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Shaksgam Valley Dispute Explained: PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वो हरकत, जिसको लेकर आज भारत-चीन भिड़े

चाहे साउथ चाइना सी हो, डोकलाम हो, गलवान हो या फिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर हो। चीन सिर्फ एक ही पॉलिसी को अपनाता है वो है डिनाई, डिले एंड डोमिनेट। चीन के इस पैटर्न को हम सभी ने काफी करीब से समझा है। जहां पर चीन एक तरफ तो हमसे पीसफुल हाथ बढ़ाएगा। दूसरी तरफ कोई ना कोई डिस्टरबेंस क्रिएट करने की कोशिश करता रहता है। जिस तरीके से भारत और अमेरिका के बीच में रिश्ते तल्खियों पर चल रहे थे। जिस तरीके से चीन और अमेरिका के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। जिसके बाद से कहा जा रहा था कि भारत और चीन के बीच रिश्ते अच्छे हो सकते हैं। वहीं पर ही चीन ने एक और काम कर दिया है। चीन ने एक बार फिर से भारत के इलाके पर दावा करके विवाद पैदा कर दिया है। भारत के जम्मू-कश्मीर का हिस्सा शक्सगाम घाटी पर चीन ने दावा ठोक दिया है। इसके चलते दोनों देशों के बीच एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

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1963 में इस इलाके को चीन को सौंप दिया

शक्सगाम घाटी भारत के जम्मू-कश्मीर का हिस्सा रहा है। किंतु 1947-48 की जंग के दौरान पाकिस्तान ने इस इलाके पर अवैध कब्जा जमा लिया था। पाकिस्तान ने 1963 में इस इलाके को चीन को सौंप दिया था, जो वास्तव में भारत का हिस्सा है। इसका क्षेत्रफल 5,180 वर्ग किलोमीटर है। इसे पाकिस्तान ने सिनो पाकिस्तान बार्डर एंग्रीमेंट करार दिया था। भारत इस एग्रीमेंट को खारिज करता है। वजह यह कि पूरा इलाका संवैधानिक तौर पर भारत का ही है।

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भारत का स्टैंड

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को भी मान्यता नहीं देते, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है जिसपर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है। जायसवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सबसे पहले तो जिस क्षेत्र का आप उल्लेख कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है।” उन्होंने कहा, “अपने ही क्षेत्र में चीन की बुनियादी ढांचा गतिविधियां बिल्कुल उचित हैं। माओ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में सीमा समझौता किया था और दोनों देशों के बीच सीमा तय की गई थी। उन्होंने कहा कि यह संप्रभु देशों के रूप में चीन और पाकिस्तान का अधिकार है। हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को भी मान्यता नहीं देते, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसपर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है। जायसवाल ने कहा कि पूरा जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यह बात पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बता दी गई है।

बौखलाया चीन

जायसवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सबसे पहले तो जिस क्षेत्र का आप उल्लेख कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अपने ही क्षेत्र में चीन की बुनियादी ढांचा गतिविधियां बिल्कुल उचित हैं। माओ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में सीमा समझौता किया था और दोनों देशों के बीच सीमा तय की गई थी। उन्होंने कहा कि यह संप्रभु देशों के रूप में चीन और पाकिस्तान का अधिकार है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को लेकर भारत द्वारा आलोचना किए जाने पर माओ ने बीजिंग के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि यह एक आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक व सामाजिक विकास करना और लोगों की जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने कहा, “इस तरह के समझौते और सीपीईसी से कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इस मामले में चीन का रुख अपरिवर्तित है।

शक्सगाम में चीन की अवैध गतिविधियाँ

खबरों के मुताबिक, चीन ने शक्सगाम से होकर एक बारहमासी सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है, जबकि नई दिल्ली इस क्षेत्र में चीनी गतिविधियों पर लगातार आपत्ति जताती रही है। भूटान के डोकलाम में 2017 के गतिरोध के बाद शक्सगाम में बीजिंग की निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है। कहा जाता है कि यह नई सड़क दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर से 49 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है और इससे इस क्षेत्र में भारत की रक्षा स्थिति पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। 2021 में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रिपोर्ट किया था कि पाकिस्तान चीन के साथ नए जमीनी सीमा चौकियों का निर्माण करने की योजना बना रहा है, जिससे लद्दाख और शेष कश्मीर में भारतीय सेनाओं के खिलाफ उनकी सैन्य समन्वय क्षमता को संभावित रूप से बढ़ावा मिलेगा।

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आर अश्विन ने न्यूज़ीलैंड की रणनीति और जुझारूपन की तारीफ की, पहले वनडे पर दिया बड़ा बयान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर आर अश्विन एक बार फिर अपने बेबाक विश्लेषण को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने न्यूज़ीलैंड टीम की जुझारू मानसिकता और मैच-तैयारी के तरीके की खुलकर सराहना की है। अश्विन का मानना है कि कीवी टीम की प्लानिंग इतनी मजबूत होती है कि वह खुद उनकी टीम मीटिंग्स को करीब से देखना चाहेंगे।

बता दें कि वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में न्यूज़ीलैंड की अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी। मौजूद जानकारी के अनुसार, पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और भारत को आख़िरी ओवरों तक दबाव में रखा। हालांकि अंत में केएल राहुल की नाबाद पारी ने भारत को 49वें ओवर में जीत दिला दी है।

गौरतलब है कि साल 2024 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से क्लीन स्वीप कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था, जिसे भारतीय टेस्ट टीम के बदलाव के दौर की शुरुआत माना गया है। इसी संदर्भ में अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि न्यूज़ीलैंड उन चुनिंदा टीमों में से है जो विश्लेषण आधारित क्रिकेट खेलती हैं और अपनी योजनाओं को मैदान पर सटीक ढंग से लागू करती है।

अश्विन ने यह भी स्वीकार किया कि पहले वनडे में प्रदर्शन के लिहाज़ से न्यूज़ीलैंड बेहतर टीम रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का खेल पूरी तरह संतुलित नहीं था, लेकिन कुछ अहम मौकों पर खिलाड़ियों ने मैच का रुख बदला है। विशेष रूप से युवा ऑल-राउंडर हर्षित राणा के योगदान और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाज़ी की उन्होंने जमकर तारीफ़ की है। अश्विन के अनुसार, कोहली की 93 रनों की पारी तकनीक, फुटवर्क और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण रही है।

पूर्व स्पिनर का मानना है कि भले ही न्यूज़ीलैंड के पास हर विभाग में बड़े नाम न हों, लेकिन अनुशासन, फील्डिंग और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के दम पर वे किसी भी मजबूत टीम से मुकाबला करने में सक्षम हैं और यही उनकी असली ताकत है।

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  Sports

भारत का अंडर 19 वर्ल्ड कप में किसी टीम से होगा पहला मुकाबला, वैभव सूर्यवंशी की टीम का क्या है पूरा शेड्यूल, एक क्लिक में जानिए सबकुछ

U19 World Cup 2026: युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी सहित कप्तान आयुष म्हात्रे अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए तैयार है. जानिए टीम इंडिया का पहला मुकाबला किस टीम से होगा और टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल क्या है. इस रिपोर्ट में ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट मैचों तक की पूरी जानकारी दी गई है. Tue, 13 Jan 2026 21:37:13 +0530

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