आपका पैसा- 25 की उम्र से करें निवेश की शुरुआत:रिटायरमेंट तक बनेगा करोड़ों का फंड, एक्सपर्ट से समझें निवेश से जुड़ी सावधानियां
25 साल की उम्र में ज्यादातर लोग अपने करियर पर फोकस कर रहे होते हैं। यही समय फाइनेंशियल प्लानिंग की मजबूत नींव रखने का भी होता है। इस उम्र में लिया गया सही फाइनेंशियल डिसीजन आगे चलकर बड़ा फंड बनाने में मदद करता है। कई युवा कमाई शुरू करने के बाद बिना किसी प्लानिंग के खर्च और बचत करते हैं। ऐसे में वे भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए समय रहते प्लानिंग नहीं कर पाते। जबकि करियर की शुरुआत में सही फाइनेंशियल हैबिट्स से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सकती है। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में सही फाइनेंशियल प्लानिंग की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- 25 साल की उम्र में फाइनेंशियल प्लानिंग की शुरुआत कहां से करनी चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- निवेश जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा। इससे लंबे समय में बड़ा कॉर्पस तैयार करने में मदद मिलती है। सवाल- निवेश शुरू करने से पहले फाइनेंशियल गोल तय करना क्यों जरूरी है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- निवेश शुरू करने से पहले बजट बनाना क्यों जरूरी है? जवाब- इससे आय और खर्च का सही आकलन होता है। बजट यह समझने में मदद करता है कि हर महीने कितना पैसा बचाया और निवेश किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- 50:30:20 नियम क्या है? क्या यह सभी पर लागू होता है? जवाब- यह एक एक पॉपुलर बजटिंग रूल है। यह आय को जरूरतों, इच्छाओं और बचत-निवेश के बीच बांटने का आसान तरीका है। इसके तहत- यह नियम खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। ध्यान रखें, जिन लोगों की आय कम है या जिनके बड़े फाइनेंशियल गोल्स हैं, उन्हें इस रेशियो में बदलाव करना पड़ सकता है। सवाल- लाइफस्टाइल इंफ्लेशन क्या है और युवा इससे कैसे बच सकते हैं? जवाब- जब आय बढ़ने के साथ व्यक्ति अपना खर्च भी बढ़ा देता है तो उसे लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहते हैं। इससे कमाई बढ़ने के बावजूद बचत और निवेश की रफ्तार नहीं बढ़ पाती है। कुछ तरीके अपनाकर युवा इससे बच सकते हैं। इसके लिए- सवाल- क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल फाइनेंशियल रोडमैप को कैसे बिगाड़ सकता है? जवाब- क्रेडिट कार्ड के गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान को पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- इमरजेंसी फंड क्या होता है? 25 साल की उम्र में कम-से-कम कितना इमरजेंसी फंड होना चाहिए? जवाब- इमरजेंसी फंड अचानक आने वाली फाइनेंशियल क्राइसिस से निपटने में मदद करता है। ऐसे में- सवाल- 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने और 35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर कितना फर्क पड़ सकता है? जवाब- निवेश में ‘समय’ सबसे बड़ी ताकत होती है। अगर 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो पैसे को 10 साल ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। यही 10 साल रिटायरमेंट तक करोड़ों रुपए का अंतर पैदा कर सकता है। इसे उदाहरण से समझिए- ग्राफिक में डिटेल समझिए- सवाल- इमरजेंसी फंड और निवेश में क्या अंतर है? जवाब- दोनों ही फाइनेंशियल प्लानिंग के जरूरी हिस्से हैं, लेकिन दोनों का मकसद अलग होता है। इमरजेंसी फंड अचानक आने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। जबकि निवेश लंबे समय में पैसा बढ़ाने, संपत्ति बनाने और अपने फाइनेंशियल गोल पूरे करने के लिए किया जाता है। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क समझिए- सवाल- 25 साल की उम्र में कौन-से निवेश विकल्प बेहतर हो सकते हैं? जवाब- इस उम्र में शुरुआत करने पर निवेश के लिए लंबा समय होता है। इसलिए वे अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता और निवेश अवधि के अनुसार अलग-अलग निवेश विकल्प चुन सकते हैं। ग्राफिक में सभी विकल्प देखिए- इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं- ********************* ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ……………………… ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- रोज ₹100 इन्वेस्ट कर बनें लखपति:फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें कहां लगाएं पैसा, कैसे छोटी रकम से बनेगा बड़ा फंड हम अक्सर सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या मोटा निवेश जरूरी है। लेकिन निवेश की दुनिया में कई बार छोटी रकम और लंबा समय बड़ा कमाल कर देते हैं। रोजाना सिर्फ ₹100 का निवेश करके बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
ट्रम्प ने CNN को व्हाइट हाउस से बैन किया:फेक न्यूज कवरेज का आरोप, दो अन्य मीडिया हाउस पर भी कार्रवाई; कहा- आगे भी ऐसे कदम उठाएंगे
वॉशिंगटन में 18 सितंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने CNN, MSNOW और पोलिटिको को व्हाइट हाउस से बैन करने का ऐलान किया। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि इन संस्थानों की लगातार फेक न्यूज कवरेज के कारण यह रोक लगाई गई है। उन्होंने आगे और मीडिया संस्थानों पर ऐसी पाबंदी लगाने की धमकी दी। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया साइट पर लिखा कि यह रोक तुरंत प्रभाव से लागू होगी। उन्होंने इन संस्थानों की रिपोर्टिंग को “FAKE NEWS” बताया। इससे पहले ट्रम्प ने फरवरी 2025 में एसोसिएटेड प्रेस (AP) के पत्रकारों पर भी ऐसी ही रोक लगाई थी। तब ट्रम्प ने AP के पत्रकारों को ओवल ऑफिस, एयर फोर्स वन और अन्य कार्यक्रमों में जाने से रोक दिया था। यह कार्रवाई AP के गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलने के उनके फैसले का समर्थन नहीं करने के बाद की थी। तीनों संस्थान ट्रम्प के फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं CNN- 24 घंटे चलने वाला टीवी न्यूज चैनल और डिजिटल वेबसाइट। अमेरिकी राजनीति की बड़ी खबरें और फैक्ट-चेकिंग करता है। ट्रम्प के बयानों और नीतियों पर लगातार तीखे सवाल उठाता रहा है। MS NOW- केबल टीवी न्यूज चैनल और डिजिटल मीडिया। लेफ्ट-ऑफ-सेंटर राजनीतिक डिबेट्स और ओपिनियन शोज पर फोकस करता है। ट्रम्प प्रशासन और उनकी नीतियों का सबसे मुखर आलोचक चैनल माना जाता है। पॉलिटिको- प्रमुख डिजिटल न्यूज वेबसाइट और राजनीतिक अखबार। व्हाइट हाउस और अमेरिकी संसद की अंदरूनी खबरों और नीतियों की रिपोर्टिंग करता है। ट्रम्प प्रशासन के अंदरूनी फैसलों, विवादों और रणनीतियों का बारीक विश्लेषण करता रहा है। ट्रम्प पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं साल 2016 से ही ट्रम्प CNN की खबरों को लगातार "फेक न्यूज" कहते रहे हैं और उनके कार्यकाल में पहले भी इस चैनल के पत्रकारों के व्हाइट हाउस पास रोके जा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' और 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' जैसे बड़े और प्रतिष्ठित अखबारों पर भी अपने खिलाफ पक्षपात करने का आरोप लगाया और उन पर मानहानि के मुकदमे तक दर्ज कराए। ट्रम्प ने इन सभी संस्थानों की रिपोर्टिंग पर खुले तौर पर सवाल उठाए और उन पर जानबूझकर गलत नीयत से खबरें चलाकर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया। AP ने दायर किया मुकदमा AP ने इस मामले में मुकदमा किया था। यह मामला अभी जारी है। ट्रम्प लंबे समय से उस मीडिया कवरेज पर नाराजगी जताते रहे हैं, जिसे वह अपने खिलाफ मानते हैं। उनका मीडिया संस्थानों पर मुकदमे करने और पत्रकारों पर व्यक्तिगत रूप से हमला करने का पुराना रिकॉर्ड है। वह पत्रकारों पर आमने-सामने या सोशल मीडिया के जरिए भी निशाना साधते रहे हैं। दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रम्प ने न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जर्नल, BBC और अन्य मीडिया संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। ---------------------------- ये खबर भी पढे़ं… ट्रम्प ने कनाडा को लेकर यूरोप को धमकी दी:कहा- EU में शामिल किया तो भारी टैरिफ लगाऊंगा, व्यापार भी रोक दूंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ को गंभीर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा पूरी खबर पढ़ें…
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