16Cr का इंजेक्शन या मौत का इंतजार... 17 महीने की त्रिशिका पर आई ऐसी आफत, भगवान जगनाथ के दरबार में परिवार
Odisha News Today: ओडिशा के जाजपुर की 17 महीने की मासूम त्रिशिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) नामक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रही है. डॉक्टर के मुताबिक उसके इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये का महंगा इंजेक्शन चाहिए. परिवार 20 से 25 लाख खर्च चुका है और अब असमर्थ होकर सरकार व जनता से मदद की गुहार लगा रहा है. माता-पिता ने पुरी पहुंचकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ के चरणों में अपनी बेटी को सौंपकर चमत्कार की आस लगाई है.
जर्मनी के पूर्वी हिस्से में AfD के बढ़ते प्रभाव की वजह[How AfD is gaining ground in eastern Germany]
जर्मनी की चरम दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी एएफडी, चुनाव-दर-चुनाव अपना प्रदर्शन बेहतर करती जा रही है. सितंबर की शुरुआत में सैक्सनी-अनहाल्ट राज्य में 44 फीसदी वोट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली एएफडी अब मेक्लेनबुर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया राज्य में बाकी स्थापित पार्टियों को पछाड़ रही है. एएफडी का सबसे बड़ा प्रभाव उन इलाकों में दिख रहा है, जो पहले पूर्वी जर्मनी का हिस्सा थे. तो उसकी इस सफलता के पीछे क्या कारण हैं, और समाज के किस हिस्से का समर्थन उसे मिल रहा है, जानिए इस ग्राउंड रिपोर्ट में. Germany’s far-right party Alternative for Germany, or AfD, has been improving its performance from one election to the next. After emerging as the biggest party in the state of Saxony-Anhalt with 44 percent of the vote in early September, the AfD is now outpacing other established parties in the state of Mecklenburg-Western Pomerania. The AfD’s strongest influence is visible in areas that were once part of East Germany. So what are the reasons behind its success, and which sections of society are supporting it? Find out in this ground report. #dwhindifeature #dwhindi #AfD
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