पीओजेके में मानवाधिकार उल्लंघन पर BJP का Pakistan पर हमला, क्षेत्रीय दलों की चुप्पी पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है तथा पाकिस्तान आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों से इन कथित अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. ताहिर चौधरी ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘पीओजेके में हालात काफी खराब हो गए हैं।
महिलाओं और बच्चों समेत बेगुनाह नागरिकों को (पाकिस्तान के सुरक्षाबलों द्वारा) कथित रूप से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अफसोस की बात है कि अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व और संगठन इस पर खामोश हैं।’’ इस प्रेसवार्ता में चौधरी के साथ पार्टी के दूसरे प्रवक्ता डॉ. अभिजीत सिंह जसरोटिया भी थे। चौधरी ने आरोप लगाया कि पीओजेके से सामने आ रहे वीडियो में वहां के लोग अंतरराष्ट्रीय दखल की अपील कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस समेत क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने इन कथित घटनाओं की निंदा क्यों नहीं की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन पार्टियों के नेताओं से पूछता हूं कि वे पीओजेके के लोगों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खुलकर क्यों नहीं बोल रहे हैं।‘‘ चौधरी ने भाजपा का यह रुख दोहराया कि पीओजेके भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के भारतीय हिस्से में विकास देखने के बाद इस क्षेत्र में भारत के साथ जुड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘पीओजेके के लोग खुलकर भारत के समर्थन में नारे लगाते हैं और भारत के साथ फिर से जुड़ने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं।
भारत के प्रति इस बढ़ते झुकाव ने पाकिस्तान के सत्ता-प्रतिष्ठान में डर पैदा कर दिया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान खाने-पीने की चीज़ों और दवाओं जैसी ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति रोककर ऐसी भावनाओं को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पीओजेके को भारत में फिर से मिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जसरोटिया ने मीरपुर में 1947 के संघर्ष से जुड़ी घटनाओं को याद करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के दौरान कई आम नागरिकों को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने संघर्ष से जुड़े फैसलों को लेकर उस समय के राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना की। हाल की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि पीओजेके में आम नागरिक निहत्थे होने के बावजूद हिंसा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने हाल में एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता को गोली मार दी।
श्रीनगर से प्राप्त समाचार के अनुसार कश्मीर के धार्मिक गुरू मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर हालात पर चिंता जताई तथा बातचीत करने एवं अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। फारूक़ ने श्रीनगर में जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ आज, जब हम प्रार्थना के लिए इकट्ठा हुए हैं, तो हमारी भावनाएं नियंत्रण रेखा के उस पार रहने वाले हमारे भाइयों और बहनों के साथ हैं। पिछले डेढ़ महीने से जारी अशांति और कीमती जानें जाने की दुखद घटनाओं से हमें गहरा दुख पहुंचा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सच का पता लगाने के लिए तुरंत निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
हम हर जनहानि पर दुख जताते हैं - चाहे वह कोई आम नागरिक प्रदर्शनकारी हो या पुलिस बल का सदस्य। हम सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ़ की सरकारें जम्मू-कश्मीर के लोगों के भले के लिए काम करने का दावा करती हैं, फिर भी उनके भविष्य पर असर डालने वाले हर फ़ैसले के केंद्र में खुद लोग ही होने चाहिए। हम एक ही लोग हैं, जो इतिहास, परिवार, संस्कृति से जुड़े हुए हैं।’’ मीरवाइज़ ने पाकिस्तान सरकार और नियंत्रण रेखा के पार की स्थानीय सरकार से अपील की कि वे जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी के प्रतिनिधियों और सभी वर्गों के लोगों के साथ ईमानदारी से बातचीत करें।
Delhi Police ने Rohini एनकाउंटर के बाद बवाना हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने हिमांशु भाऊ-विक्की हदल गिरोह से जुड़े दो कथित शार्पशूटर को रोहिणी में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। वे इस महीने की शुरुआत में बाहरी दिल्ली के बवाना में 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या के मामले में वांछित थे। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों की पहचान हर्ष वासने (19) और विपिन उर्फश्याम सुंदर (20) के रूप में हुई, जिन्हें 29 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि दोनों एक और लक्षित हत्या को कथित तौर पर अंजाम देने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान हर्ष ने कथित तौर पर एक सहायक उप-निरीक्षक पर गोली चला दी।
गोली अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वह बच गए। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी की, जिससे स्कूटर फिसल गई और आरोपियों को काबू कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि उनके कब्जे से दो अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, छह कारतूस, कारतूस के दो खाली खोखे और चोरी का एक स्कूटर बरामद किया गया।
दोनों पर 18 जुलाई को बाहरी दिल्ली के पूठ खुर्द में जोगिंदर उर्फकाला की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने कहा कि पीड़ित को दिनदहाड़े छह गोलियां मारी गईं और बाद उसकी मौत हो गई। बवाना थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए विदेशी में बैठे गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ और विक्की उर्फ हदल द्वारा भर्ती किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने हत्या को अंजाम देने से पहले उसपर नजर रखी थी। पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की है, जिसमें लक्ष्य के रूप में चिह्नित दो व्यापारियों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने दावा किया है कि इन गिरफ्तारियों से एक और साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
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