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Aaj ka Vrishchik Rashifal: छोटी खराबी खोलेगी पुराने खर्चों का हिसाब, बढ़ेगी आपकी बचत, तुरंत प्रतिक्रिया न दें

Aaj ka Vrishchik Rashifal 18 September 2026: घर में छोटी चीज खराब होने से पुराने खर्चों का हिसाब-किताब देखने का मौका मिलेगा, जिससे बचत बढ़ेगी. कार्यक्षेत्र में नए तरीके अपनाने और पारिवारिक जीवन में विचारपूर्वक निर्णय लेने से लाभ होगा. कपूर जलाकर "ॐ शान्तिः" का जाप करें. जानें राशिफल और उपाय.

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कलकत्ता High Court ने बदला Mamata Banerjee की रैली का स्थल, श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में मिली अनुमति

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 26 सितंबर को श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में राजनीतिक रैली करने की अनुमति दी तथा रैली के लिए एक निजी भूमि पर पूर्व में आवंटित किए गए स्थल को बदल दिया। उच्च न्यायालय ने राजनीतिक रैली की अनुमति से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। ‘जगन्नाथ ज्यू ट्रस्टी बोर्ड’ ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने 10 सितंबर को एक पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

इस याचिका में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य द्वारा ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को हुगली जिले के श्रीरामपुर में बोर्ड की जमीन महेश जगन्नाथदेव स्नानपीरी मैदान पर जनसभा करने की अनुमति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। बोर्ड ने दावा किया कि कि याचिकाकर्ता को औपचारिक मंजूरी मिले बिना, निजी स्वामित्व वाले मैदान पर ऐसी राजनीतिक सभा नहीं बुलाई जा सकती, जिसके आयोजन की अनुमति इस अदालत ने 11 सितंबर के लिए दी थी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने भूस्वामी और पुलिस की पुनर्विचार याचिकाओं को मंजूरी देते हुए कहा कि ट्रस्टी बोर्ड की इजाजत के बिना निजी जमीन पर सभा, रैली, धरना या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने 26 सितंबर को सार्वजनिक जमीन श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड पर सभा करने की अनुमति दी। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि आयोजन में ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 लोग शामिल होंगे। राज्य सरकार और निजी जमीन के स्वामी ने न्यायमूर्ति भट्टाचार्य के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें भीड़-भाड़ वीले जीटी रोड पर प्रस्तावित रैली करने के बजाय 11 सितंबर को सभा करने की इजाज़त दी गई थी।

खंडपीठ ने राज्य सरकार और निजी जमीन के स्वामी की अपील को उनके द्वारा वापस लिया जाना मानते हुए निस्तारित कर दी थी। खंडपीठ ने पिछले हफ़्ते एकल पीठ से अनुरोध किया था कि यदि पुनर्विचार याचिका दायर की जाती है, तो उस पर 25 सितंबर तक फैसला किया जाए। पश्चिम बंगाल सरकार ने खंडपीठ के सामने दलील दी कि न्यायाधीश ने उनकी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि आयोजन स्थल निजी संपत्ति है और सभा करने के लिए भूमि के मालिक की अनुमति आवश्यक है।

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  Sports

श्रीलंका के खिलाफ Test Series में वापसी चाहते हैं Pakistan के तेज गेंदबाज Haris Rauf

कभी टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने वाले पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ अब लाल गेंद के खेल में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। हाल के समय में पाकिस्तान की टीम से दूरी और सीमित मौकों के बीच रऊफ ने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम में जगह बनाना है।

हारिस रऊफ फिलहाल पाकिस्तान में खेली जा रही प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में पाकिस्तान टेलीविजन की ओर से खेल रहे हैं। पिछले सप्ताह शुरू हुए इस टूर्नामेंट में उन्होंने ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए। हालांकि मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ, लेकिन रऊफ का प्रदर्शन उनके लिए काफी अहम रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार रऊफ चाहते हैं कि प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में आए। पाकिस्तान को नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है और रऊफ इस दौरे के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले तक रऊफ का टेस्ट क्रिकेट को लेकर रुख बिल्कुल अलग था। पाकिस्तान में लगातार मांग उठती रही कि वह टेस्ट मैचों में देश के लिए खेलें, लेकिन वह लंबे प्रारूप को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बावजूद उन्होंने अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है। उनका यह एकमात्र टेस्ट करीब चार साल पहले खेला गया था।

हाल के महीनों में भी रऊफ का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ रिश्ता बहुत सहज नहीं रहा है। उन्हें टीम में पहले जैसी जगह नहीं मिल रही है और हाल में वह मुख्य रूप से एकदिवसीय क्रिकेट तक सीमित रहे हैं। उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब एक साल पहले भारत के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में था।

अब रऊफ ने लंबे प्रारूप को लेकर अपना नजरिया बदलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए अपना नाम सामने रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान को तेज गेंदबाज की जरूरत है और प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी उनके पास खुद को साबित करने के लिए कई मुकाबले बाकी है।

रऊफ ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले सीजन में चार दिवसीय क्रिकेट खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से पहले भी उन्होंने दूसरे स्तर की घरेलू क्रिकेट में समय बिताया था। उनके अनुसार जब भी मौका मिलता है, लंबे प्रारूप में खेलना खुद को बेहतर बनाने का अच्छा तरीका है।

बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल के महीनों में घरेलू क्रिकेट को लेकर खिलाड़ियों पर सख्ती बढ़ाई है। बोर्ड चाहता है कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ी उपलब्ध होने पर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लें। ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इसी नीति के बीच कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना देखा गया है। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी हाल में लाल गेंद के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। अब हारिस रऊफ भी इसी दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

रऊफ के लिए श्रीलंका सीरीज में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और लंबे प्रारूप में अपनी फिटनेस तथा गेंदबाजी क्षमता साबित करनी होगी। फिलहाल उनका पांच विकेट का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी रखने की अच्छी शुरुआत माना जा रहा है। अंतिम फैसला उनके आगे के प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर होने वाला है।

Thu, 17 Sep 2026 20:42:00 +0530

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