6 साल में साइबर क्राइम की 54 लाख शिकायतें:सिर्फ 2.4% मामलों में FIR; 6 साल में 78 गुना बढ़ी शिकायतें
देश में साइबर क्राइम के मामलों में एफआईआर दर्ज होने की दर बेहद कम है। 2019 से 2024 के बीच छह साल में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 53.93 लाख शिकायतें आईं। लेकिन, एफआईआर सिर्फ 1.30 लाख यानी 2.4% मामलों में ही दर्ज हुईं। राज्यसभा की गृह मामलों से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई। 31 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल हैं। चिंता जताते हुए समिति ने अपराध के आंकड़ों और कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर हेल्पलाइन 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत के बाद भी फॉलो-अप में देरी होती है। साइबर क्राइम पर संसदीय समिति की प्रमुख बातें… अपराध छिप जाते हैं: क्राइम रेट कम दिखाने के लिए पुलिस FIR के बजाय सिर्फ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट देती है, जिससे गंभीर अपराध छिप जाते हैं और लोग न्याय से वंचित होते हैं। पूराना डेटा: राज्यों द्वारा NCRB को डेटा भेजने में 1.5 से 2 साल की देरी होती है, जिससे सुरक्षा नीतियां और बजट पुराने आंकड़ों पर बनते हैं। जनता पर मार: अपराधों की संख्या दबने से असुरक्षित इलाकों में नए थाने, CCTV और जरूरी पुलिस बल नहीं मिल पाते। प्रिंसिपल ऑफेंस रूल समिति ने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 'प्रिंसिपल ऑफेंस रूल' पर काम करता है। यानी अगर किसी महिला का अपहरण करके उसके साथ लूटपाट की और फिर वीडियो ऑनलाइन लीक कर दिया गया। एनसीआरबी इसे सिर्फ अपहरण में दर्ज करेगा। साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न और लूट का सेकेंडरी डेटा छोड़ दिया जाएगा। इस तरह लाखों सेकेंडरी अपराध डेटा से पूरी तरह गायब हो जाते हैं। --------------------------------- दिल्ली में साइबर ठगी का खुलासा, 9 आरोपी पकड़े:कतर-दुबई तक फैला था नेटवर्क, 16 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आई दिल्ली पुलिस ने देशभर में साइबर फ्रॉड से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर निवेश के नाम पर लोगों का ठगने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
आपका पैसा- 25 की उम्र से करें निवेश की शुरुआत:रिटायरमेंट तक बनेगा करोड़ों का फंड, एक्सपर्ट से समझें निवेश से जुड़ी सावधानियां
25 साल की उम्र में ज्यादातर लोग अपने करियर पर फोकस कर रहे होते हैं। यही समय फाइनेंशियल प्लानिंग की मजबूत नींव रखने का भी होता है। इस उम्र में लिया गया सही फाइनेंशियल डिसीजन आगे चलकर बड़ा फंड बनाने में मदद करता है। कई युवा कमाई शुरू करने के बाद बिना किसी प्लानिंग के खर्च और बचत करते हैं। ऐसे में वे भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए समय रहते प्लानिंग नहीं कर पाते। जबकि करियर की शुरुआत में सही फाइनेंशियल हैबिट्स से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सकती है। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में सही फाइनेंशियल प्लानिंग की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- 25 साल की उम्र में फाइनेंशियल प्लानिंग की शुरुआत कहां से करनी चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- निवेश जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा। इससे लंबे समय में बड़ा कॉर्पस तैयार करने में मदद मिलती है। सवाल- निवेश शुरू करने से पहले फाइनेंशियल गोल तय करना क्यों जरूरी है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- निवेश शुरू करने से पहले बजट बनाना क्यों जरूरी है? जवाब- इससे आय और खर्च का सही आकलन होता है। बजट यह समझने में मदद करता है कि हर महीने कितना पैसा बचाया और निवेश किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- 50:30:20 नियम क्या है? क्या यह सभी पर लागू होता है? जवाब- यह एक एक पॉपुलर बजटिंग रूल है। यह आय को जरूरतों, इच्छाओं और बचत-निवेश के बीच बांटने का आसान तरीका है। इसके तहत- यह नियम खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। ध्यान रखें, जिन लोगों की आय कम है या जिनके बड़े फाइनेंशियल गोल्स हैं, उन्हें इस रेशियो में बदलाव करना पड़ सकता है। सवाल- लाइफस्टाइल इंफ्लेशन क्या है और युवा इससे कैसे बच सकते हैं? जवाब- जब आय बढ़ने के साथ व्यक्ति अपना खर्च भी बढ़ा देता है तो उसे लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहते हैं। इससे कमाई बढ़ने के बावजूद बचत और निवेश की रफ्तार नहीं बढ़ पाती है। कुछ तरीके अपनाकर युवा इससे बच सकते हैं। इसके लिए- सवाल- क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल फाइनेंशियल रोडमैप को कैसे बिगाड़ सकता है? जवाब- क्रेडिट कार्ड के गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान को पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- इमरजेंसी फंड क्या होता है? 25 साल की उम्र में कम-से-कम कितना इमरजेंसी फंड होना चाहिए? जवाब- इमरजेंसी फंड अचानक आने वाली फाइनेंशियल क्राइसिस से निपटने में मदद करता है। ऐसे में- सवाल- 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने और 35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर कितना फर्क पड़ सकता है? जवाब- निवेश में ‘समय’ सबसे बड़ी ताकत होती है। अगर 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो पैसे को 10 साल ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। यही 10 साल रिटायरमेंट तक करोड़ों रुपए का अंतर पैदा कर सकता है। इसे उदाहरण से समझिए- ग्राफिक में डिटेल समझिए- सवाल- इमरजेंसी फंड और निवेश में क्या अंतर है? जवाब- दोनों ही फाइनेंशियल प्लानिंग के जरूरी हिस्से हैं, लेकिन दोनों का मकसद अलग होता है। इमरजेंसी फंड अचानक आने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। जबकि निवेश लंबे समय में पैसा बढ़ाने, संपत्ति बनाने और अपने फाइनेंशियल गोल पूरे करने के लिए किया जाता है। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क समझिए- सवाल- 25 साल की उम्र में कौन-से निवेश विकल्प बेहतर हो सकते हैं? जवाब- इस उम्र में शुरुआत करने पर निवेश के लिए लंबा समय होता है। इसलिए वे अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता और निवेश अवधि के अनुसार अलग-अलग निवेश विकल्प चुन सकते हैं। ग्राफिक में सभी विकल्प देखिए- इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं- ********************* ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ……………………… ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- रोज ₹100 इन्वेस्ट कर बनें लखपति:फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें कहां लगाएं पैसा, कैसे छोटी रकम से बनेगा बड़ा फंड हम अक्सर सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या मोटा निवेश जरूरी है। लेकिन निवेश की दुनिया में कई बार छोटी रकम और लंबा समय बड़ा कमाल कर देते हैं। रोजाना सिर्फ ₹100 का निवेश करके बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
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