Responsive Scrollable Menu

Imran Khan की बहन Aleema Khanum ने PIMS के इलाज पर उठाए गंभीर सवाल, मांगी स्वतंत्र जांच

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने जेल में बंद नेता की स्वतंत्र मेडिकल जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान को फिर से इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया था और कहा कि परिवार उनकी सेहत या आंखों की रोशनी के बारे में अस्पताल की ओर से जारी किसी भी मेडिकल रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करेगा। एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में अलीमा ने कहा कि परिवार को खबर मिली थी कि खान को 15 जून की सुबह अदियाला जेल से PIMS ले जाया गया था, और उन्हें इस बात का पता उसी दिन सुबह बाद में PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर की सोशल मीडिया पोस्ट से चला। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हमें खबर मिली है कि इमरान खान को 15 जून की सुबह फिर से PIMS ले जाया गया। हमें यह जानकारी 15 जून की सुबह बैरिस्टर गोहर के एक ट्वीट से मिली। अलीमा ने लिखा हम इमरान खान की हालत के बारे में PIMS की ओर से जारी किसी भी मेडिकल रिपोर्ट को नहीं मानते।" उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान के पहले के दावों पर बाद में सवाल उठाए गए थे। उन्होंने पहले किए गए उन दावों का ज़िक्र किया जिनमें कहा गया था कि खान की 90 प्रतिशत नज़र वापस आ गई है; उन्होंने बताया कि जब बाद में उनके वकील ने अदियाला जेल में उनसे मुलाक़ात की, तो ख़ुद इमरान खान ने इस दावे को खारिज कर दिया था। 

इसे भी पढ़ें: Patna Coaching War: रौशन आनंद का Khan Sir पर सनसनीखेज आरोप, 'भाई की हत्या की साज़िश रची'

खान के इलाज के आधिकारिक विवरण पर सवाल उठाते हुए अलीमा ने पूछा, "इमरान खान को पांचवें इंजेक्शन की क्या ज़रूरत है? उन्होंने कहा कि परिवार सरकार के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और मांग करता है कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की जांच और इलाज इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्वतंत्र, योग्य विशेषज्ञों द्वारा किया जाए।

इसे भी पढ़ें: Patna Police सवालों के घेरे में! Roshan Anand का आरोप - किसके दबाव में Khan Sir को बचाया जा रहा है?

इमरान खान की दृष्टि हानि के दावे

अलीमा की ये टिप्पणियां 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य, विशेष रूप से उनकी बिगड़ती दृष्टि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई हैं। फरवरी में खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच दृष्टि हानि से संबंधित आगे के इलाज के लिए पीआईएमएस ले जाया गया था। पिछली मुलाकातों के बाद जारी किए गए अस्पताल के आधिकारिक बयानों के अनुसार, खान को इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन दिए गए थे - यह रेटिना रोग के इलाज और दृष्टि को संरक्षित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष प्रक्रिया है। एक मेडिकल बोर्ड ने उनका आकलन किया।

Continue reading on the app

EXPLAINER: क्रिकेट को जेंटलमैन गेम बनाए रखने के लिए बने ये नियम, जानिए ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के किस लेवल पर मिलती है कौन सी सजा

ICC Code of Conduct : क्रिकेट एक जेंटलमैन गेम है, लेकिन कई बार खिलाड़ियों द्वारा की गई हरकतें इस खेल की प्रतिष्ठा को आहत करती हैं. कभी खिलाड़ी एक-दूसरे से बहस कर बैठते हैं, तो कभी अंपायर से लड़ जाते हैं. इतना ही नहीं कई मौकों पर तो खिलाड़ी हाथापाई पर भी उतर जाते हैं. इस तरह नियमों को तोड़ने पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल खिलाड़ियों को उनकी गलती के हिसाब से सजा सुनाती है. कभी ये सजा जुर्माने तक सीमित रहती है, तो कई बार अपराध बड़ा हो, तो सजा के तहत खिलाड़ी को बैन भी झेलना पड़ता है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ये सुनिश्चित करता है कि मैदान पर अनुशासन बना रहे और खिलाड़ी एक-दूसरे का सम्मान करें. इस आर्टिकल में हम आपको आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के बारे में विस्तारपूर्वक बताएंगे.

लेवल 1 अपराध (Level 1 Offence)

आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का सबसे कम गंभीर अपराध लेवल-1 में आता है. इसमें ऐसे व्यवहार शामिल होते हैं, जो खेल भावनाके खिलाफ तो होते हैं, लेकिन इतने गंभीर नहीं होते कि किसी खिलाड़ी पर कोई बड़ा एक्शन लिया जाए. अंपायर के फैसले पर नाराजगी दिखाना, मैच के दौरान किसी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल, विपक्षी खिलाड़ी को उकसाना,. क्रिकेट उपकरण को नुकसान पहुंचाना, खेल भावना के खिलाफ व्यवहार करना.

  • अंपायर के फैसले पर नाराजगी दिखाना.
  • मैच के दौरान अपशब्दों का इस्तेमाल.
  • विपक्षी खिलाड़ी को उकसाना.
  • क्रिकेट उपकरण को नुकसान पहुंचाना.
  • खेल भावना के खिलाफ व्यवहार करना.

 

कोड ऑफ कंडक्ट Photograph: (Image Source: AI)

 

लेवल-1 अपराध की क्या मिलती है सजा?

आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 के दोषी को ऑफिशियल्स सजा के रूप में जुर्माना ठोकते हैं. या फिर उनके खाते में डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ दिए जाते हैं. जुर्माने के तौर पर मैच फीस से 20% या 50% काटी जा सकती है.

  • 20% या 50% फीस की कटौती
  • खाते में एक डिमेरिट प्वॉइंट

लेवल-2 अपराध (Level 2 Offence)

लेवल-2 आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का दूसरा सबसे कम, लेकिन अधिक गंभीर स्तर का अपराध माना जाता है. इसमें ऐसे व्यवहार शामिल किए हैं जो खेल भावना के खिलाफ होते हैं और मैदान पर तनाव या विवाद की स्थिति पैदा कर सकते हैं. इसमें लेवल-1 के अपराधों के साथ बॉल टेम्परिंग विवाद भी शामिल है.

  • अंपायर के फैसले पर गंभीर असहमति
  • खिलाड़ियों के बीच जानबूझकर शारीरिक संपर्क
  • खतरनाक तरीके से गेंद फेंकना
  • गंभीर अपशब्द या अपमानजनक इशारे
  • खेल में जानबूझकर बाधा डालना
  • गेंद से छेड़छाड़

लेवल-2 अपराध की सजा क्या होती है?

कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-2 के दोषी पर आईसीसी 50% से 100% तक मैच फीस का जुर्माना ठोक सकती है. खिलाड़ी के खाते में एक साथ 3 से 4 डिमेरिट प्वॉइंट जोड़े जा सकते हैं. वहीं, इससे अधिक गंभीर मामलों में एक टेस्ट या 2 सीमित ओवर मैच से बैन किया जा सकता है.

  • मैच फीस का 50% से 100% तक जुर्माना
  • 3 या 4 डिमेरिट अंक
  • गंभीर मामलों में 1 टेस्ट या 2 सीमित ओवर मैचों तक का बैन

लेवल-3 अपराध (Level 3 Offence)

आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के सबसे गंभीर अपराधों में शुमार है. इसमें आईसीसी खिलाड़ी पर सख्त कार्रवाई करती है, क्योंकि इस सेक्शन के अंतर्गत आने वाले अपराध खेल की छवि को खराब करते हैं. इसमें गंभीर अपराधों में अंपायर को डराना-धमकाना, दर्शक, अधिकारी या किसी खिलाड़ी को धमकी देना, नस्लीय टिप्पणी करने जैसी गलत हरकतें शामिल होती हैं.

  • अंपायर को डराना या धमकाना
  • खिलाड़ी, अधिकारी या दर्शक पर हमला करने की धमकी
  • नस्लीय या धार्मिक टिप्पणी
  • दोबारा गंभीर अनुशासनहीनता

लेवल-3 अपराध के लिए क्या सजा मिलती है?

लेवल-3 के अपराध करने वाले खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल सख्त सजा सुनाती है. वह प्लेयर के खाते में एक साथ ही 5-6 डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ सकती है. इतना ही नहीं एक साथ कई मैचों के लिए प्लेयर पर बैन भी लगा सकती है.

  • 5 से 6 डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं.
  • खिलाड़ी पर कई मैचों का बैन लगाया जा सकता है.
  • पुराने ICC प्रावधानों के अनुसार लेवल-3 अपराध पर 6 टेस्ट या 12 वनडे/टी20 मैचों तक के बैन का प्रावधान था.

लेवल-4 अपराध (Level 3 Offence)

आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के सबसे गंभीर अपराधों को लेवल-4 में रखा जाता है. इस श्रेणी में ऐसे अपराधों को शामिल किया जाता है, जो क्रिकेट की भावना, खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर लंबे समय का बैन, भारी जुर्माना या आजीवन बैन तक लगाया जा सकता है.

  • अंपायर या मैच रेफरी को मारने की धमकी देना
  • किसी खिलाड़ी, अंपायर या दर्शक पर शारीरिक हमला
  • मैदान पर हिंसा करना
  • नस्लीय, धार्मिक या जातीय अपमान

लेवल-4 अपराध के लिए क्या सजा मिलती है?

लेवल-4 के अपराध करने वाले खिलाड़ियों को आईसीसी सख्त सजा सुनाती है. ऐसे अपराधों पर मैदान पर मौजूद अंपायर के पास अधिकार होता है कि वह तुरंत खेल को रोक सकता है. विपक्षी टीम को 5 पेनाल्टी रन दिए जा सकते हैं. दोषी खिलाड़ी को तुरंत मैदान से बाहर भेजा जा सकता है.

  • अंपायर खेल रोक सकते हैं.
  • दोषी खिलाड़ी को तुरंत मैच के बाकी हिस्से से बाहर भेजा जा सकता है.
  • विपक्षी टीम को 5 पेनाल्टी रन दिए जा सकते हैं.
  • घटना की रिपोर्ट संबंधित क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी को भेजी जाती है.

डिमेरिट अंक क्या होते हैं?

आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट Photograph: (Image Source: AI)

डिमेरिट अंक आईसीसी द्वारा खिलाड़ियों के अनुशासन को बनाए रखने के लिए बनाई गई एक अंक प्रणाली है. जब कोई खिलाड़ी आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करता है, तो उसे उसके अपराध की गंभीरता के आधार पर डिमेरिट अंक दिए जाते हैं. आसान भाषा में समझें, तो डिमेरिट अंक खिलाड़ियों का अनुशासनिक रिकॉर्ड होते हैं. अगर कोई खिलाड़ी बार-बार नियम तोड़ता है, तो उसके डिमेरिट अंक बढ़ते जाते हैं और अंत में उसे बैन भी किया जा सकता है.

हरभजन सिंह ने किया था लेवल-3 का अपराध

किसी भारतीय खिलाड़ी ने कभी भी आईसीसी के लेवल-4 का अपराध नहीं किया है. वहीं, लेवल-3 की बात करें, तो हरभजन सिंह ने 2008 सिडनी टेस्ट में लेवल-3 का अपराध किया था. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सिडनी टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स के बीच तीखी बहस हुई थी. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि हरभजन ने साइमंड्स को "मंकी" कहा, जिसे नस्लीय टिप्पणी माना गया.

इसके बाद मैच रेफरी ने हरभजन पर 3 टेस्ट मैचों के लिए बैन कर दिया था. हालांकि, भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की और बाद में नस्लीय आरोप हटा दिए गए. ये क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया.

ये भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने सुपर ओवर में जो किया, क्या उसके लिए अब लगेगा बैन? जानिए क्या कहता है ICC नियम

Continue reading on the app

  Sports

IND vs PAK: हार का गम भी खत्म नहीं हुआ कि ICC ने ले लिया एक्शन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान को ये गलती पड़ी भारी

Pakistan women team fined by icc: बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों 64 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में पाया गया कि पाकिस्तानी टीम तय समय में एक ओवर कम फेंक पाई थी. इस कारण उन पर धीमी ओवर गति के लिए आईसीसी ने मैच का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. Tue, 16 Jun 2026 17:53:38 +0530

  Videos
See all

Goonj : Anand Ranganathan ने Mulayam Singh Yadav का कौन सा बयान पढ़ा? | Ram Mandir Chori Kand | SIT #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T12:35:06+00:00

TMC Leader के घर छापा, कई वाहन और हथियार बरामद | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T12:36:57+00:00

Delhi Mumbai Railway Route पर किसानों का बड़ा प्रदर्शन | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T12:37:57+00:00

Ram Mandir Chanda Chori | कौन 'चंदा चोर'? | #goonj #rammandir #ayodhya #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T12:35:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers