रतलाम हाईवे ट्रक कटिंग गैंग का भंडाफोड़, 4 बदमाश गिरफ्तार, तिरपाल काटकर चुराते थे लहसुन-सरसों
रतलाम के फोरलेन हाईवे पर ट्रकों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य स्पीड ब्रेकर और घाट वाले हिस्सों में ट्रकों की रफ्तार कम होने का इंतजार करते थे। वहीं इसके बाद बाइक से ट्रक के पीछे पहुंचकर तिरपाल काटते और कृषि उपज नीचे गिराकर साथी उसे समेटकर ले जाते थे। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि सात अन्य की तलाश जारी है।
दरअसल एएसपी राकेश पंद्रों ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर नामली थाना पुलिस ने धर्मेंद्र बापू के खेत के पीछे घेराबंदी की। मौके से अमन कंजर, राहुल कंजर और निखिल कंजर को पकड़ लिया गया जबकि कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से बिना नंबर की बाइक करीब 30 लीटर कच्ची शराब और अमन सिसोदिया के पास से 32 बोर का देसी कट्टा, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
कैसे देते थे घटना को अंजाम?
वहीं पूछताछ में आरोपियों ने हाईवे पर चोरी का पूरा तरीका बताया। गिरोह चोरी की बाइकों पर तीन-तीन लोग बैठकर अलग-अलग हिस्सों में ट्रकों की रेकी करता था। तिरपाल से ढके ट्रकों को निशाना बनाया जाता और जैसे ही वाहन स्पीड ब्रेकर या घाट पर धीमा होता बीच में बैठा आरोपी रस्सी के सहारे ट्रक पर चढ़ जाता। वह तिरपाल काटकर लहसुन, सरसों जैसी कृषि उपज सड़क किनारे गिरा देता था। पीछे चल रहे साथी बाइक से सामान उठाकर हाईवे से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने मकान में छिपा देते थे।
चोरी का माल बरामद
दरअसल थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि आरोपियों ने करीब 20-25 दिन पहले एक ट्रक से 14 कट्टे लहसुन और चार दिन पहले दूसरे ट्रक से 13 कट्टे सरसों चोरी करने की बात कबूल की है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की गई दोनों कृषि उपज बरामद कर ली है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 8.59 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। इसमें 14 कट्टे लहसुन, 13 कट्टे सरसों, चार बिना नंबर की बाइक, 30 लीटर कच्ची शराब, देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया।
Swachh Vayu Survekshan 2026: राष्ट्रीय रैंकिंग में राजस्थान के शहर पिछड़े, प्रदूषण के चलते जयपुर के हेरिटेज स्टेटस पर मंडराया खतरा
Swachh Vayu Survekshan 2026: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग ने राजस्थान के प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण के दावों की पोल खोलकर रख दी है. 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की राष्ट्रीय रैंकिंग में राजधानी जयपुर 174 अंकों के साथ 20वें स्थान पर पिछड़ गया है, जबकि जोधपुर 24वें और कोटा 37वें पायदान पर लुढ़क गया है. इस बिगड़ती आबोहवा का सबसे गंभीर असर अब शहर के ऐतिहासिक वैभव पर दिखने लगा है. विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदूषण और कालिख के चलते हवामहल, आमेर और अल्बर्ट हॉल जैसी विश्व धरोहरों की रंगत हमेशा के लिए फीकी पड़ जाएगी, जिससे जयपुर से उसका 'यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी' का तमगा भी छिन सकता है.
कोटा को 37वां स्थान मिला
Swachh Vayu Survekshan 2026: वहीं राजस्थान के जयपुर को 20वां, जोधपुर को 163.2 अंकों के साथ 24वां और कोटा को 146.3 अंकों के साथ 37वां स्थान मिला. राहत की बात केवल 3 से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में रही, जहां अलवर 6ठे और उदयपुर 8वें स्थान पर रहकर टॉप-10 में जगह बनाने में कामयाब रहे. लेकिन 3 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहरों में प्रदेश का कोई भी शहर राष्ट्रीय सूची में शामिल नहीं हो सका.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि धूमिल होने की आशंका
जयपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर अब पर्यावरण और हेरिटेज एक्सपर्ट्स ने बेहद गंभीर चिंता जताई है. विशेषज्ञों का कहना है कि परकोटे के भीतर वाहनों का अत्यधिक दबाव, संकरी गलियां और धूल-धुएं की परत गुलाबी नगरी के मूल स्वरूप को निगल रही है. हवामहल, आमेर फोर्ट और अल्बर्ट हॉल की प्राचीन दीवारों पर जम रही कालिख पत्थरों के क्षरण का कारण बन रही है. जानकारों का साफ कहना है कि अगर वायु प्रदूषण पर तुरंत काबू नहीं पाया गया, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि धूमिल होगी और यूनेस्को की सख्त गाइडलाइंस के तहत जयपुर का हेरिटेज स्टेटस खतरे में पड़ सकता है.
स्वच्छ वायु केवल सांस लेने के लिए ही नहीं, बल्कि जयपुर के सदियों पुराने स्थापत्य और वैश्विक पहचान को बचाए रखने के लिए भी अनिवार्य है. अब देखना होगा कि रैंकिंग में पिछड़ने के बाद प्रशासन नींद से जागकर क्या कड़े कदम उठाता है.
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