Responsive Scrollable Menu

Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर अब 31 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर अशोक बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। जानिए कंपनी को कैसा ऑर्डर मिला है, इस पर कब तक काम पूरा करना है और डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड कितना है

Continue reading on the app

मजबूत कैपेक्स और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से जुलाई में औद्योगिक उत्पादन को मिली गति: विशेषज्ञ

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। जुलाई 2026 में भारत के औद्योगिक उत्पादन में दर्ज 6.7 प्रतिशत की वृद्धि को अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बताया है। उनका मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ऊंची ऊर्जा कीमतों और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश में विनिर्माण गतिविधियों और निवेश आधारित विकास ने औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है।

ताजा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अनुसार, जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र में 7.3 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार भी व्यापक आधार पर रहा, जहां 23 में से 19 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।

केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की औद्योगिक गतिविधियां काफी हद तक मजबूत बनी हुई हैं। उन्होंने विशेष रूप से पूंजीगत वस्तुओं और बुनियादी ढांचा एवं निर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन को उत्साहजनक बताया।

उन्होंने कहा कि जुलाई में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 16.1 प्रतिशत और बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुओं के उत्पादन में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो निवेश गतिविधियों में मजबूती का संकेत देते हैं।

वहीं, बजाज ब्रोकिंग के फंडामेंटल एनालिस्ट शाश्वत सिंह ने कहा कि जुलाई के आंकड़े स्पष्ट रूप से निवेश आधारित वृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि पूंजीगत वस्तुओं में 16.1 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 10 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि उद्योगों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई परियोजनाओं में निवेश का चक्र मजबूत बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के 23 में से 19 समूहों में विस्तार दर्ज किया गया, जिनमें विद्युत उपकरण, मोटर वाहन, अन्य परिवहन उपकरण, मशीनरी और उपकरण निर्माण क्षेत्र अग्रणी रहे।

उत्पाद स्तर पर स्विचगियर, सर्किट सुरक्षा उपकरण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रणाली, सॉलिड-स्टेट ड्राइव, ऑटो कंपोनेंट्स, यात्री और वाणिज्यिक वाहन, निर्माण मशीनरी, पंप और टरबाइन जैसे उत्पादों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

इसके अलावा, ब्रिकवर्क रेटिंग्स के रिसर्च प्रमुख राजीव शरण ने कहा कि वाहन और घरेलू उपकरणों जैसे उपभोक्ता टिकाऊ उत्पादों की मांग में मजबूती यह दर्शाती है कि गैर-आवश्यक उपभोक्ता खर्च और ऋण-आधारित खरीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है। इससे शहरी मांग और उपभोक्ता विश्वास में सुधार का संकेत मिलता है।

हालांकि विशेषज्ञों ने कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया है। जुलाई में उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो दैनिक उपयोग की वस्तुओं की मांग में कुछ नरमी का संकेत देती है। इससे यह संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों में खपत का रुझान अभी भी मिश्रित बना हुआ है।

रजनी सिन्हा ने कहा कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति, मौसम संबंधी व्यवधानों और इनके ग्रामीण मांग पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखना आवश्यक होगा। हालांकि उनका मानना है कि कैपिटल गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूत स्थिति औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक आधार प्रदान कर रही है।

वहीं, शाश्वत सिंह के अनुसार, आगे बाजार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम होंगे। यदि ऊर्जा लागत में तेज उतार-चढ़ाव होता है, तो उसका प्रभाव उत्पादन लागत और मांग दोनों पर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

किसी के नाम 8000 रन, कोई झटक चुका 400 विकेट, टीम इंडिया में मौके को तरस रहे फर्स्ट क्लास के 5 धुरंधर

नई दिल्ली. भारत में घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को सिलेक्शन का आधार माना जाता है. खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों का सिलेक्शन उनके घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर भी करता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंटरनेशनल क्रिकेटर्स को भी खाली समय में घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने की सलाह दे चुका है. इस कड़ी में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए जा चुके हैं. Sat, 29 Aug 2026 17:31:29 +0530

  Videos
See all

राहुल गांधी के बयान पर आर-पार की जंग! | Jhooth Ki Goonj | BJP vs Congress | Gen-Z | PM Modi | CJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T13:15:44+00:00

UP Encounter Breaking News: UP में अभी-अभी बड़ा एनकाउंटर! UP News | UP Police | Crime News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T13:15:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers