Sawan Somwar 2026: पहला सावन सोमवार कब है? जानें पूजा विधि और शिव को प्रसन्न करने के उपाय
Sawan Somwar 2026: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना शुरू हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह माह शिव उपासना, व्रत और जलाभिषेक के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान आने वाले प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। वर्ष 2026 में सावन के महीने में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं।
सावन सोमवार 2026 की तारीखें
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
- सावन माह का समापन 28 अगस्त 2026 को होगा।
सावन सोमवार की पूजा विधि
सावन सोमवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और भगवान शिव की पूजा का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग का जल या गंगाजल से अभिषेक करें। श्रद्धानुसार कच्चा दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल तथा अक्षत अर्पित करें। पूजा के दौरान धूप-दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार पर तांबे के पात्र से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से भी भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं। बेलपत्र अर्पित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह साफ और बिना कटे-फटे हों। इसके अलावा शमी के पत्ते, मदार (आक) के फूल और भांग भी भगवान शिव को अर्पित किए जाते हैं।
पूजा के समय "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा और संयम के साथ किया गया पूजन आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Putrada Ekadashi 2026: सावन महीने में कब है पुत्रदा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Sawan Putrada Ekadashi 2026: भगवान विष्णु को समर्पित श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इसे पवित्रोपना एकादशी या पवित्र एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है तथा परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली का वास होता है। साथ ही यह व्रत पापों के क्षय और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम माना गया है।
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 कब है?
- वर्ष 2026 में श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त, रविवार को रखा जाएगा।
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 23 अगस्त 2026, प्रातः 2:00 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 24 अगस्त 2026, प्रातः 4:18 बजे
- व्रत पारण का समय: 24 अगस्त 2026, दोपहर 1:41 बजे से 4:16 बजे तक
पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से उन दंपत्तियों के लिए शुभ माना जाता है जो संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से योग्य, दीर्घायु और संस्कारी संतान का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा श्रद्धापूर्वक किया गया यह व्रत जीवन की अनेक बाधाओं, रोगों और आर्थिक परेशानियों को दूर करने वाला भी माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस व्रत का पुण्य कई महायज्ञों के समान फल प्रदान करता है।
पूजा विधि
- प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें पीले पुष्प, तुलसी दल एवं भोग अर्पित करें।
- पूजा के दौरान पुत्रदा एकादशी व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें।
- सुबह सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
- विष्णु सहस्रनाम या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है।
- व्रत के दौरान अन्न का सेवन न करें। विशेष रूप से चावल खाने से परहेज करें।
- अगले दिन निर्धारित शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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