Vaibhav Sooryavanshi catch: वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग पर हंसने वालों को ये वीडियो देख लेना चाहिए, उंगली उठाना कर देंगे बंद!
Vaibhav Sooryavanshi catch: इंडिया-ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि शानदार फील्डिंग है। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ दांबुला में खेले गए ट्राई-नेशन सीरीज के अहम मुकाबले में 15 साल के वर्षीय ने ऐसा कैच पकड़ा, जिसने दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया।
यह शानदार कैच अफगानिस्तान की पारी के छठे ओवर में देखने को मिला। अंशुल कंबोज की गेंद पर बल्लेबाज खालिद तनीवाल ने मिडविकेट की दिशा में शॉट खेला। वहां तैनात वैभव सूर्यवंशी ने पहले हवा में छलांग लगाकर बाएं हाथ से गेंद को रोकने की कोशिश की। हालांकि पहली बार में गेंद उनके हाथ में नहीं आ सकी। लेकिन उन्होंने बेहतरीन सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पीछे मुड़कर डाइव लगाई और दूसरी कोशिश में शानदार कैच पूरा कर लिया।
Sooryavanshi pulls off a stunner! ????
— Sony LIV (@SonyLIV) June 17, 2026
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वैभव के इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। क्रिकेट फैंस ने उनकी फुर्ती, संतुलन और कम उम्र में दिखाई गई समझदारी की जमकर तारीफ की। हाल के दिनों में वैभव श्रीलंका-ए के खिलाफ मुकाबले के बाद हुए विवाद को लेकर सुर्खियों में थे। लेकिन इस बार उन्होंने अपने खेल से चर्चा बटोरी।
Incredible take by Vaibhav Sooryavanshi against AFG A. Excellent reflex???????????????????????? pic.twitter.com/WFCzvHK0nF
— Riya❤️ (@Riya_035) June 17, 2026
मैच की बात करें तो यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए लगभग सेमीफाइनल जैसा था। इंडिया- ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 319 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। टीम के लिए कप्तान तिलक वर्मा ने 59 रन बनाए, जबकि प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने 58-58 रन की अहम पारियां खेलीं।
I was lead to believe by some so called jurnos that vaibhav is a liability on the field ????pic.twitter.com/AEnWG0PVhq
— Amit Dubey (@AmitHellboyz143) June 17, 2026
320 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान-ए की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। निशांत सिंधु ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 31 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने शुरुआत में भी सफलता दिलाई और बाद में निचले क्रम को समेटकर भारत की जीत सुनिश्चित की।
अफगानिस्तान ए की पूरी टीम 36.5 ओवर में 218 रन पर सिमट गई और भारत ए ने मुकाबला 101 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में जगह बना ली है। अब रविवार को खिताबी मुकाबले में भारत ए का सामना मेजबान श्रीलंका ए से होगा।
वैभव सूर्यवंशी का यह कैच और भारत ए की दमदार जीत फाइनल से पहले टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाली है।
Ishan Kishan: ईशान की दहाड़ से बढ़ी टीम इंडिया की टेंशन, वर्ल्ड कप 2027 टीम में किसकी जगह खतरे में?
करीब तीन साल बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जड़कर एक बार फिर खुद को चर्चा के केंद्र में ला दिया। लखनऊ में खेली गई 125 रनों की तूफानी पारी ने सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचाया, बल्कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप की टीम को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी।
ईशान किशन ने 2021 में वनडे डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर दूसरी पंक्ति की भारतीय टीमों में मौका मिला क्योंकि उस समय टीम का फोकस टी20 क्रिकेट और लगातार होने वाले विश्व कप पर था। लेकिन दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में खेली गई उनकी ऐतिहासिक 210 रन की पारी ने सब कुछ बदल दिया। यह वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक था और इसी पारी ने उन्हें 2023 वर्ल्ड कप की दौड़ में ला खड़ा किया था।
ईशान किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते
मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर को ईशान की सबसे बड़ी ताकत उनकी किसी भी नंबर पर बैटिंग की काबिलियत लगी। वह ओपनिंग भी कर सकते और मध्यक्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते। दोहरे शतक के बाद उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर लगातार 3 अर्धशतक लगाए और फिर एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ 82 रन की यादगार पारी खेलकर भारत को संकट से बाहर निकाला था।
हालांकि 2023 वर्ल्ड कप में अंततः केएल राहुल को पहली पसंद विकेटकीपर के रूप में चुना गया। ईशान को शुरुआती मैचों में मौका मिला, क्योंकि शुभमन गिल डेंगू से उबर रहे थे। लेकिन गिल की वापसी के बाद वह फिर बेंच पर चले गए।
ईशान को कोहली के चोट के कारण मौका मिला
इसके बाद ईशान ने मानसिक स्वास्थ्य कारणों से क्रिकेट से ब्रेक लिया। घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने के कारण उनका बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध भी खत्म हो गया था। अगले दो साल उनके लिए वापसी की लड़ाई साबित हुए। उन्होंने झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम को खिताब दिलाया। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज और सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी रहे। इसी प्रदर्शन के दम पर उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई।
लखनऊ में ईशान ने ठोका तूफानी शतक
अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें विराट कोहली की चोट के कारण मौका मिला और उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथों से भुनाया। धर्मशाला में 34 रन की तेज पारी खेलने के बाद लखनऊ में उन्होंने नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 79 गेंदों में 125 रन ठोक दिए। उन्होंने गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 224 रन की विशाल साझेदारी भी की।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि ईशान ने लगभग वर्ल्ड कप का टिकट पक्का कर लिया। उनके अनुसार ईशान की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह ओपनिंग से लेकर नंबर-5 तक कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं और विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं।
अब अगर ईशान इसी तरह रन बनाते रहे तो सवाल यह नहीं होगा कि उन्हें टीम में जगह मिलेगी या नहीं, बल्कि यह होगा कि उनकी जगह बनाने के लिए बाहर कौन जाएगा? ऐसे में विराट कोहली, केएल राहुल और उपकप्तान श्रेस अय्यर जैसे बड़े नामों पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल ईशान किशन ने इतना जरूर साबित कर दिया है कि तीन साल बाद वह फिर से भारत की वर्ल्ड कप के केंद्र में आ चुके।
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