DUSU Elections: मतदान के बीच ABVP और NSUI ने उठाए हॉस्टल व रियायती मेट्रो किराये के मुद्दे
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहने के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के नेताओं ने छात्रावास की सुविधाओं, मेट्रो किराये में रियायत, छात्र कल्याण और परिसर में चुनाव जैसे मुद्दे उठाए। अभाविप के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार इशू मौर्य ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत है और उन्होंने चुनाव में अभाविप के अच्छे प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया। मौर्य ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है क्योंकि हमने विद्यार्थियों के बीच रहकर उनके कल्याण के लिए काम किया है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित छात्र संगठन शुरुआत से ही विद्यार्थियों के साथ मिलकर काम करता रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘जेन-जी’ को अब ‘‘गुमराह’’ नहीं किया जा सकता और उन्होंने भरोसा जताया कि अभाविप डूसू के चारों पदों पर जीत हासिल करेगी। इस बीच, एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार वीर चतरथ ने कहा कि संगठन का चुनाव प्रचार विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने चुनाव से पहले एक अभियान के जरिये विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनके जवाबों के आधार पर अपना घोषणापत्र तैयार किया।
चतरथ ने कहा, ‘‘हमारे घोषणापत्र में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रावास का है।’’ उन्होंने इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल में इमारत गिरने की घटना से जोड़ा, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। चतरथ ने कहा कि इस हादसे में उनका एक करीबी सहयोगी भी घायल हुआ था और उसका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा मिली होती तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती।’’ चतरथ ने मेट्रो किराये में रियायत का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि अभाविप ने अपने पिछले घोषणापत्र में किया गया वादा पूरा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रावास की सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य मांगों पर काम करेगी। चतरथ ने एनएसयूआई के अच्छा प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘मुझे पता है कि इस बार एनएसयूआई सभी पदों पर जीत हासिल करेगी।’’ ‘कैंपस लॉ सेंटर-II’ में विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल और ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प को लेकर भी सवाल उठाए। गोपाला नामक एक विद्यार्थी ने कहा कि केंद्र की वेबसाइट पर ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और उसने सवाल उठाया कि एक ईवीएम पर दो पदों के लिए नोटा का एक ही विकल्प कैसे हो सकता है।
उसने कहा कि उसने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया था और उसे लिखित शिकायत देने को कहा गया। गोपाला ने विद्यार्थियों से मतदान करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘अगर आप घर पर रहेंगे तो वे लोग जीत जाएंगे जो काबिल नहीं हैं।
Delhi Police Special Cell ने 12 करोड़ रुपये की हेरोइन समेत गोदारा गिरोह का सदस्य पकड़ा
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और गुजरात पुलिस की वडोदरा अपराध शाखा ने संयुक्त अभियान में कथित मादक पदार्थ-रंगदारी वसूली गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पाकिस्तानी मूल की करीब दो किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के चूरू के कुलदीप स्वामी (31) के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि कुलदीप गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना गिरोह से जुड़ा है तथा गुजरात के वडोदरा में दर्ज 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है। पुलिस ने बताया कि 12 सितंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे कुलदीप को चांदनी चौक के कूचा घासी राम में बीकानेर स्वीट्स के पास पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार उसके पास से हवाला राशि की पहचान के लिए इस्तेमाल एक मुद्रा नोट और कार की चाबियां मिलीं।
बाद में उसकी निशानदेही पर नजफगढ़ के जय विहार फेज-1 से कार जब्त कर ली गई। पुलिस के मुताबिक कार की डिक्की में अतिरिक्त पहिये के पास विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने में चार पैकेटों में करीब दो किलोग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद 13 सितंबर को विशेष प्रकोष्ठ थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह रंगदारी वसूलने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक बहुस्तरीय नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिये पहले से तय संकेत शब्दों, ‘लाइव लोकेशन’ और मुद्रा नोटों की तस्वीरों का इस्तेमाल पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता था। पुलिस ने बताया कि कुलदीप मुख्य सहयोगी के तौर पर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में पांच लाख से 50 लाख रुपये तक की रंगदारी की रकम पहुंचाता था तथा उसे प्रत्येक काम के लिए 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच सितंबर को महेंद्र देलाना के निर्देश पर कुलदीप मादक पदार्थों की खेप लेने अमृतसर गया था और अगले दिन उसने दो अज्ञात लोगों से दो किलोग्राम हेरोइन ली एवं उसे कार के गुप्त खाने में छिपाकर दिल्ली लौट आया। उन्होंने बताया कि कुलदीप पहले सरदारशहर की कृषि मंडी में कृषि जिंसों का कारोबार करता था और 2022 में कारोबार में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने के बाद उसने कर्ज चुकाने के लिए इंस्टाग्राम के जरिये महेंद्र देलाना से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, महेंद्र देलाना गैंगस्टर रोहित गोदारा का सहयोगी है और विदेश से गिरोह की गतिविधियां संचालित करता है।
महेंद्र देलाना तीन राज्यों में पांच से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और वांछित है। पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना उत्तर भारत में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में हत्या तथा रंगदारी के लिए गोलीबारी जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में दो मोबाइल फोन और कार भी बरामद की गई है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी हिरासत में है और उसके अन्य सहयोगियों की पहचान करने, हवाला के रास्तों का पता लगाने तथा महेंद्र देलाना और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
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