Responsive Scrollable Menu

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "category_list" on null

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

  Recommended

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 290

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 290
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

IIT Delhi Online AI Course: आईआईटी दिल्ली के एप्लाइड AI कोर्स में कराएं एनरोल, घर बैठे सीखें मशीन लर्निंग

IIT Delhi Online AI Course: अगर आप आईआईटी दिल्ली से ऑनलाइन AI कोर्स करना चाहते हैं और वो भी घर बैठे तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है. संस्थान ने 8 महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किया है, जिसमें एडमिशन लेने वाले छात्र घर बैठे मशीन लर्निंग सीख सकते हैं.

Continue reading on the app

भारत के माथे पर कलंक है 'बालश्रम' की समस्या

‘बालश्रम’ समस्या दशकों से न सिर्फ भारत में, बल्कि समूचे संसार में प्रचलित रही है। वैसे, बालश्रम अपने आप में किसी कलंक से कम नहीं? भारत की बात करें, तो लाखों की संख्या में नौनिहाल विभिन्न राज्यों में  किसी न किसी मजबूरी के चलते अपने जीवन को श्रम की भट्टियों में झुका हुआ है। हालांकि, सरकारी और सामाजिक स्तर पर रोकने की कोशिशों में कोई कोर-कसर नहीं? पर, समस्या घटने के जगह बढ़ ही रही है दिनोंदिन। आज ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ है जो सालाना 12 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष-2002 में ‘अंनराष्टृीय श्रम संगठन’ की अगुआई में बड़े वैचारिक स्तर पर मुकर्रर की गई थी। दिवस का आज 24वीं संस्करण पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। मकसद, चाइल्ड लेबर के विरूद्व वैश्विक मंचों पर ईमानदारी से जागरूकता फैलाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने को लेकर जनमानस को आहवान करना। 
  
कानून और संविधान में प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सहित गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित है। बावजूद इसके गरीब, अक्षम और असहाय बच्चों के साथ असमानता और भेदभाव किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-24 के मुताबिक किसी भी कर-कारखानों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बाद भी चोरी-छिपे बच्चों से काम करवाया जाता है। ये बात शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन के लोग भी भली भांति जानते हंै। लेकिन कार्रवाई के जगह अपनी आंख मूंदे रहते हंै। जबकि, ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने साल-1986 में बाल श्रम के विरूद्व रोकथाम के लिए कठोर अधिनियम बनाया था जिसके तहत बच्चों को खतरनाक जगहों जैसे खादानों, मशीनरी कारखानों में जबरन काम करवाने वालों पर दंडनीय अपराध का प्रावधान तय किया था। लेकिन इस कठोर कानून की भी खुलआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं।

इसे भी पढ़ें: World Day Against Child Labour 2026: बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

दरअसल, बाल श्रम ऐसा अभिशाप है जो किसी भी विकसित मुल्क की प्रगति में घोर बाधक रूपी असर छोड़ता है। बीते वर्ष ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’-2025 की थीम थी ‘प्रगति स्पष्ट है, लेकिन अभी और काम करना बाकी है’। वहीं, इस वर्ष यानी 2026 की थीम है ‘बाल श्रम को लाल कार्ड-बच्चों के लिए उचित खेल, वयस्कों के लिए सम्मानजनक काम’ रखी गई है। गंभीरता से अगर विमर्श करें, तो ये दिवस तभी सफलता अर्जित कर पाएगा। जब सभी एकजुट होकर इस बुराई से लड़ेंगे। संकल्प लें कि बाल श्रम के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाएंगे और मासूमों के बचपन के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। बच्चे देश का भविष्य हैं। हम सबका दायित्व है कि इन्हें बेहतर ‘आज’ दें ताकि सुनहरे ‘कल’ का निर्माण कर सकें।  ं

बालश्रम के विश्वस्तरीय आंकड़े रोंगटे खड़े करते हैं। बाल अधिकार रक्षक संस्थाओं और उनके विशेषज्ञों के अनुसार करीब 1 करोड़ 1 लाख बच्चे पूरे भारत में बाल श्रम में शामिल हैं जिनमें 56 लाख लड़के और 45 लाख लड़किया, जिनकी उम्र 5 से 14 के बीच है। ये बच्चे बीड़ी बनाना, सूत काटना, होटल-ढाबो में चाकरी करना, कृषि कार्यों, कालीन बुनाई व घरेलू कार्यों में ज्यादा लगे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्टृ और मध्यप्रदेश में बाल श्रमिकों की सर्वाधिक संख्या को सरकार की अधिकृत बाल समितियों द्वारा बताई है। वहीं, पूरे विश्व में बाल श्रमिकों की बात करें, तो ‘अंतर्राष्टृीय श्रम संगठन’ और ‘यूनिसेफ’ की रिपोर्टस् के मुताबिक दुनिया के 198 देशों में इस समय 13 करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चे इस वक्त चाइल्ड लेबर में संलिप्त हैं। यानी प्रत्येक 10वें बच्चे पर एक बच्चा बाल मजदूरी कर रहा है। इस कंलक को जड़ से खत्म करने के लिए एक और वैश्विक मंच सजाने की जरूरत है जहां इस मसले पर विमर्श करके पूर्व समाधान का कोई मुकम्मल रास्ता निकाला जा सके।

जनगणना 2011 के अनुसार भारत में 5-11 वर्ष आयु वर्ग की कुल बाल जनसंख्या 259.6 मिलियन थी जिसमें 10 मिलियन से अधिक यानी 4 फीसदी आबादी बाल श्रमिकों की पाई गई थी। आज 2026 में 146 करोड़ आबादी में इन आंकड़ों पर गौरफरमाते हैं तो ये आंकड़े काफी बढ़े दिखाई देते हैं। बाल अपराध, बाल श्रमिकों की संख्या में इजाफा बीते कुछ दशकों में तेजी से बढ़ा है। भारत में सालाना करीब 2.3 से 2.5 करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। हर दिन औसतन 63 हजार से 73 हजार बच्चे जन्म लेते हैं जिसमें गरीब और अल्पसंख्यकों की संख्या सर्वाधिक है। हालांकि, ‘हम दो, हमारे दो’ के स्लोगन के बाद शिक्षित वर्ग में जनसंख्या नियंत्रण भाग पनपा है। बाल श्रम कलंक को मिटाने के लिए सबसे पहले प्राथमिक शिक्षा पर ज्यादा जोर देना होगा। शिक्षा के अधिकार की अलख शहरों के मुकाबले कस्बों-गांवों में ज्यादा फैलाने की दरकार है। केंद्र व राज्यों सरकारों को नई नीति बनानी होगी जिसमें शुरुआती शिक्षा से कोई बच्चा वंचित न रह सके। ऐसा करने के बाद ही बाल श्रम जैसे अभिशाप से मुक्ति पाने की कल्पना की जा सकेगी। 

- डॉ. रमेश ठाकुर

Continue reading on the app

  Sports

'सचिन-विराट से भी बड़े खिलाड़ी बनेंगे वैभव सूर्यवंशी', 15 साल के क्रिकेटर पर दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज की बड़ी भविष्यवाणी

dale steyn prediction on Vaibhav sooryavanshi: आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए 16 मैचों में 776 रन और 72 छक्के जड़कर तबाही मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी पर दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज डेल स्टेन ने बड़ी भविष्यवाणी की है. स्टेन ने कहा कि करियर के अंत तक वैभव का कद सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को मिलाकर भी उनसे बड़ा होगा. भारतीय टीम में चुने गए इस युवा खिलाड़ी की तारीफ करते हुए स्टेन ने गेंदबाजों को उन्हें रोकने का मास्टरप्लान भी बताया है. Fri, 12 Jun 2026 16:05:34 +0530

  Videos
See all

Avimukteshwaranand बोले- कसाई मत बनो, हमारी माई को आप भी माई कहो | #shortsviral #shortvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-12T10:45:23+00:00

West Bengal News: ममता बनर्जी पर शत्रुघ्न सिन्हा का बहुत बड़ा बयान! | #westbengal #tmc #mamata #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-12T10:45:05+00:00

CM Dhami on 12 Years of Modi Government: मोदी सरकार के 12 साल...CM धामी ने क्या कहा? | CM Yogi | #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-12T10:45:06+00:00

Sachin Tendulkar private jet cricket Viral Video: बेटी-बहू के साथ सचिन ने खेला क्रिकेट | Sara #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-12T10:44:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers