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IND vs WI : कौन से 4 प्लेयर होंगे प्लेइंग इलेवन से बाहर, जानिए गिल और गंभीर वेस्टइंडीज के खिलाफ किन 11 खिलाड़ियों को देंगे चांस

IND vs WI : भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाने वाली है. इस सीरीज के जरिए एक बार फिर से भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल मैदान पर नजर आएंगे. उनका साथ हेड कोच गौतम गंभीर देंगे, जो इस तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 चुनने के लिए उनका साथ देंगे. भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में किन 11 खिलाड़ियों को मौका मिलेगा और कौन से 4 खिलाड़ी प्लेइंग-11 से बाहर होंगे. तो आइए टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग-11 (Team India Playing 11 ) के बारे में विस्तार में जातने हैं. 

वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इस वनडे सीरीज टीम में टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हो रही है. इस लिस्ट में सबसे पहले भारत के दो पूर्व कप्तानों और दिग्गज खिलाड़ियों का नाम शामिल हैं, जो कि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) हैं. इन दोनों के अलावा स्टार अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा भी वनडे सीरीज में वापसी कर रहे हैं. उनके अलावा टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोम्मद सिराज की भी वापसी होने वाली है. 

किन 6 बल्लेबाजों को मिलेगा टीम में मौका 

वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में कप्तान शुभमन गिल समेत 5 अन्य बल्लेबाजों को मौका दिया जा सकता है. शुभमन गिल और रोहित शर्मा भारत के लिए पारी की शुरुआत करेंगे. वहीं तीसरे नंबर पर टीम इंडिया के लिए विराट कोहली खेलने के लिए आएंगे. इस सीरीज में भारत के लिए नंबर-4 पर रुतुराज गायकवाड़ खेलेंगे क्यों श्रेयस अय्यर इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, जो वनडे में भारत के लिए नियमत रूप से नंबर 4 खेलते हैं. 

इसके बाद टीम में विकेटकीपर के रूप में केएल राहुल को मौका मिलेगा. वो टीम में बतौर विकेटकीपर खेलेंगे और नंबर-5 पर बल्लेबाजी करेंगे. टीम में छठवें बल्लेबाज के लिए माथापच्ची होगी. इस एक जगह के लिए 3 दावेदार होंगे, जिसमें यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल और नमन धीर शामिल हैं. टीम अगर एक ऑलराउंडर और 4 प्रमुख गेंदबाजों के साथ खेलती है. तो एक ऐसे बल्लेबाजी की जरूरत होगी नंबर 6 पर जो गेंदबाजी भी कर सके. 

ऐसे में ध्रुव जुरेल इस लिस्ट से बाहर हो सकते हैं क्योंकि वो विकेटकीपर हैं. जुरेल गेंदबाजी नहीं करते हैं. वहीं नमन धीर भी बल्लेबाजी के लिए जानते हैं और ये उनकी पहली सीरीज होगी. ऐसे में उन्हें अपने डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ सकता है. इस स्थिति में यशस्वी जायसवाल को मौका मिल सकता है. क्योंकि वो बल्लेबाजी के साथ-साथ लेग स्पिन बॉलिंग भी करते हैं. उन्होंने भारत के लिए कई मौकों पर लेग स्पिन गेंदबाजी की है. ऐसे में शुभमन गिल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल इस सीरीज में भारत के 6 बल्लेबाज होंगे. 

किन 5 गेंदबाजों को प्लेइंग-11 में किया जाएगा शामिल

टीम इंडिया के कप्तान गिल और कोच गंभीर टीम में बतौर स्पिनर रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव को शामिल कर सकते हैं. भारतीय टीम इन 2 प्रमुख स्पिन गेंदबाजों के साथ उतर सकती है. वहीं यशस्वी जासवाल अगर टीम में होंगे तो वो लेग स्पिन बॉलिंग के साथ स्पिन का तीसरा विकल्प भी टीम को प्रदान करेंगे. बता दें कि, भारत के इस स्क्वाड में सिर्फ 2 ही स्पिन गेंदबाज शामिल हैं.

वहीं तेज गेंदबाजी की बात करें तो पिछली कुछ सीरीज में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ कप्तान गिल और कोच गंभीर की पहली पसंद होंगे. उनके साथ में अनुभवी पेसर मोहम्मद सिराज को मौका मिल सकता है. उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा से पहले तरजीह दी जा सकती है. वहीं तीसरे तेज गेंदबाजी की भूमिका में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को शामिल किया जा सकता है. 

रेड्डी वनडे टीम में भारत को नंबर 7 पर बल्लेबाजी भी प्रदान करेंगे. उन्होंने हाल ही में टी20 क्रिकेट में शानदार पेस और लेंथ के साथ बॉलिंग की है. वो हार्दिक पांड्या के बाद भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर बनने की राह पर हैं. लेकिन रेड्डी के तीसरे पेसर के तौर पर खेलने पर जो समस्या आएगी वो ये होगी कि, अगर उनके खिलाफ वेस्टइंडीज के बल्लेबाज तेजी से रन बनाते हैं तो, ऐसे में यशस्वी जायसवाल कुछ ओवर डालकर उसकी भरपाई कर सकते हैं. 

भारत की संभावित प्लेइंग-11

1 - रोहित शर्मा
2 - शुभमन गिल (कप्तान),
3 - विराट कोहली
4 - रुतुराज गायकवाड़, 
5 - यशस्वी जायसवाल
6 - केएल राहुल (उपकप्तान)
7- नीतीश कुमार रेड्डी
8 - रवींद्र जडेजा
9 - कुलदीप यादव
10 - गुरनूर बराड़
11 - मोहम्मद सिराज

कौन से 4 खिलाड़ी होंगे प्लेइंग-11 से बाहर

भारत और वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज की प्लेइंग-11 से इन 4 खिलाड़ियों को बाहर बैठना पड़ सकता है. इन खिलाड़ियों में सबसे पहला नाम नमन धीर को होगा. उनके बाद ध्रुव जुरेल को भी बाहर बैठना पड़ सकता है क्योंकि केएल राहुल बतौर विकेटकीपर टीम में मौजूद होंगे. वहीं प्रसिद्ध कृष्णा का भी टीम से बाहर होना तय है क्योंकि उनको तब मौका मिल सकता है, जब सिराज और गुरनूर खराब करेंगे.

वहीं बाहर बैठने वाले खिलाड़ियों में चौथा नाम आकिब नबी का होगा. उन्हें हर बार टीम में शामिल किया जाता है लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया जाता है. ऐसे नमन धीर, ध्रुव जुरेल, प्रसिद्ध कृष्णा और आकिब नवी प्लेइंग-11 से बाहर रह सकते हैं. इनको तभी मौका मिलेगा जब कोई प्रमुख खिलाड़ी चोटिल या बीमार होगा.

1 - नमन धीर
2 आकिब नबी
3 - प्रसिद्ध कृष्णा
4 - ध्रुव जुरेल

वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के लिए भारत का स्क्वाड

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर.

IND vs WI ODI सीरीज का शेड्यूल 

क्र. सं. दिन तारीख समय मैच स्थान
1 रविवार 27 सितंबर 2026 दोपहर 2:00 बजे पहला वनडे तिरुवनंतपुरम
2 बुधवार 30 सितंबर 2026 दोपहर 2:00 बजे दूसरा वनडे गुवाहाटी
3 शनिवार 3 अक्टूबर 2026 दोपहर 2:00 बजे तीसरा वनडे न्यू चंडीगढ़

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NSE का GMP ₹192 से गिरकर हुआ ₹43, अब Sonaselection IPO से हो रही तुलना, जानें किसमें है कितना दम?

NSE IPO vs Sonaselection India IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के IPO के साथ-साथ सोनासेलेक्शन इंडिया का IPO भी सोमवार 21 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है. दोनों IPO की मांग को लेकर बाजार में अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं. NSE का मुद्दा पूरी तरह से बिक्री के लिए एक प्रस्ताव है. जबकि सोनासलेक्शन अपने व्यवसाय के लिए नई पूंजी जुटा रहा है. तो आइए इसी क्रम में NSE और Sonaselection India की GMP, लॉट साइज और इसके सब्सक्रिप्शन के बारे में विस्तार से जानते हैं

NSE की GMP में भारी गिरावट

NSE के IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP अब प्राइस बैंड की घोषणा के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. प्राइस बैंड की घोषणा के समय, इसका GMP ₹192 के आसपास था, जो अब घटकर केवल ₹48 के आसपास रह गया है. ₹1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹48 का GMP सिर्फ 2.69% का प्रीमियम दिखाता है. यानी ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 70 फीसदी से ज्यादा गिर गया है.

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NSE सब्सक्रिप्शन कैसा रहा?

NSE का IPO अब तक कुल 1.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. रिटेल इन्वेस्टर्स से 0.69 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की तरफ से 1.46 गुना और  क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की ओर से 1.32 गुना बोलियां मिली हैं. इससे पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब ₹6,746.18 करोड़ जुटाए थे, जिसमें 3.78 करोड़ शेयर ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए गए थे. 

क्यों खास है NSE का इश्यू?

NSE का पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल है. यानी इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा है. मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर तक बेच रहे हैं और NSE को इस IPO से कोई पैसा नहीं मिलेगा. बेचने वाले शेयरहोल्डर्स में SBI, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, न्यू इंडिया एश्योरेंस और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इसका मतलब यह है कि यह IPO सीधे तौर पर कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत नहीं करेगा. बल्कि मौजूदा शेयरहोल्डर्स को बाहर निकलने का मौका ही देगा. 

सोनासेलेक्शन इंडिया की हालत भी कुछ खास नहीं है

वहीं, Sonaselection India का IPO अब तक सिर्फ 0.90 गुना ही सब्सक्राइब हुआ है. रिटेल निवेशकों से 1.29 गुना बोलियां मिल चुकी हैं, लेकिन NII कैटेगरी 0.60 गुना और क्यूआईबी कैटेगरी 0.46 गुना पर ही अटकी हुई है. इसका GMP और भी खराब है, जो फिलहाल ₹0 पर बना हुआ है. इसका मतलब है कि ₹99 के ऊपरी प्राइस बैंड पर इसकी लिस्टिंग फ्लैट रहने की संभावना है.

Sonaselection में फ्रेश कैपिटल की एंट्री क्यों अहम है?

NSE के विपरीत सोनासेलेक्शन का पूरा मामला ताजा है, जिसका मतलब है कि पैसा सीधे कंपनी में जाएगा. कंपनी अपने इश्यू का करीब 56.51 फीसदी यानी 80 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में लगाएगी, जबकि करीब 47.55 करोड़ रुपये प्लांट और मशीनरी के विस्तार में खर्च करेगी. इसका मतलब है कि इस IPO से कंपनी अपना कर्ज कम कर सकती है और अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ा सकती है, हालांकि इसके साथ एग्जीक्यूशन रिस्क भी जुड़ा हुआ है.

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निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

NSE और Sonaselection दोनों अलग-अलग तरह के इन्वेस्टमेंट ऑप्शन हैं. NSE एक बड़े और स्ट्रैटेजिक मार्केट-इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस के लिए एक्सपोजर प्रदान करता है, लेकिन इसकी ऊंची वैल्यूएशन (लगभग ₹4.42 लाख करोड़) और डेरिवेटिव पर निर्भरता जैसे रिस्क फैक्टर्स को समझना महत्वपूर्ण है. जबकि सोनासलेक्शन एक छोटी कपड़ा कंपनी है, जिसका भविष्य कर्ज कटौती, मार्जिन और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर निर्भर करेगा. GMP के मौजूदा संकेतों के मुताबिक, NSE लिस्टिंग को थोड़ा प्रीमियम मिल सकता है, जबकि Sonaselection की लिस्टिंग फ्लैट रह सकती है. ऐसे में निवेशकों को केवल सब्सक्रिप्शन आंकड़ों या GMP के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स, वैल्यूएशन और लॉन्ग-टर्म रिस्क को भी ध्यान में रखना चाहिए.

Desclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

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