India-France Deal: भारत का F-35 को ठेंगा, 114 राफेल को हरी झंडी!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और फ्रांस जैसे अपने सहयोगियों के खिलाफ कड़े तेवर अपनाए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली और पेरिस के बीच एक ऐसी डिफेंस डील पक रही है जो पूरी दुनिया में हलचल मचा देगी। ट्रंप की बयानबाजी और टेरिफ की धमकियों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 114 लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो इस वक्त नजर है फ्रांस के राफेल विमानों पर। यह डील सिर्फ विमान खरीदने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह पूरी तरह मेक इन इंडिया के तहत होगी। टाटा एडवांस सिस्टम और डिसॉल्ट डेविएशन के बीच पहले ही हैदराबाद में राफेल का फ्यूज बनाने का समझौता हो चुका है।
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जिसकी क्षमता सालाना 24 यूनिट्स बनाने की होगी। भारत की प्लानिंग इतनी बड़ी है कि वह राफेल की वैल्यू का करीब 60% हिस्सा भारत में ही तैयार करना चाहता है। यानी कि स्वदेशी ताकत को बढ़ावा देना। इसमें हैदराबाद में इंजन प्रोडक्शन प्लान और उत्तर प्रदेश के जेवर में एक बड़ा मेंटेनेंस और रिपेयरिंग हब शामिल है। यानी भविष्य में भारत ना सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए राफेल बनाएगा बल्कि दुनिया भर के ऑर्डर्स की सप्लाई भी यहीं से हो सकती है। हालांकि यह सब कुछ ऐसे वक्त में हो रहा है जब ट्रंप लगातार भारत और फ्रांस पर तमाम तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। अच्छा आपको बता दें विदेश मंत्री जयशंकर के फ्रांस दौरे की भी चर्चा इस वक्त जोरों पर है। जयशंकर का यह दौरा बेहद सफल रहा जहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मुलाकात की। इस मुलाकात ने साफ कर दिया कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत और फ्रांस की दोस्ती अड़ेगी और अब खबर है कि अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन भारत आ रहे हैं और इस दौरे में क्या पता कोई बड़ी डील भी हो जाए। साफ है कि जहां एक ओर अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव की खबरें हैं।
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फ्रांस के साथ भारत की यह सुपर डील रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होने वाला है। अगले महीने मैक्रो के भारत दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी। इस खबर पर आपका क्या कुछ कहना है? कमेंट करके जरूर बताएं।
US President Trump ने एक बार फिर दी Cuba को चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपदस्थ होने के बाद संकट में घिरी क्यूबा की सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी। क्यूबा वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा लाभार्थी है। हालांकि वेनेजुएला पर अमेरिका के नियंत्रण के बाद क्यूबा को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि क्यूबा लंबे समय तक वेनेजुएला के तेल और पैसे पर निर्भर रहा और इसके बदले उसने वेनेजुएला को सुरक्षा मुहैया कराई, ‘लेकिन अब और नहीं।’
ट्रंप ने कहा, ‘‘क्यूबा को अब और तेल या पैसा नहीं मिलेगा। इससे पहले कि बहुत देर हो, मैं उन्हें कोई समझौता करने का सुझाव देना चाहूंगा।’’ हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह क्यूबा के साथ किस प्रकार का समझौता करना चाहते हैं।
ट्रंप की चेतावनी के कुछ घंटे बाद क्यूबा के राष्ट्रपति मिग्वेल डियाज केनेल ने ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘हर चीज, यहां तक की लोगों के जीवन को भी कारोबार की नजर से देखने वाले व्यक्ति के पास किसी भी तरह से क्यूबा पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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