Sanjay Manjrekar हैरान हैं कि IPL की युवा पीढ़ी Test cricket में आसानी से ढल रही
भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा कि यह उनके लिए हैरान करने वाली बात है कि आईपीएल की पीढ़ी टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों से इतनी सहजता से कैसे तालमेल बिठा पा रही है। उन्होंने आधुनिक युग के खिलाड़ियों के टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव की तुलना पॉप गायकों द्वारा शास्त्रीय राग गाने की कोशिश से की।
दूरदर्शन के ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो’ में बात करते हुए मांजरेकर ने मौजूदा पीढ़ी की काबिलियत पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी टी20 क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए हैं, वे लाल गेंद वाले क्रिकेट के लिए जरूरी महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव इतनी आसानी से कर पा रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: IND vs SL Test: Ravindra Jadeja ने तोड़ी श्रीलंका की बड़ी साझेदारी, Sri Lanka के 6 विकेट गिरे, भारत जीत के करीब
मांजरेकर ने कहा, ‘‘अगर आधुनिक पॉप गायकों से शास्त्रीय गायन या राग गाने के लिए कहा जाए तो यह उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। लेकिन ये खिलाड़ी ऐसा कर रहे हैं। मेरे लिए यह हैरानी की बात है कि आईपीएल और टी20 की पीढ़ी इतना अच्छा टेस्ट क्रिकेट कैसे खेल रही है और वो भी गेंदबाजी करते हुए और रन बनाने, दोनों के मामले में।’’
इसे भी पढ़ें: Steve Smith ने 42 टेस्ट पहले ही तोड़ा Joe Root का दबदबा, मगर Bangladesh के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया पर हार का साया
उन्होंने खासतौर पर आधुनिक बल्लेबाजों की अनुकूलन क्षमता की तारीफ की, क्योंकि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों में काफी अंतर होता है। उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी के मामले में ज्यादा, क्योंकि टी20 बल्लेबाजी और टेस्ट बल्लेबाजी में बहुत अंतर होता है।’’
भारत की युवा टीम में कई आईपीएल और टी20 सितारे शामिल हैं, जो इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में खेल रहे हैं। ऐसे में मांजरेकर की टिप्पणी आधुनिक क्रिकेटर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है, जहां खिलाड़ियों से अलग-अलग प्रारूपों के बीच आसानी से ढलने की उम्मीद की जाती है।
इसे भी पढ़ें: शुभमन गिल ने पूरे किए कप्तानी का एक साल, 600th Test में कप्तानी कर रचेंगे इतिहास; Shubman Gill on WTC Goals
टी20 क्रिकेट की आक्रामक गति से टेस्ट क्रिकेट में जरूरी संयम, तकनीक और एकाग्रता की ओर तेजी से बदलाव करने की काबिलियत मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों की पीढ़ी की एक प्रमुख विशेषता बन गई है।
Manoj Bajpayee पर्दे पर बनेंगे Mahatma Gandhi, सुधीर मिश्रा करेंगे फिल्म का निर्देशन
(फाइल फोटो के साथ) मुंबई, 20 अगस्त फिल्म निर्माता सुधीर मिश्रा और अनुभव सिन्हा भारत की स्वतंत्रता के इतिहास से जुड़े एक कम चर्चित 21 दिनों के अध्याय पर फिल्म बनाने जा रहे हैं, जिसमें मनोज बाजपेयी महात्मा गांधी की भूमिका निभाएंगे। इस नयी फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा करेंगे। सुधीर हजारों ख्वाहिशें ऐसी , धारावी और इस रात की सुबह नहीं जैसी राजनीतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
वहीं, मुल्क , आर्टिकल 15 और थप्पड़ जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले अनुभव सिन्हा अपने बैनर बनारस मीडिया वर्क्स के तहत इस फिल्म का निर्माण करेंगे। फिल्म में सौरभ शुक्ला सहित कई बेहतरीन कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ यह नयी फिल्म इतिहास के एक महत्वपूर्ण लेकिन कम चर्चित अध्याय पर केंद्रित है, जो कि भारत की स्वतंत्रता के दौरान महात्मा गांधी के जीवन के 21 दिन को दिखाती है।
इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi मानहानि केस: Satyaki Savarkar ने कहा, गोली लगने पर महात्मा गांधी को अस्पताल नहीं ले जाया गया
ऐसे समय में जब देश आजादी की दहलीज पर कदम रख रहा था और दिल्ली सत्ता का केंद्र बन रही थी, गांधी जी वहां से दूर जाने का एक अप्रत्याशित फैसला किया।’’ मिश्रा ने एक बयान में कहा, लेकिन वहां से दूर जाकर उन्होंने पीछे हटने का काम नहीं किया, बल्कि खुद को नए सिरे से परिभाषित किया। इतिहास की किताबें भले ही उस दौर की सामान्य घटनाओं को दर्ज करती हैं, लेकिन यह कहानी उस फैसले के पीछे छिपे असल कारणों को तलाशती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






