धर्मशाला में खेले गए भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आसान जीत दर्ज की। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में दोनों टीमों को 25-25 ओवर खेलने का अवसर मिला, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने हर विभाग में बेहतर खेल दिखाते हुए मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।
मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे की जमकर तारीफ की। दोनों खिलाड़ियों ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि गुरनूर बराड़ ने अपने पहले ही मैच में तेज रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने 27 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। मौजूद जानकारी के अनुसार उनकी गेंदों की गति 147 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची और उन्होंने नई तथा पुरानी दोनों गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान किया। खासकर आखिरी ओवरों में उनकी बाहर की ओर निकलती गेंदों ने अफगान बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल दिया।
वहीं हर्ष दुबे की शुरुआत थोड़ी कठिन रही। अपने पहले ओवर में उन्होंने 16 रन खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया। उन्होंने लगातार गेंद को उड़ान देकर बल्लेबाजों को चुनौती दी और अंत में 47 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शुभमन गिल ने कहा कि पदार्पण मैच में दबाव के बावजूद हर्ष का अपना तरीका नहीं बदलना बेहद प्रभावशाली रहा।
बता दें कि शुभमन गिल ने खुद भी बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने नाबाद 84 रन बनाकर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्ररक्षण में भी शानदार प्रदर्शन किया और अमीर मोहम्मद गजनफर का एक बेहतरीन कैच लपका। इस कैच के बारे में पूछे जाने पर गिल ने कहा कि वह लंबे समय से स्लिप में कैच पकड़ने का अभ्यास कर रहे थे और उन्हें खुशी है कि इस बार एक यादगार कैच उनके हाथ लगा।
मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा का रन आउट भी चर्चा का विषय रहा। रन लेने के प्रयास में गेंदबाज की दिशा में हल्की बाधा बनने की स्थिति पैदा हुई, जिसके कारण रोहित रन आउट हो गए। हालांकि शुभमन गिल ने बताया कि रोहित शर्मा ने बाद में पुनर्प्रसारण देखा और कहा कि इस घटना को लेकर कोई समस्या नहीं है।
अफगानिस्तान की ओर से रहमानुल्लाह गुरबाज ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों में 102 रन बनाए। उनकी पारी में 8 छक्के और 8 चौके शामिल रहे। एक समय ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मध्य और अंतिम ओवरों में शानदार वापसी की। गिल ने भी गुरबाज की पारी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मैच को भारत से दूर ले जाने की पूरी कोशिश की थी।
अफगानिस्तान के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी का मानना था कि उनकी टीम कम से कम 30 से 40 रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा कि जब वह और गुरबाज बल्लेबाजी कर रहे थे, तब 220 से 230 रन का लक्ष्य संभव लग रहा था, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। शाहिदी ने स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में भी अनुशासित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
गौरतलब है कि यह श्रृंखला दोनों टीमों के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहले मुकाबले में मिली जीत के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है, जबकि अफगानिस्तान अगले मुकाबले में वापसी की कोशिश करेगा।
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महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर क्रिकेट का सबसे चर्चित मुकाबला देखने को मिलने वाला है। रविवार को हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। दोनों देशों के बीच मुकाबला चाहे पुरुष क्रिकेट में हो या महिला क्रिकेट में, उसका अलग ही महत्व होता है और इस बार भी मुकाबले को लेकर उत्साह चरम पर है।
मुकाबले से पहले क्रिकेट से ज्यादा चर्चा एक बार फिर खिलाड़ियों के बीच होने वाले अभिवादन को लेकर शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय से भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच मैच से पहले और बाद में हाथ मिलाने की परंपरा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच पिछले कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष एशिया कप से लेकर महिला विश्व कप, अंडर-19 विश्व कप, उभरते सितारा एशिया कप और पुरुष टी20 विश्व कप तक भारतीय टीमों ने यही रुख अपनाया था। ऐसे में महिला टी20 विश्व कप में भी इसी परंपरा के जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
मुकाबले की पूर्व संध्या पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से इस विषय पर सवाल पूछा गया। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई सीधा जवाब देने के बजाय स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान केवल क्रिकेट पर है। हरमनप्रीत ने कहा कि वह और उनकी टीम केवल क्रिकेट के बारे में सोचते हैं और उनका सपना हमेशा से क्रिकेट खेलना रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को भी टीम एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय मैच की तरह ही देख रही है।
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों में दबाव हमेशा अधिक रहता है। इस बारे में भी हरमनप्रीत ने खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर दबाव जरूर रहता है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे उस दबाव का आनंद लें और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
हरमनप्रीत ने कहा कि बचपन से जब वह दर्शक के रूप में भारत-पाकिस्तान मैच देखती थीं तब भी दबाव महसूस होता था और अब खिलाड़ी के रूप में यह दबाव और अधिक होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बड़े मुकाबलों में खेलने का अवसर हर किसी को नहीं मिलता और इसलिए टीम इस अनुभव का आनंद लेना चाहती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार आंकड़े भारत के पक्ष में दिखाई देते हैं। महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ बेहद मजबूत रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में भारत ने 13 बार जीत हासिल की है, जबकि पाकिस्तान को केवल 3 जीत मिली हैं। वहीं महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में भी भारत 6-2 से आगे है।
गौरतलब है कि भारतीय टीम इस बार खिताब जीतने की प्रबल दावेदारों में शामिल मानी जा रही है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम के पास अनुभव और युवा प्रतिभा का अच्छा संतुलन मौजूद है। दूसरी ओर पाकिस्तान की टीम भी उलटफेर करने की क्षमता रखती है और ऐसे मुकाबलों में पिछले रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक साबित नहीं होते हैं।
विश्व कप के समूह ए में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीमें शामिल हैं। ऐसे में भारत के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें जीत के साथ अपने अभियान का आगाज करने की कोशिश करेंगी।
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