वेनेजुएला में अमेरिकी एक्शन से कनाडाई एक्सपर्ट्स परेशान:कनाडा पर भी मिलिट्री प्रेशर की आशंका; ट्रम्प का कनाडा को US स्टेट बनने का ऑफर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की वेनेजुएला में हालिया कार्रवाइयों के बाद कनाडा में भी डर और चिंता का माहौल है। अमेरिकी सेना हाल ही में वेनेजुएला में घुसकर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले आई थी। इस बीच ट्रम्प के पुराने बयान और धमकियां फिर चर्चा आ गईं जो उन्होंने कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने के लिए दी थीं। कनाडा के अखबार द ग्लोब एंड मेल में छपे एक लेख में कहा गया है कि कनाडाई लोगों को इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए कि ट्रम्प उनके देश के खिलाफ भी मिलिट्री प्रेशर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस लेख के लेखक और कनाडाई प्रोफेसर थॉमस होमर-डिक्सन ने कहा कि अगर कनाडा के खिलाफ किसी तरह का सैन्य दबाव डाला जाता है, तो यह साफ होना चाहिए कि इसकी कीमत बहुत भारी होगी। एक्सपर्ट्स बोले- कनाडा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा कनाडा की तरह ही ट्रम्प ग्रीनलैंड को भी अमेरिका में मिलाना चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्रीनलैंड और कनाडा में कई समानताएं हैं। दोनों लोकतांत्रिक हैं, आर्कटिक इलाके में स्थित हैं और NATO जैसे सुरक्षा संगठन का हिस्सा हैं, जिस पर ट्रम्प अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। इसी वजह से कनाडा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कनाडा सरकार को सुरक्षा मामलों में सलाह दे चुके वेस्ली वार्क ने कहा कि ओटावा के कई अधिकारी अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि हालात इतने बदल चुके हैं। वेस्ली के मुताबिक, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प के कदम कनाडा के लिए आखिरी चेतावनी हैं। ये दिखाते हैं कि अमेरिका अब वैसा देश नहीं रहा जैसा पहले हुआ करता था। कनाडा अपनी निर्भरता अमेरिका पर कम कर रहा इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सत्ता में आने के बाद से ही अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिशें शुरू कर दी थी। वे अब चीन के साथ व्यापार बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। हाल ही में कार्नी ने कहा कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने ट्रम्प की कनाडा से जुड़ी पुरानी धमकियों पर कोई टिप्पणी नहीं की। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका की तरफ से कनाडा पर सीधा सैन्य हमला होना मुश्किल है, लेकिन आर्थिक दबाव डाला जा सकता है। कार्लेटन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर स्टेफनी कार्विन ने कहा कि अमेरिका अब पहले से ज्यादा आसानी से कनाडा की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है, अगर ऐसा करना राष्ट्रपति की इच्छा के मुताबिक हो। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर ट्रम्प के दबदबे के बाद यह साफ है कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध में अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए ज्यादा आक्रामक हो सकता है। अमेरिका मदद के बदले कनाडा पर दबाव डाल सकता है कार्लेटन यूनिवर्सिटी के ही प्रोफेसर फिलिप लागासे ने एक और आशंका जताई। उनके मुताबिक, अगर कनाडा किसी बड़ी आपदा या ऐसे हालात में अमेरिका पर निर्भर होता है जिसे वह खुद संभाल नहीं सकता, तो मौजूदा अमेरिकी प्रशासन मदद के बदले शर्तें रख सकता है। यह भी संभव है कि अमेरिका मदद करने के बाद वहां से हटने से इनकार कर दे या बदले में मांगें रखे। इसके अलावा अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते की समीक्षा भी ट्रम्प का ध्यान फिर से कनाडा की ओर खींच सकती है। यह समझौता ट्रम्प के पहले कार्यकाल में हुआ था और अब इसकी समीक्षा होनी है। इस दौरान अमेरिका, कनाडा पर आर्थिक दबाव बना सकता है। फिलहाल कनाडा अपने करीब 70% निर्यात के लिए अमेरिका पर निर्भर है। मौजूदा समझौते के तहत दोनों देशों के बीच करीब 85% व्यापार बिना किसी टैरिफ के होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ट्रम्प ने इस छूट को खत्म करने की धमकी भी दी, तो इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। ---------------- यह खबर भी पढ़ें... ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड पर कब्जा करना हमारी मजबूरी:नहीं तो रूस-चीन यहां काबिज हो जाएंगे, हम अपने पड़ोस में इन देशों को नहीं चाहते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड पर कब्जा करना क्यों जरूरी है। उन्होंने व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के बड़े अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो रूस और चीन जैसे देश इस पर काबिज हो जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
टेस्ला का चौथा शोरूम बेंगलुरु में खुलेगा:डी-मार्ट को Q3 में ₹856 करोड़ का मुनाफा, NSE के IPO को इस महीने मिल सकता है सेबी का अप्रूवल
कल की बड़ी खबर टेस्ला से जुड़ी रही। टेस्ला इंडिया ने अब बेंगलुरु में अपना चौथा शोरूम खोलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, 'सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु'। वहीं रिटेल चेन डी-मार्ट को ऑपरेट करने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 855.78 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर यह 18.27% बढ़ा है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये दो सुर्खियां... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. टेस्ला का चौथा शोरूम बेंगलुरु में खुलेगा: कंपनी ने कहा- सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु; दिल्ली-मुंबई-गुरुग्राम के बाद अब कर्नाटक में एक्सपेंशन टेस्ला इंडिया ने अब बेंगलुरु में अपना चौथा शोरूम खोलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, 'सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु'। यह कदम भारत में टेस्ला की तेज एक्सपेंशन की ओर इशारा करता है। जहां कंपनी पहले से दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में मौजूद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 2. डी-मार्ट को तीसरी-तिमाही में ₹856 करोड़ का मुनाफा: रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹18,100 करोड़; एक साल में कंपनी का शेयर सिर्फ 4% चढ़ा रिटेल चेन डी-मार्ट को ऑपरेट करने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 855.78 करोड़ रुपए का मुनाफा (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर यह 18.27% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में भी कंपनी को ₹723.54 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 3. NSE IPO को इस महीने मिल सकता है सेबी अप्रूवल: करीब 10 साल से अटका है देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का पब्लिक इश्यू मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) इसी महीने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए जरूरी 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दे सकता है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह संकेत दिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 4. श्रीधर वेम्बू को तलाक में देने होंगे ₹14 हजार करोड़: कैलिफोर्निया की अदालत का फैसला, जोहो के फाउंडर ने 1993 में की थी शादी जोहो कंपनी के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू को कैलिफोर्निया की एक अदालत ने तलाक के मामले में 15 हजार करोड़ रुपए का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। खास बात है कि इसे भारत का सबसे महंगा तलाक बताया जा रहा है। वेम्बू की पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन अमेरिका में शिक्षाविद व बिजनेस पर्सन हैं। दोनों का एक बेटा भी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 5. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट में 7.5% तक ब्याज: 1 से 5 साल के लिए कर सकते हैं निवेश, जानें स्कीम से जुड़ी जरूरी बातें सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q4FY26) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप इन दिनों फिक्स्ड डिपॉजिट कराने का प्लान बना रहे हैं तो तो इससे पहले पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट अकाउंट के बारे में भी जान लेना चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए... शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए... पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
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