Responsive Scrollable Menu

Sri Lanka को नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा: कोच Pial Wijetunge का मानना

भारत के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा श्रीलंका को यह याद दिलाने के लिए काफी था कि गॉल का किला अब अभेद्य नहीं रहा। इससे यह सवाल भी पैदा हो गया कि आखिर उस टीम के साथ ऐसा क्या हो रहा है जिसका स्पिन गेंदबाजी कभी मजबूत पक्ष हुआ करता था और जिसके पास कभी मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे स्पिनर हुआ करते थे। गॉल में श्रीलंका को हराना किसी भी टीम के लिए सबसे कड़ी चुनौती रही है।

श्रीलंका ने इस मैदान पर खेले गए 50 टेस्ट मैच में से 27 मैच में जीत हासिल की है। लेकिन अब ऐसा नहीं लगता है। भारत से 165 रन की हार से एक साल पहले इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर क्लीन स्वीप किया था।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में अक्टूबर से क्रिकेट का घमासान, श्रीलंका और इंग्लैंड के साथ खेलेगा त्रिकोणीय श्रृंखला

कभी श्रीलंका का इस मैदान पर अपने स्पिन गेंदबाजों के दम पर दबदबा बना रहता था लेकिन अब लगता है कि उसके वह दिन लद चुके हैं। लेकिन श्रीलंका के ‘हाई परफार्मेंस सेंटर’ में स्पिन गेंदबाजी के कोच पियाल विजेतुंगे का मानना है कि उनकी टीम के पास पर्याप्त प्रतिभा है जो देश के गौरवशाली दिनों को लौटाने में सक्षम है। विजेतुंगे ने पीटीआई से कहा,‘‘मुरली और रंगना की जगह भरना आसान नहीं है।

उनका कोई सानी नहीं है। उनके अनुभव और कौशल की बराबरी आसानी से नहीं की जा सकती। इस तरह के गेंदबाज मिलना आसान नहीं होता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें अपने नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा, जिनके पास लंबे समय तक खेलने के लिए पर्याप्त प्रतिभा है।

इसे भी पढ़ें: WTC Points Table की रेस में पिछड़ा Sri Lanka, India के खिलाफ 2nd Test से पहले 3 स्टार खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर

लगातार मैच खेलने से उनका प्रदर्शन बेहतर होता जाएगा।’’ श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में केशारा नुवांता को पदार्पण का मौका दिया और इस 25 वर्षीय ऑफ-स्पिनर ने मैच में चार विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विजेतुंगे का मानना ​​था कि नुवांता में लंबे समय तक खेलने की पर्याप्त क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘‘वह विशिष्ट प्रतिभा का धनी है।

उसे धैर्य बनाए रखने और अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है। उसने टेस्ट मैच से पहले अभ्यास मैच (एसएनएलसी इलेवन बनाम भारत) में अच्छा प्रदर्शन किया और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। वह लंबे कद का खिलाड़ी है और आसानी से ऑफ-स्पिन और टॉप-स्पिन कर सकता है।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘लेकिन अभी उसके करियर के शुरुआती दिन हैं और लगातार मैच खेलने से उसके प्रदर्शन में निखार आता जाएगा।’’ कुछ समय पहले तक श्रीलंका के पास लसिथ एम्बुलडेनिया और प्रवीण जयविक्रमा जैसे स्पिनरों की एक नई पीढ़ी थी।

इसे भी पढ़ें: KL Rahul बोले: Sri Lanka पर जल्द जीत की वजह बारिश का डर था, भारत 165 रन से जीता।

अब 27 वर्षीय जयविक्रमा ने 2021 और 2022 के बीच पांच टेस्ट मैच खेले और 25 विकेट लिए, जबकि अब 29 वर्षीय एम्बुलडेनिया ने 2019 और 2022 के बीच 17 टेस्ट मैच खेले और 71 विकेट हासिल किए। इन दोनों ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पिछले चार वर्षों में विभिन्न कारणों से उन्हें दरकिनार कर दिया गया है। हालांकि विजेतुंगे ने उम्मीद नहीं छोड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनके लिए दरवाजे बंद हैं। अगर वे घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टीम में जगह बना सकते हैं।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘हमारे पास कई उभरते हुए स्पिन गेंदबाज हैं जिनमें त्रावीन मैथ्यू, विश्व लाहिरू, वानूजा साहन, आकाश विग्नेशवरन आदि शामिल हैं। हमें उनसे काफी उम्मीद है।

Continue reading on the app

ICC ने Lahore के Gaddafi Stadium की पिच से हटाया डिमेरिट अंक, PCB की अपील हुई स्वीकार

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जून में खेले गए तीसरे वनडे के लिए लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच को दिए गए डिमेरिट अंक को बृहस्पिवार को वापस ले लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा कि आईसीसी अपील पैनल ने जून में खेले गए मुकाबलों के लिए लगाए गए डिमेरिट अंकों के खिलाफ पीसीबी और क्रिकेट कनाडा की अपील के बाद पिच रेटिंग की समीक्षा की। मैच के फुटेज, रेफरी की रिपोर्ट और कप्तानों की टिप्पणियों की समीक्षा के बाद पैनल ने अपना फैसला पलट दिया।

आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘चार जून को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे पुरुष एकदिवसीय में पिच को ‘असंतोषजनक’ रेटिंग दिए जाने के बाद लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम पर लगाया गया डिमेरिट अंक वापस ले लिया गया है। पैनल ने पाया कि मैच रेफरी ने आईसीसी की पिच और आउटफील्ड निगरानी प्रक्रिया के दिशानिर्देशों का पालन किया था, लेकिन पिच पर अत्यधिक असमान उछाल या स्पिन देखने को नहीं मिली।’’ अपील पैनल ने कहा कि हालांकि मैच रेफरी ने दिशानिर्देशों का पालन किया था इस्तेमाल की गई पिच की स्थिति ‘‘संतोषजनक पिच के अनुरूप’’ थी और उसमें ‘‘अत्यधिक असमान उछाल, सीम मूवमेंट या स्पिन’’ नहीं थी। इसलिए पैनल ने डिमेरिट अंक वापस लेने का फैसला किया।

इसे भी पढ़ें: Nitin Gadkari की चेतावनी, गलत DPR बनाने वाले सलाहकारों पर होगी कार्रवाई

पाकिस्तान ने तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीती थी। तीनों मुकाबलों में दोनों टीमों के स्पिनरों का दबदबा रहा।

Continue reading on the app

  Sports

Sanjay Manjrekar हैरान हैं कि IPL की युवा पीढ़ी Test cricket में आसानी से ढल रही

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा कि यह उनके लिए हैरान करने वाली बात है कि आईपीएल की पीढ़ी टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों से इतनी सहजता से कैसे तालमेल बिठा पा रही है। उन्होंने आधुनिक युग के खिलाड़ियों के टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव की तुलना पॉप गायकों द्वारा शास्त्रीय राग गाने की कोशिश से की।

दूरदर्शन के ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो’ में बात करते हुए मांजरेकर ने मौजूदा पीढ़ी की काबिलियत पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी टी20 क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए हैं, वे लाल गेंद वाले क्रिकेट के लिए जरूरी महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव इतनी आसानी से कर पा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: IND vs SL Test: Ravindra Jadeja ने तोड़ी श्रीलंका की बड़ी साझेदारी, Sri Lanka के 6 विकेट गिरे, भारत जीत के करीब

मांजरेकर ने कहा, ‘‘अगर आधुनिक पॉप गायकों से शास्त्रीय गायन या राग गाने के लिए कहा जाए तो यह उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। लेकिन ये खिलाड़ी ऐसा कर रहे हैं। मेरे लिए यह हैरानी की बात है कि आईपीएल और टी20 की पीढ़ी इतना अच्छा टेस्ट क्रिकेट कैसे खेल रही है और वो भी गेंदबाजी करते हुए और रन बनाने, दोनों के मामले में।’’

इसे भी पढ़ें: Steve Smith ने 42 टेस्ट पहले ही तोड़ा Joe Root का दबदबा, मगर Bangladesh के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया पर हार का साया

उन्होंने खासतौर पर आधुनिक बल्लेबाजों की अनुकूलन क्षमता की तारीफ की, क्योंकि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों में काफी अंतर होता है। उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी के मामले में ज्यादा, क्योंकि टी20 बल्लेबाजी और टेस्ट बल्लेबाजी में बहुत अंतर होता है।’’

भारत की युवा टीम में कई आईपीएल और टी20 सितारे शामिल हैं, जो इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में खेल रहे हैं। ऐसे में मांजरेकर की टिप्पणी आधुनिक क्रिकेटर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है, जहां खिलाड़ियों से अलग-अलग प्रारूपों के बीच आसानी से ढलने की उम्मीद की जाती है।

इसे भी पढ़ें: शुभमन गिल ने पूरे किए कप्तानी का एक साल, 600th Test में कप्तानी कर रचेंगे इतिहास; Shubman Gill on WTC Goals

टी20 क्रिकेट की आक्रामक गति से टेस्ट क्रिकेट में जरूरी संयम, तकनीक और एकाग्रता की ओर तेजी से बदलाव करने की काबिलियत मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों की पीढ़ी की एक प्रमुख विशेषता बन गई है।

Thu, 20 Aug 2026 17:45:50 +0530

  Videos
See all

Garjana With Rubika Liyaquat: वंदे मातरम् ना गाने पर कांग्रेस का तर्क क्या? | #rahulgandhi #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T12:46:24+00:00

Garjana I Rubika Liyaquat: वंदे मातरम पर रुबिका का राहुल से सीधा सवाल! #garjana #rubikaliyaquat #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T12:47:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers