पंजाब पुलिस का हीरो कॉन्स्टेबल कैसे बना कातिल:शादी में न बुलाने से गुस्साया, बहन के घर जाकर जीजा की गोली मारकर हत्या की
पंजाब के नवांशहर में शादी में न बुलाने पर पुलिस कॉन्स्टेबल इस कदर गुस्से में आया कि जीजा की गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसकी पत्नी ने रोकने की भी कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। उलटा पत्नी के साथ ही मारपीट कर दी। गुस्से में पहुंचे कॉन्स्टेबल के लिए जीजा के घर के दरवाजे नहीं खुले तो उसने बंद दरवाजे पर ही 2 फायर कर दिए। इसके बाद झाड़ियों में छुप गया। जैसे ही जीजा बाहर निकला तो गोलियां मार दीं। एक महिला बचाने आई तो उसे भी नहीं बख्शा, उसकी टांग में भी गोली मार दी। अचानक हुई इस घटना की अब पूरी कहानी सामने आई है। जिसमें पता चला कि पुलिस कॉन्स्टेबल एक जज का गनमैन था। वारदात के बाद वह फरार है। कभी एक बदमाश को पकड़ने के लिए कॉन्स्टेबल ने पैर में लगी गोली तक की परवाह नहीं की थी। वह पुलिस विभाग का हीरो बना लेकिन एक छोटी सी वजह से वह परिवार की नजरों में विलेन और पुलिस की नजरों में अपराधी बन गया। पुलिस कॉन्स्टेबल के हाथों जीजा के कत्ल और इसकी वजह की पूरी कहानी पढ़िए... जानिए, हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया शाम को ड्यूटी से लौटा, घर पर भी झगड़ा किया: 9 जनवरी, शुक्रवार की रात नवांशहर के बंगा में पुलिस कॉन्स्टेबल मनदीप ड्यूटी से घर लौटने पर कुछ परेशान दिखा। पत्नी और पिता ने कारण पूछा तो बहस करने लगा। पत्नी को पीटने पर उतारू हो गया। इसके बाद पत्नी ने अपने बेटे के साथ खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। मनदीप काफी देर कर बड़बड़ाता रहा और इधर-उधर फोन लगाता रहा। इसके बाद वह रात 7 बजे के करीब घर से निकल गया। कार से सर्विस रिवाल्वर लेकर बहन के घर पहुंचा: पिता पिता हुकम सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को घर में झगड़ा करने के बाद मनदीप ने गुस्से में बहन के घर फोन किए। बहन और जीजा के फोन न उठाने पर और तैश में आ गया और अपनी गाड़ी उठाकर चला गया। इस दौरान वह अपनी सर्विस रिवॉल्वर भी साथ लेकर चला गया। बेटी को गुस्से की सूचना मिल गई: पिता हुकम सिंह ने कहा- मनदीप के इस तरह गुस्से में जाने की सूचना बेटी को लग मिल गई थी। इसके चलते ही जब वह बंगा की MC कॉलोनी में जीजा गुरप्रीत उर्फ गोपी (40) के घर पहुंचा तो उसकी बहन घर से बाहर नहीं निकली। हमने मनदीप को समझाया भी था कि शादी में नहीं बुलाना बड़ी बात नहीं है। इस तरह से गुस्सा होना ठीक नहीं है, लेकिन वह नहीं माना। हुकम सिंह के अनुसार मनदीप उनका बड़ा बेटा है। वह 2014 में भर्ती हुआ। उसका एक बेटा है जो दिव्यांग है। अब जानिए, जीजा की हत्या कैसे की? बहन ने गेट नहीं खोला, कार से टक्कर मारी: कॉन्स्टेबल मनदीप के घर से गुस्से में निकलने और साथ में सर्विस रिवॉल्वर होने की बात बहन को पता चल गई थी। जब मनदीप 9 जनवरी को रात साढ़े 11 बजे घर के बाहर पहुंचा तो उसने पहले दरवाजा खटखटाया, लेकिन बहन को उसके इरादे ठीक नहीं लगे। उसने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद मनदीप और तैश में आ गया। उसने अपनी कार स्टार्ट की और गेट में दे मारी। गाड़ियां तोड़ीं, दरवाजे पर 2 फायर किए: मनदीप की इस हरकत के बाद भी बहन और जीजा बाहर नहीं आए। इससे गुस्साए मनदीप ने वहां शादी में आए कुछ और लोगों की गाड़ियां तोड़ दीं। फिर भी बहन और जीजा बाहर नहीं निकले। उन्होंने हालात को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। गुस्साए कॉन्स्टेबल मनदीप ने जीजा के घर के दरवाजे पर 2 फायर किए और फिर झाड़ियों में छिप गया। 15-20 मिनट बाद जीजा घर से बाहर निकला: गोलियों की आवाज आने पर आसपास के लोग घर के बाहर पहुंच गए। 15-20 मिनट बीत गए। बहन और जीजा को लगा कि शायद कॉन्स्टेबल वहां से चला गया। अब माहौल शांत है। इसी बीच उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने जल्दी पहुंचने के लिए उनसे लोकेशन मांगी थी। जीजा गुरप्रीत ने बाहर आकर लोकेशन और तोड़फोड़ के फोटो भेजने के लिए मोबाइल निकाला। झाड़ियों से बाहर निकला, 4 गोलियां मारीं: जीजा को बाहर देखकर कॉन्स्टेबल अमनदीप झाड़ियों से एकदम बाहर आया। वह तेजी से जीजा गुरप्रीत के पास पहुंचा और 4 गोलियां मार दीं। मौके पर जीजा को बचाने के लिए एक महिला आगे आई जिसकी टांग के आर-पास गोली निकल गई। महिला को बंगा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोप गाड़ी लेकर भाग निकला। जीजा का कातिल क्यों बना पुलिस कॉन्स्टेबल बंगा सिटी पुलिस ने बताया कि गुरप्रीत से कॉन्स्टेबल मनदीप की छोटी बहन मनजीत कौर की शादी हुई थी। वहां छोटी बहन के जेठ की शादी थी। छोटी बहन ने बड़ी बहन को शादी में बुला लिया, लेकिन भाई यानी कॉन्स्टेबल मनदीप को नहीं बुलाया। इससे वह नाराज हो गया। SHO सतनाम सिंह ने बताया कि शादी में न बुलाने को लेकर बहन मनजीत की भाई मनदीप से बहस भी हुई थी। मनदीप इस बात से भी नाराज था कि जब बड़ी बहन को बुलाया तो उसे क्यों नहीं बुलाया?। अगर नहीं बुलाना था तो फिर बहन को भी नहीं बुलाती। बहन-जीजा ने कॉन्स्टेबल का फोन क्यों नहीं उठाया कत्ल के लिए निकलने से पहले मनदीप बार-बार बहन मनजीत और जीजा गुरप्रीत को फोन कर रहा था। मगर, उन्होंने कॉल नहीं उठाई। इसको लेकर बहन मनजीत ने बताया कि शादी समारोह के बाद वह घर में आकर लेटे थे। थके हुए थे तो नींद आने लगी थी। भाई की बार-बार मेरे मोबाइल पर रिंग आ रही थी। इस पर बच्चों ने कहा कि मामू का फोन आ रहा है। मैंने कहा कि सभी सो जाओ। उसने पी रखी होगी, इसलिए अब फोन करने से हट नहीं रहा। मेरे फोन के बाद पति के फोन पर फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने भी नहीं उठाया। घर से पता चला कि वो हमारे पास आने के लिए निकला है। रात 11:30 बजे के करीब गेट पर जोरदार धमाका हुआ। भाई की आवाज से उसे पता चला कि वह गुस्से में है। मैंने अपने साथ पूरे परिवार को घर की पहली मंजिल पर चलने के लिए कहा और दरवाजा नहीं खोला। मेरे पिता और पति ने अपने-अपने फोन से पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मियों का फोन आया। बाहर अब शांति थी। पति बेटे के साथ घर की लोकेशन बताने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले तो भाई ने गोलियां चला दीं। पुलिस विभाग ने बहादुरी के लिए दिया था प्रशंसा पत्र पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी फरार है और अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापे मार रही है। आरोपी मनदीप जज का गनमैन बताया जा रहा है। 15 जून 2022 को फिरौती की कॉल की सूचना पर सदर थाना बंगा ने कार्रवाई की थी। मनदीप ने तब फिरौती मांगने वाले को दबोचा लिया था, इस दौरान उसकी टांग में गोली लग गई थी। उसने फिर भी आरोपी को नहीं छोड़ा। उसके जज्बे को देखते हुए पुलिस विभाग ने उसे प्रशंसा पत्र दिया था।
गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय के मर्डर में खुलासा:परिवार बोला- पत्नी के अवैध संबंध, मामा संग मिलकर गला घोंटकर नसें काटीं, झाड़ियों में फेंकी लाश
हरियाणा के गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय फैसल इदरीसी की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। परिवार का आरोप है कि फैसल की पत्नी उजमा के शादी से पहले किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे। फैसल की लाश मिलने से पहले, उजमा और उसके मामा आफताब ने उसे पीटा था। फैसल ने यह बात शादाब को बताई थी। 8 जनवरी को फैसल का शव सेक्टर 37 में शनि मंदिर के पास मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि फैसल का पहले गला घोंटा गया, उसके दोनों हाथों की नसें काटीं, इसके बाद उसके चेहरे पर ईंट से वार किया गया। उसके हाथ-पैर बांधकर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मिट्टी और मलबे से ढक दिया गया। जब शव मिला तो उस पर कीड़े चल रहे थे। सेक्टर 10 थाना पुलिस ने शादाब की शिकायत पर उजमा और उसके मामा आफताब के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पहले जानिए कौन है फैसल और उजमा से कैसे शादी हुई.... अब जानिए चचेरे भाई ने क्या आरोप लगाए.... समाजसेवा का शौक, कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर ढोए शादाब ने बताया कि फैसल न केवल एक मेहनती युवक था, बल्कि उसे समाज सेवा का भी गहरा शौक था। कोरोना महामारी के भयावह दौर में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे, तब फैसल ने दिन-रात एक करके कई मरीजों की मदद की। उसने अपने स्तर पर ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाए, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और कई जिंदगियां बचाईं। कानपुर के मीरपुर रेल बाजार में लोग उसकी नेकदिली की मिसाल देते हैं। जांच अधिकारी बोले- पुलिस हर एंगल से जांच कर रही सेक्टर 10 थाने के जांच अधिकार संजय ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पत्नी उजमा और आफताब के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही दूसरे एंगल पर भी जांच की जा रही है। अभी किसी को भी दोषी ठहराना जल्दबाजी होगा। फैसल मर्डर की मिस्ट्री जल्द ही सुलझा ली जाएगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 




















