Kangana: सीता माता बनीं कंगना रनौत! 'रामायण' ट्रेलर के बीच शेयर की बचपन की तस्वीर, बोलीं- 'मेरा आशीर्वाद...'
Kangana Ranaut: नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा जारी है। इसी बीच अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपने बचपन की एक पुरानी तस्वीर साझा कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
कंगना ने यह तस्वीर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की, जिसमें वह स्कूल के दिनों में माता सीता की वेशभूषा में नजर आ रही हैं। उनके साथ तस्वीर में एक छात्र भगवान श्रीराम और दूसरा भगवान हनुमान की भूमिका निभाते दिखाई दे रहा है।
'मेरा आशीर्वाद सभी लिबरल्स को'
पहली इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना ने तस्वीर के साथ उस समय के अपने स्कूल और वर्ष की जानकारी साझा की। इसके बाद उन्होंने दूसरी स्टोरी में एक छोटा लेकिन चर्चित संदेश लिखा, "My Aashirvad To All Liberals"।
उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे मजाकिया अंदाज बताया, तो कुछ ने इसे मौजूदा माहौल से जोड़कर देखा।
सीता माता की भूमिका निभाने वाली थीं कंगना
गौरतलब है कि कंगना रनौत का नाम कुछ साल पहले फिल्म 'सीता: द इनकार्नेशन' से जुड़ा था। वर्ष 2021 में इस फिल्म की घोषणा की गई थी और इसमें कंगना को माता सीता की भूमिका निभानी थी। फिल्म का निर्देशन अलौकिक देसाई करने वाले थे।
हालांकि, यह प्रोजेक्ट कभी फ्लोर पर नहीं जा सका और लंबे समय से इसे लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
'रामायण' ट्रेलर को मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
हाल ही में रिलीज हुए 'रामायण: पार्ट 1' के ट्रेलर को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। खासकर फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स, भव्यता और यश के रावण अवतार की काफी तारीफ हो रही है।
वहीं, भगवान श्रीराम के रूप में रणबीर कपूर और माता सीता के किरदार में साई पल्लवी की कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोगों ने इसे उपयुक्त बताया, वहीं कुछ दर्शकों ने इस चयन पर सवाल भी उठाए हैं।
कंगना की आने वाली फिल्में
वर्कफ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत जल्द ही आर. माधवन के साथ एक थ्रिलर फिल्म में नजर आएंगी। इसके अलावा उनकी चर्चित फिल्म 'क्वीन 2' भी रिलीज के लिए तैयार है। दोनों फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है, हालांकि रिलीज डेट का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
वहीं, उनकी पिछली फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।
दो भागों में रिलीज होगी 'रामायण'
नितेश तिवारी की 'रामायण' दो भागों में रिलीज की जाएगी। पहला भाग इस साल दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में आएगा, जबकि दूसरा भाग अगले साल दिवाली पर रिलीज करने की योजना है।
Union Cabinet ने 5,070 करोड़ रुपये की PM Surya Sarovar Yojana को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 5,070 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी दी। इसके तहत जलाशयों पर स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को ऊर्जा भंडारण प्रणाली के साथ विकसित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक, इस योजना के तहत 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कम-से-कम दो घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता यानी 10,000 मेगावाट-घंटा होगी। इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच स्वीकृत किया जाएगा, जबकि वित्तीय सहायता का वितरण 2032-33 तक जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
बयान में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) के आकलन का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश में जलाशयों और अन्य उपयुक्त अंतर्देशीय जल निकायों में लगभग 102.18 गीगावाट की फ्लोटिंग सौर क्षमता उपलब्ध है। योजना के तहत पात्र परियोजनाओं को सफल क्रियान्वयन के बाद प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा व्यवहार्यता अध्ययन और अन्य प्रारंभिक गतिविधियों के लिए प्रति परियोजना 50 लाख रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध होगी।
यह योजना सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लाभ पहुंचाएगी। इससे देश की फ्लोटिंग सौर क्षमता 700 मेगावाट के मौजूदा स्तर से बढ़कर 5,000 मेगावाट हो जाएगी। सरकार ने कहा कि इन परियोजनाओं से जलाशयों एवं औद्योगिक तालाबों का बेहतर उपयोग होगा और जमीन की कमी की समस्या भी नहीं आएगी।
ऊर्जा भंडारण प्रणाली के एकीकरण से बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी। इस योजना से हर साल करीब एक करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है और परियोजनाओं की समूची शृंखला में लगभग 16,000 से 17,000 रोजगार अवसर भी पैदा होंगे। बयान के मुताबिक, यह योजना घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी।
साथ ही यह नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, राष्ट्रीय ऊर्जा और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने तथा जल संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी मददगार होगी।
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