US President Trump ने एक बार फिर दी Cuba को चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपदस्थ होने के बाद संकट में घिरी क्यूबा की सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी। क्यूबा वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा लाभार्थी है। हालांकि वेनेजुएला पर अमेरिका के नियंत्रण के बाद क्यूबा को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि क्यूबा लंबे समय तक वेनेजुएला के तेल और पैसे पर निर्भर रहा और इसके बदले उसने वेनेजुएला को सुरक्षा मुहैया कराई, ‘लेकिन अब और नहीं।’
ट्रंप ने कहा, ‘‘क्यूबा को अब और तेल या पैसा नहीं मिलेगा। इससे पहले कि बहुत देर हो, मैं उन्हें कोई समझौता करने का सुझाव देना चाहूंगा।’’ हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह क्यूबा के साथ किस प्रकार का समझौता करना चाहते हैं।
ट्रंप की चेतावनी के कुछ घंटे बाद क्यूबा के राष्ट्रपति मिग्वेल डियाज केनेल ने ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘हर चीज, यहां तक की लोगों के जीवन को भी कारोबार की नजर से देखने वाले व्यक्ति के पास किसी भी तरह से क्यूबा पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने 2026 के लिए ना जाने कौन सी कसम खा ली है। दुनिया भर में युद्ध के सायरन बजाने की तैयारी में राष्ट्रपति ट्रंप है। ऐसा लग रहा है। ट्रंप के एक के बाद एक जो फैसले सामने आ रहे हैं, जो बयान सामने आए हैं, चाहे वह वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरों को उठाना हो, ग्रीनलैंड को धमकी देकर खरीदने की बात करना हो या फिर ईरान में फैली आग में घी डालकर उकसाना हो, चीन को धमकाना हो या रूस के राष्ट्रपति पुतिन को सीधा चैलेंज देना हो, ट्रंप के इरादों ने खौफ पैदा कर दिया है। ट्रंप के फैसलों से लगातार चर्चा बढ़ गई है और डर का माहौल हो गया है कि क्या वाकई वर्ल्ड वॉर थ्री पास में है और इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ ट्रंप है।
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वेनेजुएला पर ट्रंप रुके नहीं है और अब उन्होंने अब अमेरिका ने एक नई जगह पर अटैक कर डाला है और यहां पर ट्रंप ने बता दें कि एक और देश पर टारगेट करने की बात भी कही है। सिर्फ एक देश नहीं कई देश के टारगेट पर ट्रंप है। उनकी नजरें हैं। ऐसा लगने लगा है। कहीं पर ट्रंप तख्ता पलट करके हड़कंप मचाना चाहते हैं तो किसी को खरीद कर तो किसी को डराधमका कर यूएस में शामिल करना चाहते हैं ताकि ट्रंप बाद में उसे अपने हिसाब से चला सके। ट्रंप ग्रीनलैंड के बाद अब किस देश को यूएस का स्टेट बनाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका ने शनिवार रात सीरिया में बड़े पैमाने पर स्ट्राइक कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी कि सेंट कॉम के मुताबिक हमलों में सीरिया के अलग-अलग इलाहकों में आईएसआई के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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सेंट कॉम ने बताया कि इस ऑपरेशन में आईएसआईएस के ठिकाने, हथियारों और ढांचों को निशाना बनाया गया। हालांकि यह अभी तक साफ नहीं किया गया है कि किन-किन इलाकों में और कितने ठिकाने तबाह किए गए हैं और कितने आतंकी मारे गए हैं। इस बारे में अभी तक कोई भी जानकारी साफ नहीं हुई है। लेकिन रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से यह बातें सामने आई है कि अमेरिका और उसकी सहयोगी सेनाओं ने ऑपरेशन में 35 से ज्यादा ठिकानों पर 90 से ज्यादा हथियार दागे हैं। इस ऑपरेशन में 20 से ज्यादा विमानों ने हिस्सा लिया था।
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यानी कि 20 से ज्यादा विमान इस ऑपरेशन में शामिल हुए थे। इस स्ट्राइक में शामिल हुए थे। ट्रंप प्रशासन ने इस जवाबी कारवाई को ऑपरेशन हॉक आई स्ट्राइक नाम दिया है। इसकी शुरुआत 19 दिसंबर को ही हो गई थी। तब सीरिया के आईएसआई के 70 ठिकानों पर बड़े हमले किए गए थे। सेंट्रल कमांड ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को इन हमलों का निर्देश दिया था, ऐलान दिया था, आर्डर दिया था। बयान में यह भी कहा गया कि यह हमले आतंकवाद से लड़ने और इस क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं की रक्षा के प्रयास में किए गए हैं।
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