सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, अरब लीग के सेक्रेटरी जनरल, अहमद अबुल घीत से मिलकर खुशी हुई। अरब लीग के साथ इंडिया के बड़े पैमाने पर राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर अच्छी बातचीत हुई। हमने इस महीने के आखिर में नई दिल्ली में होने वाली दूसरी इंडिया-अरब फॉरेन मिनिस्टीरियल मीट का भी स्वागत किया।

पिछले साल नवंबर में, विदेश मंत्रालय (एमईए) में सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ​​ने नई दिल्ली में अरब राजदूत के साथ एक कंसल्टेशन मीटिंग की अध्यक्षता की थी और दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की कोशिशों पर चर्चा की।

एक्स पर शेयर की गई एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, सचिव (दक्षिण) ने नई दिल्ली में अरब के राजदूत के साथ एक कंसल्टेशन मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग में भारत और अरब के बीच सहयोग को और मजबूत करने की कोशिशों पर चर्चा हुई।

भारत के उन देशों के साथ करीबी और दोस्ताना संबंध हैं जो अरब स्टेट्स लीग (एलएएस) बनाते हैं। इसे अरब लीग भी कहा जाता है। ये संबंध पुराने समय से हैं जब व्यापारी, विद्वान और राजदूत अक्सर अरब सागर और भारत को पश्चिम एशिया और अरब प्रायद्वीप से जोड़ने वाले जमीनी रास्तों से ज्ञान और सामान साझा करते थे। भाषा और धर्म के जुड़ाव के जरिए एक साझा सांस्कृतिक विरासत इन ऐतिहासिक रिश्तों को ऊर्जा देती रहती है।

अरब लीग की स्थापना 1945 में काहिरा में हुई थी, जिसमें शुरू में इन देशों के अलग-अलग हितों को बढ़ावा देने के लिए सात सदस्य थे। मिस्र में भारतीय दूतावास के बयान के अनुसार, अभी लीग में अरब दुनिया के 22 सदस्य देश हैं। इनमें उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के देश भी शामिल हैं।

अरब लीग के देश भारत के बड़े पड़ोस का हिस्सा हैं। इस क्षेत्र के साथ जुड़ाव को गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता, बड़े अंतरराष्ट्रीय विकास पर साझा विचार, और मजबूत आर्थिक और कमर्शियल संबंध, भारत-अरब संबंधों का आधार हैं। भारत का ज्यादातर बाहरी व्यापार स्वेज नहर, लाल सागर और अदन की खाड़ी से होकर गुजरता है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और आज ग्लोबल बिजनेस डायनामिक्स के भविष्य के रास्ते को आकार देने की बहुत ज्यादा क्षमता वाला एक ग्लोबल प्लेयर है। एलएएस और उसके सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय आर्थिक क्षेत्र में एक जरूरी भूमिका निभा रहे हैं और आर्थिक साझेदारी के कई मौके दे रहे हैं।

पिछले दशक में, भारत और अरब देशों ने अच्छे विकास और आर्थिक बदलावों का एक नया दौर देखा है, जो स्थिरता के तरीके से आर्थिक विकास का समर्थन करने में मदद करते हैं।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

ईरान में प्रदर्शन कर रहे 26 साल के सुल्तानी को नहीं दी जाएगी मौत की सजा, ट्रंप का आया रिएक्शन

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हजारों लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही दस हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच जानकारी सामने आई थी कि खामेनेई सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से 26 साल के सुल्तानी को फांसी पर लटकाया जाएगा। हालांकि, अब इस मामले में ताजा अपडेट सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया भी जाहिर की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट टैग करते हुए लिखा, राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरानी प्रदर्शनकारी को अब मौत की सजा नहीं दी जाएगी। दूसरों को भी ऐसा ही लगेगा। यह अच्छी खबर है। उम्मीद है, यह जारी रहेगा।

पहले की रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इरफान सुल्तानी का केस बिना फेयर ट्रायल के कुछ ही दिनों में आगे बढ़ गया। उन्हें गिरफ्तारी से लेकर सजा सुनाए जाने तक अपनी पसंद का वकील और दूसरे कानूनी अधिकार नहीं दिए गए।

सुल्तानी को विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जिसके बारे में एक्टिविस्ट्स ने चेतावनी दी थी कि उसे जल्द ही फांसी दी जाएगी। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि उसे मौत की सजा नहीं दी गई है और न ही उस पर ऐसे आरोप हैं जिनसे मौत की सजा का खतरा हो।

इरफान सुल्तानी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें तेहरान के बाहर करज में कैद किया गया और उन पर ईरान के इस्लामिक सिस्टम के खिलाफ प्रोपेगैंडा और नेशनल सिक्योरिटी के खिलाफ काम करने के आरोप हैं।

इसमें आगे कहा गया कि उसे मौत की सजा नहीं दी गई है और अगर वह दोषी पाया जाता है तो कानून के मुताबिक, सजा में जेल होगी, क्योंकि ऐसे आरोपों के लिए मौत की सजा का कोई प्रावधान नहीं है।

पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि 26 साल के सुल्तानी को 8 जनवरी को फार्डिस में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था और इसके एक हफ्ते से भी कम समय बाद बुधवार को फांसी दी जाएगी।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

शिवपुरी में घरेलू कलह बना मौत की वजह, घी को लेकर सास-बहू में झगड़ा

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है। घर के रोजमर्रा के इस्तेमाल की एक छोटी-सी चीज घी ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया, जिसने दो मासूम बच्चों से उनकी मां छीन ली। इमलाऊदी गांव में सास और बहू के बीच हुआ यह झगड़ा कुछ ही घंटों में … Fri, 16 Jan 2026 09:38:07 GMT

  Videos
See all

MP News: Ujjain में महाकाल महोत्सव का शुभारंभ, CM Mohan Yadav ने उद्घाटन किया | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-16T04:42:42+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: मुंबई के सबसे बड़े घमासान का EXIT POLL आ गया | #bmcelection2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-16T04:38:44+00:00

BMC Election 2026 Result Live Updates : बीएमसी चुनाव में BJP आगे ? | Breaking News | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-16T04:43:13+00:00

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा | DA Hike Salary | Top News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-16T04:45:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers