इंदौर नगर निगम 103 करोड़ रुपये का फर्जी बिल घोटाला, मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
Indore Municipal Corporation Scam: इंदौर नगर निगम में हुए बहुचर्चित 103 करोड़ रुपये के फर्जी बिल और टेंडर घोटाले में मुख्य आरोपियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे इंजीनियर अभय राठौर और ठेकेदार राहुल बडेरा को स्पेशल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जहां उनकी जमानत याचिका को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है. अदालत के इस सख्त फैसले के बाद अब इन दोनों मुख्य आरोपियों को आगे भी जेल में ही रहना होगा. जमानत पाने के लिए याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कई तर्क पेश किए गए. आरोपियों ने अपनी दलील में कहा कि वे पिछले एक साल से जेल में बंद हैं और आगे भी जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं. उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए खुद पर लगे आरोपों को झूठा करार दिया. हालांकि, ईडी की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक चंदन एरन ने अदालत में इन तर्कों का कड़ा विरोध किया. उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपियों ने जाली टेंडर और फर्जी वर्क ऑर्डर के माध्यम से 103 करोड़ रुपये की विशाल राशि का गबन किया है, इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए इन्हें बिल्कुल भी जमानत नहीं दी जानी चाहिए. दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी.
भारत-यूरोपियन यूनियन एफटीए बड़ा गेम चेंजर, द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा : लिथुआनियाई राजदूत
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारत-यूरोपियन यूनियन (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) एक बड़ा गेम चेंजर है और इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी भारत में लिथुआनियाई राजदूत डायना मिकेविचिएने की ओर से दी गई।
समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में मिकेविचिएने ने कहा कि यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच नई पीढ़ी के जुड़ाव के लिए एक अहम आधार बनेगा।
उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि इस साल के आखिर तक एफटीए पर साइन हो जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि जनवरी से जून 2027 तक लिथुआनिया के पास यूरोपियन यूनियन की काउंसिल की प्रेसिडेंसी होगी।
उन्होंने कहा, इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि हमारी अध्यक्षता के दौरान एफटीए लागू और चालू हो जाएगा और हम इसे सच करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
मिकेविचिएने ने कहा कि यह समझौता लिथुआनिया की ईयू प्रेसिडेंसी की मुख्य उपलब्धियों में से एक होगा और भारत-ईयू के बीच मजबूत संबंधों के लिए एक अहम आधारशिला बनेगा।
इस समझौते को भारत और ईयू दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सामान और सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने और उन क्षेत्रों की सुरक्षा करने के बीच सही संतुलन बना लिया है जो महत्वपूर्ण हैं और जिन पर जोखिम हो सकता है।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, यह भारत और ईयू दोनों के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि उन्होंने एक-दूसरे के सामान और सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाने और आसान बनाने के साथ-साथ उन क्षेत्रों की सुरक्षा करने के बीच सही संतुलन बना लिया है जो महत्वपूर्ण हैं और जिन पर दोनों तरफ जोखिम हो सकता है।
राजदूत ने आगे इस समझौते को मदर ऑफ ऑल डील्स बताया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की नई पीढ़ी के लिए एक ब्लूप्रिंट के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत और लिथुआनिया के बीच आर्थिक संबंधों पर मिकेविसिएने ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है और सामान व सेवाओं का लगातार आदान-प्रदान हो रहा है।
उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार अब पारंपरिक उत्पादों से आगे बढ़ रहा है। दोनों तरफ से कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और डिजिटल उपकरणों का व्यापार भी बढ़ रहा है।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि लिथुआनिया में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां हैं और वहां भारतीय आईटी टैलेंट भी काम कर रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस
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