Responsive Scrollable Menu

नए साल के जश्न की तैयारी में दुनिया, इधर भारत ने बैक-टू-बैक दो 'प्रलय' मिसाइल दाग दी, दुश्मन के खेमे में मची खलबली

नए साल का आगमन होने वाला है। पूरी दुनिया जश्न की तैयारी में डूबी है। लेकिन इन तैयारियों के बीच भारत ने डबल धमाका कर दिया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए स्वदेशी रूप से विकसित ‘प्रलय’ मिसाइल का बेहद सफल परीक्षण किया है. यह कोई साधारण परीक्षण नहीं था, बल्कि यह एक ‘साल्वो लॉन्च’ था, जिसने दुश्मन के खेमे में खलबली मचा दी है। रक्षा विशेषज्ञों की भाषा में ‘साल्वो लॉन्च’ का मतलब होता है एक साथ या बहुत कम अंतर पर कई हथियारों का हमला। भारत ने बुधवार को ओडिशा तट से दूर डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप से प्रलय लघु-श्रेणी बैलिस्टिक मिसाइल के उपयोगकर्ता परीक्षणों की एक श्रृंखला का सफलतापूर्वक संचालन किया, जो स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणाली की शामिल करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित मूल्यांकन कार्यक्रम के तहत सुबह करीब 10 बजे दो मिसाइलों का परीक्षण किया गया, जिसके तुरंत बाद एक और मिसाइल दागी गई। ये परीक्षण उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित मापदंडों के तहत मिसाइल के परिचालन प्रदर्शन का आकलन करने के लिए किए गए थे, जिसमें सभी उद्देश्य पूरे हुए और कोई विचलन नहीं पाया गया। 

इसे भी पढ़ें: 10 परमाणु मिसाइल तान दिए, पुतिन के घर पर अटैक के बाद रूस ने उठा लिया बड़ा कदम

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित प्रलय मिसाइल सतह से सतह पर मार करने वाली, कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता लगभग 150 किमी से 500 किमी तक है। पारंपरिक युद्ध के लिए डिज़ाइन की गई यह मिसाइल रडार प्रतिष्ठानों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों और हवाई पट्टियों जैसे रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक हमले करने में सक्षम है। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से निर्मित प्रलय मिसाइल आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के प्रयासों को रेखांकित करती है। यह मिसाइल 500 किलोग्राम से 1,000 किलोग्राम तक के पारंपरिक वारहेड को ले जा सकती है, जिससे विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के लिए लचीलापन मिलता है।

इसे भी पढ़ें: अचानक भारत ने दागी ऐसी खतरनाक मिसाइल, कांप उठा पाकिस्तान-बांग्लादेश

इस हथियार प्रणाली में उन्नत जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली (आईएनएस) लगी है, जिसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर भी शामिल है, जिससे उच्च सटीकता और सटीक टर्मिनल मार्गदर्शन संभव हो पाता है। इन विशेषताओं के कारण मिसाइल अपने निर्धारित पथ पर बनी रहती है और लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाती है। अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल की क्षमताओं को वास्तविक परिचालन स्थितियों में परखने के लिए उपयोगकर्ता परीक्षण किए गए थे और यह सशस्त्र बलों में इसकी तैनाती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

Continue reading on the app

किसी के गुलाम नहीं, ऊंगली नीचे...SIR की मीटिंग में मच गया हंगामा, मुख्य चुनाव आयुक्त से भिड़ गए अभिषेक बनर्जी

तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात कर पांच प्रश्न उठाए। उनके साथ नौ अन्य सांसद भी थे। तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बैठक से निकलने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अभिषेक ने बाहर आकर कहा कि आयोग ने उनके द्वारा पूछे गए पांचों सवालों के सही जवाब नहीं दिए। अभिषेक का सवाल था कि बंगाली में सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की नियुक्ति क्यों की गई, जबकि एसआईआर ने वहीं से सबसे कम नामों को बाहर रखा है? आंकड़े देते हुए अभिषेक ने बताया कि तमिलनाडु में संशोधन दर 12.57 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 8.76 प्रतिशत, गुजरात में 9.95 प्रतिशत और केरल में 6.65 प्रतिशत है। केवल बंगाल में यह दर 5 प्रतिशत है। बंगाल में ऐसा क्यों किया गया जबकि बाकी राज्यों में कहीं भी सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई थी?

इसे भी पढ़ें: बाबरी के जवाब में महाकाल, ममता का कमंडल कार्ड, बंगाल का चुनाव गजब का दिलचस्प होने जा रहा है

अभिषेक के अनुसार, केवल बंगाल में ही चुनिंदा सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और जिला पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। आयोग का कहना है कि उनके पास अधिकारी नहीं हैं। हमने कहा कि कई एयरो मशीनें बेकार पड़ी हैं। उनमें से सभी का उपयोग नहीं हो रहा है। उन्हें किराए पर लिया जा सकता था। लेकिन अभिषेक के अनुसार, आयोग के पास इस सवाल का भी कोई सही जवाब नहीं था। अभिषेक के शब्दों में मुख्य चुनाव आयुक्त को यह नहीं पता कि बंगाल में एसआईआर का काम ठीक से कैसे किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि वह ऐसे व्यवहार कर रहा है मानो उसे ऊपर से आदेश मिल रहे हों। बंगाल के मामले में, उसे पूरी बात स्पष्ट नहीं है। बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की। लेकिन मैंने उनसे साफ कहा कि उंगली नीचे करके बात करो। आप मनोनीत हैं, जबकि हम निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। हम किसी के दास या गुलाम नहीं हैं।

इसे भी पढ़ें: Sambit Patra का ममता पर तीखा वार: Amit Shah नहीं, भारत को दे रही हैं धमकी!

अभिषेक ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि उन 58 लाख लोगों की सूची सार्वजनिक की जाए जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं, और उनमें से कितने बांग्लादेशी हैं और कितने रोहिंग्या हैं। वैसे तो सुनवाई में सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका होती है। लेकिन इन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक अन्य राज्यों से हैं। उन्हें राज्य और यहां के लोगों की जानकारी नहीं है। ममता ने सवाल उठाया कि ये सूक्ष्म पर्यवेक्षक निष्पक्ष रूप से कैसे काम करेंगे? हालांकि, आयोग ने इस आरोप को खारिज कर दिया।

Continue reading on the app

  Sports

Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी की वो टीस जो 2026 में होगी पूरी, गुरु का रहा है सपना

Vaibhav Suryavanshi, Year 2026: वैभव सूर्यवंशी ने पिछले साल जो कमाल किए वो काबिलेतारीफ रहे. लेकिन, एक कसक बाकी रह गई, जो उनके गुरु का सपना भी है. तो क्या साल 2026 में वैभव सच करेंगे गुरु का सपना? Thu, 01 Jan 2026 10:35:14 +0530

  Videos
See all

Uttrakhand News: CM Dhami ने UTC की नई बसों को दिखाई हरी झंडी #hindinews #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-01T06:18:00+00:00

घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर शाह का वार I West Bengal Elections I Amit Shah I Mamata Banerjee #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-01T06:19:09+00:00

Magh Mela 2026: माघ मेले में कल्पवास पर देखिए News18 की खास रिपोर्ट | Sangam |Yogi | Prayagraj |News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-01T06:15:00+00:00

Indore Contaminated Water Case : इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 13 की मौत | Shorts | Top News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-01T06:22:24+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers