छूटना नामुमकिन लगती है तंबाकू की लत? इस प्लांट से दूर होगी तलब
तंबाकू और सिगरेट की लत से परेशान लोगों के लिए कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की औषधीय वाटिका उम्मीद की नई किरण बनी है. यहां मौजूद दहिपलाश या दहीमन नाम का दुर्लभ पौधा अपनी एंटी-टोबैको खूबियों के कारण सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है. विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर अवस्थी के अनुसार दहिपलाश में ऐसे सक्रिय तत्व हैं जो तंबाकू की तलब को कम करते हैं. इसकी टहनी को स्पर्श करना या इसकी लकड़ी को पास रखना लाभकारी माना जाता है. चूहों पर किए गए इसके प्रारंभिक परीक्षण सकारात्मक रहे हैं. फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी और केमेस्ट्री के छात्र इस जीवंत प्रयोगशाला में दहिपलाश के अलावा इलायची, सुदर्शन और काली मिर्च जैसे दुर्लभ पौधों पर शोध कर रहे हैं. दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने और कम समय में बड़ी संख्या में पौधे तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय टिश्यू कल्चर तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है. विश्वविद्यालय की योजना इन औषधीय पौधों को आम लोगों तक पहुंचाने की है, ताकि लोग इन्हें घरों में लगा सकें. इससे न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि विश्वविद्यालय के लिए आय का नया जरिया भी बनेगा. इस वीडियो में इे आप विस्तार से समझ सकेंगे.
दवा नहीं कर रही काम? मनोवैज्ञानिक ने बताया ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन का उपाय
आर. शंकर के अनुसार उन्होंने आगे बताया कि ऐसे कई मरीज होते हैं जो 10 से 20 वर्षों से डिप्रेशन की दवाएं ले रहे होते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल पाता. हालांकि, आधुनिक चिकित्सा में अब ऐसे मरीजों के लिए भी नए उपचार विकल्पों पर काम हो रहा है. उन्होंने बताया कि....
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