तिरुवनंतपुरम निगम परिषद ने जेल में बंद बीजेपी पार्षद आर सुगाथन को 6 महीने की छुट्टी दे दी है। विपक्ष के हंगामੇ के बीच मेयर के कास्टिंग वोट से यह प्रस्ताव पास हुआ। इस फैसले का मकसद पार्षद को अयोग्यता से बचाकर बीजेपी का बहुमत बनाए रखना है।
भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिला -48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को गोल्डन स्कोर में हराकर भारत को इन खेलों का पहला जूडो गोल्ड दिलाया।
Asmita Dey Biography: भारत की 22 वर्षीय जूडोका अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने ग्लासगो में खेले गए महिला 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत को जूडो में पहला कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड भी मिला।
कौन हैं अस्मिता डे?
22 मार्च 2003 को त्रिपुरा के बेलोनिया में जन्मीं अस्मिता डे का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। साइकिल रिपेयर की दुकान चलाने वाले पिता की बेटी अस्मिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। शुरुआती दिनों में उन्होंने 800 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया, लेकिन एक कोच की सलाह पर उन्होंने जूडो को अपना करियर बनाया।
2015 में उन्होंने त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में दाखिला लिया, जहां बीना देबनाथ और बाद में माणिक लाल देब की देखरेख में उन्होंने जूडो की बारीकियां सीखीं। स्कूल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) भोपाल के रीजनल सेंटर में ट्रेनिंग का मौका मिला।
अस्मिता ने जुलाई 2022 में बैंकॉक में आयोजित एशियन कैडेट और जूनियर जूडो चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इस दौरान उन्होंने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की खिलाड़ियों को हराया और अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली त्रिपुरा की पहली जूडोका बनीं।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2022: एशियन कैडेट एवं जूनियर चैंपियनशिप – ब्रॉन्ज
2022: खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स – गोल्ड
2023: एशियन ओपन (कुवैत) – सिल्वर
2023: जूनियर एशिया कप (मकाऊ) – गोल्ड
2024: कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप – ब्रॉन्ज
2025: अफ्रीकन ओपन (कैसाब्लांका) – गोल्ड
2026: कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) – गोल्ड
TOPS स्कीम से मिला बड़ा सहारा
अस्मिता भारत सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) की डेवलपमेंट एथलीट हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि उनका अगला लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतना है। जापान की दिग्गज जूडोका उटा आबे और भारतीय जूडो खिलाड़ी अवतार सिंह उनके प्रेरणास्रोत रहे हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रचा इतिहास
ग्लासगो में खेले गए महिला 48 किग्रा फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से हराया। पूरे मुकाबले में उन्होंने संयमित खेल दिखाया और 'यूको' के जरिए निर्णायक बढ़त हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं और भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।