Revanth Reddy 10 दिनों के UK और US दौरे पर London पहुंचे, Oxford भी जाएंगे
अदिति खन्ना लंदन, 20 अगस्त तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ब्रिटेन एवं अमेरिका की दस दिन की यात्रा के प्रथम चरण में बृहस्पतिवार को लंदन पहुंचे। राज्य सरकार ने इसकी जानकारी दी। राज्य सरकार के अनुसार, ब्रिटेन में रेड्डी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट एवं अमीरात स्टेडियम जाने का कार्यक्रम है।
रेड्डी अमीरात स्टेडियम में इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल से संबंधित एक प्रस्तुति में शामिल होंगे। ब्रिटेन दौरे के दौरान रेड्डी का कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन विश्वविद्यालय एवं लंदन बिजनेस स्कूल (एलबीएस) में संवाद एवं अन्य कार्यक्रमों की योजना है। इसके बाद मुख्यमंत्री अगले हफ्ते अमेरिका जायेंगे, जहां वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय और मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) के परिसर का दौरा करेंगे।
उनका 25 अगस्त को बॉस्टन में ‘वर्जीनियां टेक यूनिवर्सिटी’ के एक दल के साथ संवाद का कार्यक्रम है। कुछ आधिकारिक भेंटवार्ताओं के अलावा, न्यूयॉर्क में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) की अमेरिकी इकाई द्वारा आयोजित प्रवासी भारतीयों के साथ एक मुलाकात का कार्यक्रम भी रेड्डी के अमेरिका दौरे के एजेंडे में शामिल है। इससे पहले, बृहस्पतिवार तड़के नयी दिल्ली हवाई अड्डे पर कांग्रेस सांसद मल्लू रवि और राज्य सरकार के प्रोटोकॉल मामलों के सलाहकार हरकारा वेणुगोपाल ने उन्हें विदा किया।
रेड्डी बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली आए थे।
Bangladesh PM Tarique Rahman का भारत दौरा मुश्किल, BRICS Summit पर अनिश्चितता
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के अगले महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत यात्रा पर जाने की संभावना ‘‘बहुत कम’’ है। विदेश मामलों के संबंध में प्रधानमंत्री के सलाहकार हुमायूं कबीर ने यह बात कही। कबीर ने कहा कि जब तक ‘‘आपसी विश्वास’’ पर आधारित उचित माहौल तैयार नहीं किया जाता और नयी दिल्ली की ओर से ‘‘सम्मानजनक निमंत्रण’’ नहीं दिया जाता, तब तक प्रधानमंत्री रहमान के भारत दौरे की संभावना ‘‘काफी कम’ है।
उन्होंने कहा कि ढाका स्पष्ट रूप से तय किए गए राष्ट्रीय हितों के बिना उच्च-स्तरीय यात्रा आयोजित करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है। कबीर ने एक साक्षात्कार में सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ से कहा, ‘‘राष्ट्रीय हितों से समझौता करके या उनसे आगे बढ़कर उच्च-स्तरीय यात्रा के लिए जल्दबाजी करने का कोई औचित्य नहीं है।’’ यह साक्षात्कार 17 अगस्त को लिया गया था और बृहस्पतिवार को प्रकाशित हुआ। इन टिप्पणियों के बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान की 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नयी दिल्ली यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है, जिसे लेकर भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। कबीर ने कहा, ‘‘आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना तब तक बहुत कम है, जब तक कि कुछ विशेष मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति के आधार पर उचित माहौल नहीं बनाया जाता और सम्मानजनक निमंत्रण नहीं दिया जाता।’’ उन्होंने हालांकि कहा कि यदि ‘‘आपसी विश्वास’’ और दोनों देशों के बीच सहमति के आधार पर ‘‘उचित’’ द्विपक्षीय माहौल बनाया जाता है तो बांग्लादेश ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर सकारात्मक रुख अपना सकता है। भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संदेश दिया है कि दोनों नेताओं को मुलाकात करनी चाहिए और वह चाहते हैं कि उनके बांग्लादेशी समकक्ष रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा “यादगार” हो।
कबीर ने कहा कि बांग्लादेश-भारत संबंधों की आगे की दिशा और प्रधानमंत्री रहमान की किसी भी संभावित भारत यात्रा का निर्णय भारतीय नेतृत्व के रुख में बदलाव और बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री हसीना को लेकर भी नाराजगी जताई, जो राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत चली गई थीं। उन्होंने कहा कि हसीना को राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया में अपनी बात रखने के लिए भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बांग्लादेश में नाराजगी है और आरोप लगाया कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे या दोषी ठहराए जा चुके व्यक्तियों को राजनीतिक या मीडिया मंच उपलब्ध कराना “भारत की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।” भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हसीना से संबंधित मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है। भारत 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव समेत कई गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
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