वेनेजुएला में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में से एक एक्सॉनमोबिल के बीच टकराव शुरू हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों के पुनर्गठन की योजना से एक्सॉनमोबिल को बाहर रख सकते हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में तेल एवं गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें वेनेजुएजा के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद वेनेजुएला के तेल भंडार के लिए योजनाओं पर चर्चा की गई।
फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जा रहे ‘एयर फोर्स वन’ विमान में पत्रकारों के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे एक्सॉन का जवाब पसंद नहीं आया। आप जानते हैं, कई लोग इसके लिए तैयार हैं और शायद मैं एक्सॉन को इससे बाहर रखने के पक्ष में रहूंगा। मुझे उनकी प्रतिक्रिया पसंद नहीं आई। वे बहुत चालाकी दिखा रहे हैं।’’ अमेरिका की तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डैरेन वुड्स ने बैठक में कहा कि वेनेजुएला की स्थिति ‘‘निवेश के लायक’’ नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ आज वेनेजुएला में मौजूद एवं व्यावसायिक ढांचों को देखें तो वहां निवेश करना संभव नहीं है। इसलिए इन व्यावसायिक ढांचों और कानूनी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। निवेश के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय होने चाहिए और देश में हाइड्रोकार्बन कानूनों में भी बदलाव करना होगा।’’ वुड्स ने हालांकि कहा कि अमेरिकी प्रशासन और राष्ट्रपति ट्रंप के वेनेजुएला सरकार के साथ मिलकर काम करने से ‘‘ वे बदलाव लागू किए जा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि अल्पावधि में ‘‘ जब तक इन दीर्घकालिक मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक कुछ चीजें की जा सकती हैं। हम लगभग 20 वर्ष से देश में नहीं हैं। हमारा मानना है कि अल्पावधि में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम एक तकनीकी दल तैनात करें जो उद्योग एवं संसाधनों की वर्तमान स्थिति का आकलन करे और यह समझे कि वेनेजुएला के लोगों को उत्पादन को पुनः बाजार में लाने में मदद करने के लिए क्या आवश्यक होगा।
वेनेजुएला सरकार के आमंत्रण और उचित सुरक्षा गारंटी के साथ, हम वहां एक दल भेजने के लिए तैयार हैं।’’ ‘सीएनएन’ की खबर के अनुसार, बैठक में मौजूद कई अन्य अधिकारियों ने भी इसी तरह की अनिच्छा व्यक्त की और आगाह किया कि तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू करने से पहले उद्योग को व्यापक सुरक्षा तथा वित्तीय गारंटी हासिल करने की आवश्यकता होगी। गौरतलब है कि ट्रंप ने शुक्रवार को ही एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेनेजुएला के तेल राजस्व को न्यायिक कार्यवाही में इस्तेमाल होने से बचाया जा सके। कार्यकारी आदेश शनिवार को सार्वजनिक किया गया।
एक्सॉनमोबिल की शर्तें और सुरक्षा की मांग
सीईओ डैरेन वुड्स का तर्क है कि वेनेजुएला में पिछले 20 वर्षों से उनकी कंपनी की सक्रिय मौजूदगी नहीं है। उन्होंने निवेश के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखीं:
कानूनी बदलाव: वेनेजुएला के हाइड्रोकार्बन कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन।
स्थायी सुरक्षा: निवेश और बुनियादी ढांचे के लिए पुख्ता सुरक्षा गारंटी।
तकनीकी मूल्यांकन: उन्होंने तत्काल निवेश के बजाय पहले एक तकनीकी टीम भेजकर संसाधनों के आकलन का प्रस्ताव दिया।
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी 'कब्जा'
व्हाइट हाउस इस समय वेनेजुएला को आर्थिक रूप से चलाने की कमान अपने हाथ में ले रहा है। ट्रंप प्रशासन की योजनाएं अत्यंत आक्रामक हैं:
टैंकरों की जब्ती: अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल से लदे टैंकरों को जब्त करना शुरू कर दिया है।
वैश्विक नियंत्रण: अमेरिका ने घोषणा की है कि वह प्रतिबंधित कच्चे तेल के 3 से 5 करोड़ बैरल की बिक्री को अपने नियंत्रण में ले रहा है और भविष्य में भी इसकी वैश्विक बिक्री को नियंत्रित करेगा।
राजस्व की सुरक्षा: ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि वेनेजुएला के तेल से होने वाली कमाई को किसी न्यायिक कार्यवाही या जब्ती से बचाया जा सके, जिससे वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे।
उद्योग जगत की हिचकिचाहट
केवल एक्सॉनमोबिल ही नहीं, बल्कि बैठक में मौजूद कई अन्य अधिकारियों ने भी चिंता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला के जर्जर हो चुके तेल बुनियादी ढांचे को फिर से जीवित करने के लिए अरबों डॉलर और दशकों के समय की आवश्यकता होगी। सुरक्षा और वित्तीय गारंटी के बिना कोई भी निजी कंपनी वहां बड़ा जोखिम लेने को तैयार नहीं दिख रही है।
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