Responsive Scrollable Menu

SC का CBSE को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर फिर से विचार करने का निर्देश, क्लास 6th के स्टूडेंट्स को छूट देने का सुझाव

सीबीएसई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, NCERT और CBSE से थ्री लैंग्वेज फिर से विचार करने को कहा है.

Continue reading on the app

Amit Shah के सामने साउथ के CM ने की 2 बड़ी मांग, बैग देते समय थलापति विजय ने किया क्या इशारा?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान NEET (नॉट इन टैक्स) से छूट और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक में दक्षिण के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पहली बार उपस्थित विजय ने हाल ही में तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में रहे इन दो मुद्दों पर जोर देने के साथ-साथ अंतरराज्यीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग, नीली अर्थव्यवस्था और तटीय सुरक्षा में अधिक सहयोग का आह्वान किया। विजय ने मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेंस टेस्ट NEET से तमिलनाडु को छूट दिलाने की मांग की। उनका तर्क था कि इससे ग्रामीण इलाकों के छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को नुकसान होता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीवीके प्रमुख ने केंद्र सरकार से मांग की है कि तमिलनाडु को MBBS, BDS और AYUSH कोर्स में दाखिले के लिए सिर्फ़ 12वीं कक्षा के मार्क्स के आधार पर सीटें भरने की इजाज़त दी जाए। इस दौरान अमित शाह को फूलों का गुलदस्ता देने के बाद सीएम विजय एक काले रंग का बैग देते भी नजर आए। बैग देते वक्त इसके बारे में विजय इशारों में अमित शाह से कुछ कहते भी नजर आए। शायद वो अपने इस तोहफे के बारे में अमित शाह को कुछ बता रहे होंगे।

विजय ने उठाया NEET का मुद्दा

तमिलनाडु में DMK समेत कई सरकारों ने पिछले करीब एक दशक से NEET का विरोध किया है। तीन महीने पहले सत्ता में आए विजय ने भी NEET का ज़ोरदार विरोध किया है। असल में, एक्टर से नेता बने विजय ने पहले भी यह मांग की है कि शिक्षा को 'समवर्ती सूची' से हटाकर वापस 'राज्य सूची' में शामिल किया जाए। टीवीके असल में उस पुरानी व्यवस्था को वापस लाना चाहती है जिसमें राज्य सरकारें हायर सेकेंडरी (12वीं) के नतीजों के आधार पर मेडिकल कोर्स में दाखिले को कंट्रोल करती थीं। बैठक में विजय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि NEET, तमिलनाडु के उस लंबे समय से चले आ रहे मॉडल को कमज़ोर करता है, जिसके तहत स्कूली शिक्षा के ज़रिए मेडिकल शिक्षा तक समान पहुँच सुनिश्चित की जाती है। सूत्रों के अनुसार, विजय ने अमित शाह से कहा, "तमिलनाडु अपने छात्रों के हितों की रक्षा करने और मेडिकल शिक्षा तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मई में NEET-UG पेपर लीक होने के बाद यह मुद्दा ज़ोर पकड़ गया, जिससे दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। आखिरकार, इसी वजह से धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।

परिसीमन को लेकर विजय की चिंताएं

विजय ने एक और बड़ी चिंता केंद्र की उस प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर जताई, जिसके तहत संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय की जानी हैं। केंद्र ने इस प्रक्रिया को लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने से जोड़ा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि दक्षिणी राज्यों में यह एक वास्तविक और साझा चिंता है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन से संसद में उनकी सामूहिक आवाज़ कमज़ोर हो सकती है। विजय ने कहा दक्षिणी राज्य जनसंख्या स्थिरीकरण, मानव विकास और आर्थिक विकास के मामले में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा यह राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के सफल कार्यान्वयन को दर्शाता है और इसके परिणामस्वरूप हमारा प्रतिनिधित्व कम नहीं होना चाहिए। 

Continue reading on the app

  Sports

Sanjay Manjrekar हैरान हैं कि IPL की युवा पीढ़ी Test cricket में आसानी से ढल रही

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा कि यह उनके लिए हैरान करने वाली बात है कि आईपीएल की पीढ़ी टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों से इतनी सहजता से कैसे तालमेल बिठा पा रही है। उन्होंने आधुनिक युग के खिलाड़ियों के टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव की तुलना पॉप गायकों द्वारा शास्त्रीय राग गाने की कोशिश से की।

दूरदर्शन के ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो’ में बात करते हुए मांजरेकर ने मौजूदा पीढ़ी की काबिलियत पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी टी20 क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए हैं, वे लाल गेंद वाले क्रिकेट के लिए जरूरी महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव इतनी आसानी से कर पा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: IND vs SL Test: Ravindra Jadeja ने तोड़ी श्रीलंका की बड़ी साझेदारी, Sri Lanka के 6 विकेट गिरे, भारत जीत के करीब

मांजरेकर ने कहा, ‘‘अगर आधुनिक पॉप गायकों से शास्त्रीय गायन या राग गाने के लिए कहा जाए तो यह उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। लेकिन ये खिलाड़ी ऐसा कर रहे हैं। मेरे लिए यह हैरानी की बात है कि आईपीएल और टी20 की पीढ़ी इतना अच्छा टेस्ट क्रिकेट कैसे खेल रही है और वो भी गेंदबाजी करते हुए और रन बनाने, दोनों के मामले में।’’

इसे भी पढ़ें: Steve Smith ने 42 टेस्ट पहले ही तोड़ा Joe Root का दबदबा, मगर Bangladesh के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया पर हार का साया

उन्होंने खासतौर पर आधुनिक बल्लेबाजों की अनुकूलन क्षमता की तारीफ की, क्योंकि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों में काफी अंतर होता है। उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी के मामले में ज्यादा, क्योंकि टी20 बल्लेबाजी और टेस्ट बल्लेबाजी में बहुत अंतर होता है।’’

भारत की युवा टीम में कई आईपीएल और टी20 सितारे शामिल हैं, जो इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में खेल रहे हैं। ऐसे में मांजरेकर की टिप्पणी आधुनिक क्रिकेटर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है, जहां खिलाड़ियों से अलग-अलग प्रारूपों के बीच आसानी से ढलने की उम्मीद की जाती है।

इसे भी पढ़ें: शुभमन गिल ने पूरे किए कप्तानी का एक साल, 600th Test में कप्तानी कर रचेंगे इतिहास; Shubman Gill on WTC Goals

टी20 क्रिकेट की आक्रामक गति से टेस्ट क्रिकेट में जरूरी संयम, तकनीक और एकाग्रता की ओर तेजी से बदलाव करने की काबिलियत मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों की पीढ़ी की एक प्रमुख विशेषता बन गई है।

Thu, 20 Aug 2026 17:45:50 +0530

  Videos
See all

Suvendu सरकार के Bengal में 100 दिन पूरे, कितना बदला बंगाल का माहौल? Development #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T12:10:44+00:00

Breaking News: कैंसर दवाओं की बिक्री के नेटवर्क का पर्दाफाश, 17 आरोपी गिरफ्तार | Anti Cancer Drug #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T12:05:17+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers