2027 Punjab Election से पहले AAP पेश करेगी Report Card, Manish Sisodia ने बताया पूरा Plan
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने घोषणा की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर से अपनी धूरी विधानसभा सीट से पूरे राज्य में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने का एक बड़ा अभियान खुद शुरू करेंगे। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले चलाया जा रहा है और इसका मकसद सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करना है। 18 सितंबर को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने बताया कि यह अभियान बूथ कमेटियों, युवा विंग के सदस्यों, महिला विंग, अनुसूचित जाति विंग और अन्य लोगों द्वारा चलाया जाएगा। ये कमेटियां पूरे राज्य में 25,332 बूथों पर काम करेंगी।
इसे भी पढ़ें: AAP ने BJP की Nasha Mukt Punjab Yatra पर दागे सवाल, 10 साल के शासन का मांगा हिसाब
उन्होंने बताया कि लगभग 2,68,000 बूथ कमिटी सदस्य घर-घर जाकर सरकार की विकास से जुड़ी उपलब्धियों, लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं और किए गए प्रशासनिक सुधारों के बारे में बताएंगे। सिसोदिया ने कहा कि 2,68,553 कार्यकर्ता, बूथ कमिटी सदस्य और बूथ लीडर सरकार की उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएंगे। अगले एक महीने में, हर बूथ कमिटी सदस्य घर-घर जाकर लोगों से बात करेगा और उन्हें बताएगा कि कैसे पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब सरकार की वजह से पंजाब ने तरक्की की है, उनके परिवारों को फायदा हुआ है और उनकी निजी ज़िंदगी बेहतर हुई है।
सिसोदिया ने ज़ोर देकर कहा कि मान सरकार ने साढ़े चार सालों में चुनाव के सभी अहम वादे पूरे किए हैं, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लोगों का काफ़ी भरोसा जीता है। उन्होंने आगे कहा कि हर एक गारंटी पूरी की गई है, और नतीजतन, पंजाब में एक औसत परिवार को अब सालाना 1,82,000 रुपये का आर्थिक फ़ायदा हो रहा है, जो हर महीने 15,000 रुपये से ज़्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान 19 सितंबर को लुधियाना में चुनाव प्रचार का पैम्फ़लेट जारी करेंगे।
इसे भी पढ़ें: जो भूपेश बघेल नहीं कर पाए वो सचिन पायलट ने कर दिखाया? एक मंच पर दिखे चन्नी-राजा वडिंग समेत दिग्गज
कॉन्फ़्रेंस के बाद सिसोदिया ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, मान सरकार ने न केवल 2022 के चुनावी वादों को पूरा किया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, व्यापार, युवाओं के लिए रोज़गार और खेल जैसे अहम क्षेत्रों में उम्मीद से बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि चार सालों में, भगवंत मान सरकार ने चुनाव से पहले पंजाब की जनता से किए गए वादों से कहीं ज़्यादा काम किया है। पंजाब आगे बढ़ रहा है; राज्य ने स्कूल, अस्पताल, कृषि, व्यापार, युवाओं के लिए रोज़गार और खेल जैसे सभी क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी से तरक्की की है। ईमानदारी की इसी राजनीति से प्रेरित होकर, मैं आज यह घोषणा कर रहा हूँ कि सरकार ने अपने तय किए गए कामों को पूरा किया है और पूरी लगन से काम करना जारी रखेगी।
DUSU Elections: मतदान के बीच ABVP और NSUI ने उठाए हॉस्टल व रियायती मेट्रो किराये के मुद्दे
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहने के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के नेताओं ने छात्रावास की सुविधाओं, मेट्रो किराये में रियायत, छात्र कल्याण और परिसर में चुनाव जैसे मुद्दे उठाए। अभाविप के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार इशू मौर्य ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत है और उन्होंने चुनाव में अभाविप के अच्छे प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया। मौर्य ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है क्योंकि हमने विद्यार्थियों के बीच रहकर उनके कल्याण के लिए काम किया है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित छात्र संगठन शुरुआत से ही विद्यार्थियों के साथ मिलकर काम करता रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘जेन-जी’ को अब ‘‘गुमराह’’ नहीं किया जा सकता और उन्होंने भरोसा जताया कि अभाविप डूसू के चारों पदों पर जीत हासिल करेगी। इस बीच, एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार वीर चतरथ ने कहा कि संगठन का चुनाव प्रचार विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने चुनाव से पहले एक अभियान के जरिये विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनके जवाबों के आधार पर अपना घोषणापत्र तैयार किया।
चतरथ ने कहा, ‘‘हमारे घोषणापत्र में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रावास का है।’’ उन्होंने इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल में इमारत गिरने की घटना से जोड़ा, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। चतरथ ने कहा कि इस हादसे में उनका एक करीबी सहयोगी भी घायल हुआ था और उसका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा मिली होती तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती।’’ चतरथ ने मेट्रो किराये में रियायत का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि अभाविप ने अपने पिछले घोषणापत्र में किया गया वादा पूरा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रावास की सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य मांगों पर काम करेगी। चतरथ ने एनएसयूआई के अच्छा प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘मुझे पता है कि इस बार एनएसयूआई सभी पदों पर जीत हासिल करेगी।’’ ‘कैंपस लॉ सेंटर-II’ में विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल और ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प को लेकर भी सवाल उठाए। गोपाला नामक एक विद्यार्थी ने कहा कि केंद्र की वेबसाइट पर ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और उसने सवाल उठाया कि एक ईवीएम पर दो पदों के लिए नोटा का एक ही विकल्प कैसे हो सकता है।
उसने कहा कि उसने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया था और उसे लिखित शिकायत देने को कहा गया। गोपाला ने विद्यार्थियों से मतदान करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘अगर आप घर पर रहेंगे तो वे लोग जीत जाएंगे जो काबिल नहीं हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










