Ishan Kishan: ईशान की दहाड़ से बढ़ी टीम इंडिया की टेंशन, वर्ल्ड कप 2027 टीम में किसकी जगह खतरे में?
करीब तीन साल बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जड़कर एक बार फिर खुद को चर्चा के केंद्र में ला दिया। लखनऊ में खेली गई 125 रनों की तूफानी पारी ने सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचाया, बल्कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप की टीम को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी।
ईशान किशन ने 2021 में वनडे डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर दूसरी पंक्ति की भारतीय टीमों में मौका मिला क्योंकि उस समय टीम का फोकस टी20 क्रिकेट और लगातार होने वाले विश्व कप पर था। लेकिन दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में खेली गई उनकी ऐतिहासिक 210 रन की पारी ने सब कुछ बदल दिया। यह वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक था और इसी पारी ने उन्हें 2023 वर्ल्ड कप की दौड़ में ला खड़ा किया था।
ईशान किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते
मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर को ईशान की सबसे बड़ी ताकत उनकी किसी भी नंबर पर बैटिंग की काबिलियत लगी। वह ओपनिंग भी कर सकते और मध्यक्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते। दोहरे शतक के बाद उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर लगातार 3 अर्धशतक लगाए और फिर एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ 82 रन की यादगार पारी खेलकर भारत को संकट से बाहर निकाला था।
हालांकि 2023 वर्ल्ड कप में अंततः केएल राहुल को पहली पसंद विकेटकीपर के रूप में चुना गया। ईशान को शुरुआती मैचों में मौका मिला, क्योंकि शुभमन गिल डेंगू से उबर रहे थे। लेकिन गिल की वापसी के बाद वह फिर बेंच पर चले गए।
ईशान को कोहली के चोट के कारण मौका मिला
इसके बाद ईशान ने मानसिक स्वास्थ्य कारणों से क्रिकेट से ब्रेक लिया। घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने के कारण उनका बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध भी खत्म हो गया था। अगले दो साल उनके लिए वापसी की लड़ाई साबित हुए। उन्होंने झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम को खिताब दिलाया। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज और सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी रहे। इसी प्रदर्शन के दम पर उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई।
लखनऊ में ईशान ने ठोका तूफानी शतक
अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें विराट कोहली की चोट के कारण मौका मिला और उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथों से भुनाया। धर्मशाला में 34 रन की तेज पारी खेलने के बाद लखनऊ में उन्होंने नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 79 गेंदों में 125 रन ठोक दिए। उन्होंने गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 224 रन की विशाल साझेदारी भी की।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि ईशान ने लगभग वर्ल्ड कप का टिकट पक्का कर लिया। उनके अनुसार ईशान की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह ओपनिंग से लेकर नंबर-5 तक कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं और विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं।
अब अगर ईशान इसी तरह रन बनाते रहे तो सवाल यह नहीं होगा कि उन्हें टीम में जगह मिलेगी या नहीं, बल्कि यह होगा कि उनकी जगह बनाने के लिए बाहर कौन जाएगा? ऐसे में विराट कोहली, केएल राहुल और उपकप्तान श्रेस अय्यर जैसे बड़े नामों पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल ईशान किशन ने इतना जरूर साबित कर दिया है कि तीन साल बाद वह फिर से भारत की वर्ल्ड कप के केंद्र में आ चुके।
Industrial Revolution in Odisha | मुख्यमंत्री माझी की अगुआई में ₹76,612 करोड़ के 20 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी, 5 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
ओडिशा को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (HLCA) की बैठक में 76,612 करोड़ रुपये के 20 बड़े निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में 5 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा: अपनी प्रगतिशील नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (कारोबार को आसान बनाने) की प्रतिबद्धता के साथ ओडिशा पारंपरिक और उभरते हुए दोनों ही क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। ये परियोजनाएं राज्य में रोजगार सृजन, औद्योगिक विविधीकरण और समावेशी आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
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अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं रत्न निर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण, वैमानिकी एवं रक्षा, दुर्लभ खनिज आधारित उत्पाद, औषधि, यांत्रिक एवं विद्युत पूंजीगत वस्तुएं, रसायन, इस्पात, लौह एवं फेरो मिश्रधातु तथा ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। रत्न क्षेत्र में किरा डायम एलएलपी, अंजलि लैबटेक लिमिटेड और ग्रो मैग्निफिसेंट प्राइवेट लिमिटेड ने खुर्दा में प्रयोगशाला में तैयार हीरे की निर्माण इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं में कुल 9,817.50 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 8,100 लोगों को रोजगार मिलेगा।
हरित ऊर्जा उपकरण क्षेत्र में टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड गंजाम जिले में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से सौर पीवी सेल विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जबकि सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड इसी जिले में 1,709.81 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एन.ए.एन. मैग्नेटेक प्राइवेट लिमिटेड खुर्दा/कटक में 1,250 करोड़ रुपये के निवेश से उच्च क्षमता वाले ईवी ग्रेड मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र लगाएगी, जबकि लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड गंजाम में 2,400 करोड़ रुपये के निवेश से स्थायी मैग्नेट विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इसके अलावा वर्ल्ड टाइटेनियम इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गंजाम में 2,800 करोड़ रुपये के निवेश से टाइटेनियम डाइऑक्साइड उत्पादन इकाई स्थापित करेगी। विनिर्माण क्षेत्र में रत्नमणि मेटल्स एंड ट्यूब्स लिमिटेड जाजपुर में 1,642 करोड़ रुपये के निवेश से विशेष इस्पात संयंत्र लगाएगी।
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औषधि क्षेत्र में नेक्टर लाइफसाइंसेज लिमिटेड संबलपुर में 1,170 करोड़ रुपये के निवेश से दवा विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जबकि जुपिटर वैगन्स लिमिटेड जाजपुर में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से रेलवे कोच निर्माण संयंत्र लगाएगी। इस्पात एवं संबंधित क्षेत्रों में रश्मि मेटलर्जिकल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड जाजपुर में 15,000 करोड़ रुपये के निवेश से एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापित करेगी। श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड संबलपुर में 7,580 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एसएमसी पावर जनरेशन लिमिटेड (बड़माल) झारसुगुड़ा में 5,350 करोड़ रुपये और एसएमसी पावर जनरेशन लिमिटेड (हिरमा) 3,800 करोड़ रुपये का निवेश कर अपने संयंत्रों का विस्तार करेगी।
बीआर स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड संबलपुर में 2,400 करोड़ रुपये के निवेश से इस्पात संयंत्र स्थापित करेगी, जबकि ओडिशा अलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड सुंदरगढ़ में 1,200 करोड़ रुपये के निवेश से लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र लगाएगी। ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में राजपुष्पा रेनोवा एलएलपी मलकानगिरी में 5,220 करोड़ रुपये के निवेश से जलविद्युत परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा केयू ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड झारसुगुड़ा में 2,471.98 करोड़ रुपये के निवेश से कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्र लगाएगी। रसायन क्षेत्र में सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड रायगढ़ा में 1,300.57 करोड़ रुपये के निवेश से एल्युमिनियम उत्पाद विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी।
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