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EXPLAINER: क्रिकेट को जेंटलमैन गेम बनाए रखने के लिए बने ये नियम, जानिए ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के किस लेवल पर मिलती है कौन सी सजा
ICC Code of Conduct : क्रिकेट एक जेंटलमैन गेम है, लेकिन कई बार खिलाड़ियों द्वारा की गई हरकतें इस खेल की प्रतिष्ठा को आहत करती हैं. कभी खिलाड़ी एक-दूसरे से बहस कर बैठते हैं, तो कभी अंपायर से लड़ जाते हैं. इतना ही नहीं कई मौकों पर तो खिलाड़ी हाथापाई पर भी उतर जाते हैं. इस तरह नियमों को तोड़ने पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल खिलाड़ियों को उनकी गलती के हिसाब से सजा सुनाती है. कभी ये सजा जुर्माने तक सीमित रहती है, तो कई बार अपराध बड़ा हो, तो सजा के तहत खिलाड़ी को बैन भी झेलना पड़ता है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ये सुनिश्चित करता है कि मैदान पर अनुशासन बना रहे और खिलाड़ी एक-दूसरे का सम्मान करें. इस आर्टिकल में हम आपको आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के बारे में विस्तारपूर्वक बताएंगे.
लेवल 1 अपराध (Level 1 Offence)
आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का सबसे कम गंभीर अपराध लेवल-1 में आता है. इसमें ऐसे व्यवहार शामिल होते हैं, जो खेल भावनाके खिलाफ तो होते हैं, लेकिन इतने गंभीर नहीं होते कि किसी खिलाड़ी पर कोई बड़ा एक्शन लिया जाए. अंपायर के फैसले पर नाराजगी दिखाना, मैच के दौरान किसी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल, विपक्षी खिलाड़ी को उकसाना,. क्रिकेट उपकरण को नुकसान पहुंचाना, खेल भावना के खिलाफ व्यवहार करना.
- अंपायर के फैसले पर नाराजगी दिखाना.
- मैच के दौरान अपशब्दों का इस्तेमाल.
- विपक्षी खिलाड़ी को उकसाना.
- क्रिकेट उपकरण को नुकसान पहुंचाना.
- खेल भावना के खिलाफ व्यवहार करना.
लेवल-1 अपराध की क्या मिलती है सजा?
आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 के दोषी को ऑफिशियल्स सजा के रूप में जुर्माना ठोकते हैं. या फिर उनके खाते में डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ दिए जाते हैं. जुर्माने के तौर पर मैच फीस से 20% या 50% काटी जा सकती है.
- 20% या 50% फीस की कटौती
- खाते में एक डिमेरिट प्वॉइंट
लेवल-2 अपराध (Level 2 Offence)
लेवल-2 आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का दूसरा सबसे कम, लेकिन अधिक गंभीर स्तर का अपराध माना जाता है. इसमें ऐसे व्यवहार शामिल किए हैं जो खेल भावना के खिलाफ होते हैं और मैदान पर तनाव या विवाद की स्थिति पैदा कर सकते हैं. इसमें लेवल-1 के अपराधों के साथ बॉल टेम्परिंग विवाद भी शामिल है.
- अंपायर के फैसले पर गंभीर असहमति
- खिलाड़ियों के बीच जानबूझकर शारीरिक संपर्क
- खतरनाक तरीके से गेंद फेंकना
- गंभीर अपशब्द या अपमानजनक इशारे
- खेल में जानबूझकर बाधा डालना
- गेंद से छेड़छाड़
लेवल-2 अपराध की सजा क्या होती है?
कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-2 के दोषी पर आईसीसी 50% से 100% तक मैच फीस का जुर्माना ठोक सकती है. खिलाड़ी के खाते में एक साथ 3 से 4 डिमेरिट प्वॉइंट जोड़े जा सकते हैं. वहीं, इससे अधिक गंभीर मामलों में एक टेस्ट या 2 सीमित ओवर मैच से बैन किया जा सकता है.
- मैच फीस का 50% से 100% तक जुर्माना
- 3 या 4 डिमेरिट अंक
- गंभीर मामलों में 1 टेस्ट या 2 सीमित ओवर मैचों तक का बैन
लेवल-3 अपराध (Level 3 Offence)
आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के सबसे गंभीर अपराधों में शुमार है. इसमें आईसीसी खिलाड़ी पर सख्त कार्रवाई करती है, क्योंकि इस सेक्शन के अंतर्गत आने वाले अपराध खेल की छवि को खराब करते हैं. इसमें गंभीर अपराधों में अंपायर को डराना-धमकाना, दर्शक, अधिकारी या किसी खिलाड़ी को धमकी देना, नस्लीय टिप्पणी करने जैसी गलत हरकतें शामिल होती हैं.
- अंपायर को डराना या धमकाना
- खिलाड़ी, अधिकारी या दर्शक पर हमला करने की धमकी
- नस्लीय या धार्मिक टिप्पणी
- दोबारा गंभीर अनुशासनहीनता
लेवल-3 अपराध के लिए क्या सजा मिलती है?
लेवल-3 के अपराध करने वाले खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल सख्त सजा सुनाती है. वह प्लेयर के खाते में एक साथ ही 5-6 डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ सकती है. इतना ही नहीं एक साथ कई मैचों के लिए प्लेयर पर बैन भी लगा सकती है.
- 5 से 6 डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं.
- खिलाड़ी पर कई मैचों का बैन लगाया जा सकता है.
- पुराने ICC प्रावधानों के अनुसार लेवल-3 अपराध पर 6 टेस्ट या 12 वनडे/टी20 मैचों तक के बैन का प्रावधान था.
लेवल-4 अपराध (Level 3 Offence)
आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के सबसे गंभीर अपराधों को लेवल-4 में रखा जाता है. इस श्रेणी में ऐसे अपराधों को शामिल किया जाता है, जो क्रिकेट की भावना, खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर लंबे समय का बैन, भारी जुर्माना या आजीवन बैन तक लगाया जा सकता है.
- अंपायर या मैच रेफरी को मारने की धमकी देना
- किसी खिलाड़ी, अंपायर या दर्शक पर शारीरिक हमला
- मैदान पर हिंसा करना
- नस्लीय, धार्मिक या जातीय अपमान
लेवल-4 अपराध के लिए क्या सजा मिलती है?
लेवल-4 के अपराध करने वाले खिलाड़ियों को आईसीसी सख्त सजा सुनाती है. ऐसे अपराधों पर मैदान पर मौजूद अंपायर के पास अधिकार होता है कि वह तुरंत खेल को रोक सकता है. विपक्षी टीम को 5 पेनाल्टी रन दिए जा सकते हैं. दोषी खिलाड़ी को तुरंत मैदान से बाहर भेजा जा सकता है.
- अंपायर खेल रोक सकते हैं.
- दोषी खिलाड़ी को तुरंत मैच के बाकी हिस्से से बाहर भेजा जा सकता है.
- विपक्षी टीम को 5 पेनाल्टी रन दिए जा सकते हैं.
- घटना की रिपोर्ट संबंधित क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी को भेजी जाती है.
डिमेरिट अंक क्या होते हैं?
डिमेरिट अंक आईसीसी द्वारा खिलाड़ियों के अनुशासन को बनाए रखने के लिए बनाई गई एक अंक प्रणाली है. जब कोई खिलाड़ी आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करता है, तो उसे उसके अपराध की गंभीरता के आधार पर डिमेरिट अंक दिए जाते हैं. आसान भाषा में समझें, तो डिमेरिट अंक खिलाड़ियों का अनुशासनिक रिकॉर्ड होते हैं. अगर कोई खिलाड़ी बार-बार नियम तोड़ता है, तो उसके डिमेरिट अंक बढ़ते जाते हैं और अंत में उसे बैन भी किया जा सकता है.
हरभजन सिंह ने किया था लेवल-3 का अपराध
किसी भारतीय खिलाड़ी ने कभी भी आईसीसी के लेवल-4 का अपराध नहीं किया है. वहीं, लेवल-3 की बात करें, तो हरभजन सिंह ने 2008 सिडनी टेस्ट में लेवल-3 का अपराध किया था. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सिडनी टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स के बीच तीखी बहस हुई थी. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि हरभजन ने साइमंड्स को "मंकी" कहा, जिसे नस्लीय टिप्पणी माना गया.
इसके बाद मैच रेफरी ने हरभजन पर 3 टेस्ट मैचों के लिए बैन कर दिया था. हालांकि, भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की और बाद में नस्लीय आरोप हटा दिए गए. ये क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया.
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