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Mumbai T20 League: टी20 मुंबई विमेंस लीग 2026 में एक नया सितारा उभरकर सामने आया। महज 13 साल की युवा स्पिनर स्वरा जाधव ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोबो मुंबई फाल्कंस की ओर से खेलने वाली स्वरा ने पूरे टूर्नामेंट में 10 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। बता दें कि वैभव सूर्यवंशी की इस समय काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने भी आईपीएल 2026 में 15 साल की उम्र में ऑरेंज कैप जीता था। वो लीग के इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे।
स्वरा इस लीग की सबसे कम उम्र की साइन की गई खिलाड़ी थीं। लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन में कहीं भी अनुभव की कमी नहीं दिखी। उन्होंने लगातार विकेट निकालकर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला और टूर्नामेंट की सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल रहीं।
दिलचस्प बात यह रही कि स्वरा ने 10 विकेट लेकर अपनी टीम की कप्तान और भारतीय खिलाड़ी सयाली सातघारे की बराबरी की। दोनों खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए। स्वरा का पूरा अभियान शानदार रहा। उन्होंने 4.49 की बेहतरीन इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद प्रभावशाली मानी जाती है।
उनकी शुरुआत थाणे स्काई राइजर्स के खिलाफ 1/19 के आंकड़े के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने आकाश टाइगर्स एमडब्ल्यूएस के खिलाफ 3/19 की मैच जिताऊ गेंदबाजी कर अपनी छाप छोड़ी। फिर उन्होंने आकाश टाइगर्स के खिलाफ 2/12 और थाणे स्काई राइजर्स के खिलाफ 2/22 के आंकड़े दर्ज कर विकेटों की सूची में तेजी से बढ़त बनाई।
फाइनल मुकाबले में भी स्वरा ने निराश नहीं किया। आकाश टाइगर्स एमडब्ल्यूएस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में उन्होंने 14 रन देकर 2 विकेट लिए। उनकी इस अहम स्पेल की बदौलत सोबो मुंबई फाल्कंस ने 25 रन से जीत दर्ज कर टी20 मुंबई विमेंस लीग का पहला खिताब अपने नाम किया।
टूर्नामेंट के बाद स्वरा ने अपनी सफलता का श्रेय कप्तान सयाली सतघारे को दिया। उन्होंने कहा कि कप्तान ने मैदान के अंदर और बाहर हमेशा उनका समर्थन किया और हर परिस्थिति में शांत रहने की सलाह दी।
स्वरा ने कहा कि उन्हें पूरे टूर्नामेंट के दौरान किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हुआ। उनका लक्ष्य सिर्फ टीम के लिए योगदान देना था। उन्होंने फ्रेंचाइजी, अपने माता-पिता, कोच, शिक्षकों और टीम के साथियों का आभार भी जताया। 13 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन बताता है कि भारतीय महिला क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल गया है।