फिर से ‘समुद्र मंथन’ की तैयारी, सरकार ने दी मंजूरी; आखिर क्या है मकसद
एक बार फिर से ‘समुद्र मंथन’ की तैयारी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इसके लिए 84,084 करोड़ रुपए की राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी। इसके पीछे तेल और गैस की खोज का भी मकसद है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सुनीं जन समस्याएं, तय समय पर राहत देने का आश्वासन
जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. चारधाम यात्रा के सफल संचालन और बुग्यालों से जुड़े स्थानीय हितों के लिए जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. सीएम ने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए. उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के संग ही गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को भी जन शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए.
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की. उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा के साथ ही चारधाम यात्रा के अब तक सफल एवं सकुशल संचालन तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंधन के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है.
आजीविका एवं पर्यटन गतिविधियां जुड़ी
विधायक भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की. उन्होंने बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय में स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड के बुग्याल प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं और इनसे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका एवं पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आजीविका के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है.
अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा में सरकार के प्रयास सराहनीय हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय हितों, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच बेहतर समन्वय से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.
समस्याओं का समयबद्ध समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए.
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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