Mayawati का ऐलान: UP Assembly Election के लिए BSP ने 25 प्रत्याशी तय किए
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने लगभग 25 सीटों पर उम्मीदवार तय कर लिए हैं। चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने वर्ष 2007 में अपने दम पर बसपा की बहुमत की सरकार बनाई। 2012 से पार्टी का प्रदर्शन लगातार गिरा है और 2022 के चुनाव में बसपा सिर्फ एक सीट पर सिमट गई थी।
उप्र विधानसभा की 403 सीटें हैं। अपने आधिकारिक “एक्स” पर एक पोस्ट में मायावती ने कहा कि चुनाव की तैयारी के लिए लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में राज्य स्तरीय कई बैठकें की जा चुकी हैं और आगे भी होंगी। इन बैठकों में प्रदेश और मंडल स्तरीय पदाधिकारियों को उम्मीदवार चयन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘साक्षात्कार लेकर अब तक लगभग दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार तय कर दिए गए हैं। आगे भी सभी सीटों पर उम्मीदवारों का अंतिम फैसला मेरे द्वारा ही किया जाएगा। मायावती ने कहा कि उम्मीदवार चयन को लेकर राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद (बसपा प्रमुख के भतीजे) के संबंध में तरह-तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
पिछले दिनों मीडिया में यह खबरें आई थीं कि बसपा प्रमुख के भतीजे आकाश आनंद को उम्मीदवारों के चयन की ज़िम्मेदारी दी गई है। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ‘‘न सिर्फ उप्र में, बल्कि पूरे देश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप मैं ही देती हूं।’’ मायावती ने पोस्ट में कहा कि जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं, वहां उनकी अनुमति से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी छोटी-बड़ी जनसभाएं कर घोषणा कर रहे हैं। इसी क्रम में आकाश आनंद भी कुछ सीटों पर जनसभा कर उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से आकाश आनंद को देश के विभिन्न राज्यों में संगठन की समीक्षा बैठकें और जनसभाओं के लिए भेजा जा रहा है। मायावती ने कहा कि नौ अक्टूबर 2025 को लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर हुई महारैली में भी उन्हें बोलने का मौका दिया गया था। बसपा प्रमुख ने कहा कि यह सब पार्टी की नियमित प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि इसका आकाश आनंद के कद को बढ़ाने या कम करने और उम्मीदवार तय करने से कोई लेना-देना नहीं है। मायावती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘आकाश आनंद भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह मेरे दिशा-निर्देशन में काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके बारे में अनाप-शनाप बातें करने वाले शरारती और जातिवादी तत्वों से पार्टी के लोग सावधान रहें।
AAP नेता Saurabh Bharadwaj का आरोप: ताहिर हुसैन परोक्ष रूप से भाजपा के लिए काम कर रहा था
आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाला पार्टी का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ‘‘परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए काम कर रहा था।’’ फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों को लेकर भाजपा द्वारा आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराए जाने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए भारद्वाज ने कहा कि दंगों से पहले हुसैन के भाजपा से राजनीतिक संबंध थे। उन्होंने कहा कि अंकित शर्मा हत्याकांड में हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होते ही आम आदमी पार्टी ने उसे तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया था। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जहां आम आदमी पार्टी ने हुसैन के खिलाफ कार्रवाई की, वहीं भाजपा ने दंगों से जुड़े अन्य मामलों में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे नेताओं का समर्थन जारी रखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा इस मामले की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी पर डालने की कोशिश कर रही है। इससे पहले, हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं ने हुसैन को ‘‘संरक्षण’’ दिया था। मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली की एक अदालत द्वारा हुसैन को दोषी ठहराया जाना इस बात का प्रमाण है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दंगों को भड़काया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आज अदालत ने दंगे भड़काने और खुफिया ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के नेता ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे आम आदमी पार्टी का असली चेहरा सामने आ गया है।’’ इसके जवाब में भारद्वाज ने कहा कि दंगों से पहले हुसैन के भाजपा से राजनीतिक संबंध थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने हुसैन को पार्षद का टिकट दिलाने में मदद की थी, जिससे स्थानीय राजनीति में उसका उदय हुआ।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2020 के दंगों के दौरान जिस परिसर से कथित तौर पर पत्थर और हथियार बरामद किए गए थे, वहां पहले कपिल मिश्रा का कार्यालय था। आप के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बाद में हुसैन ने भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने की रणनीति के तहत ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के टिकट पर मुस्तफाबाद विधानसभा चुनाव लड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैन ने आवश्यक अनुमति के बिना निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार किया और सभाओं को संबोधित किया।
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