‘बालश्रम’ समस्या दशकों से न सिर्फ भारत में, बल्कि समूचे संसार में प्रचलित रही है। वैसे, बालश्रम अपने आप में किसी कलंक से कम नहीं? भारत की बात करें, तो लाखों की संख्या में नौनिहाल विभिन्न राज्यों में किसी न किसी मजबूरी के चलते अपने जीवन को श्रम की भट्टियों में झुका हुआ है। हालांकि, सरकारी और सामाजिक स्तर पर रोकने की कोशिशों में कोई कोर-कसर नहीं? पर, समस्या घटने के जगह बढ़ ही रही है दिनोंदिन। आज ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ है जो सालाना 12 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष-2002 में ‘अंनराष्टृीय श्रम संगठन’ की अगुआई में बड़े वैचारिक स्तर पर मुकर्रर की गई थी। दिवस का आज 24वीं संस्करण पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। मकसद, चाइल्ड लेबर के विरूद्व वैश्विक मंचों पर ईमानदारी से जागरूकता फैलाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने को लेकर जनमानस को आहवान करना।
कानून और संविधान में प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सहित गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित है। बावजूद इसके गरीब, अक्षम और असहाय बच्चों के साथ असमानता और भेदभाव किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-24 के मुताबिक किसी भी कर-कारखानों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बाद भी चोरी-छिपे बच्चों से काम करवाया जाता है। ये बात शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन के लोग भी भली भांति जानते हंै। लेकिन कार्रवाई के जगह अपनी आंख मूंदे रहते हंै। जबकि, ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने साल-1986 में बाल श्रम के विरूद्व रोकथाम के लिए कठोर अधिनियम बनाया था जिसके तहत बच्चों को खतरनाक जगहों जैसे खादानों, मशीनरी कारखानों में जबरन काम करवाने वालों पर दंडनीय अपराध का प्रावधान तय किया था। लेकिन इस कठोर कानून की भी खुलआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
दरअसल, बाल श्रम ऐसा अभिशाप है जो किसी भी विकसित मुल्क की प्रगति में घोर बाधक रूपी असर छोड़ता है। बीते वर्ष ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’-2025 की थीम थी ‘प्रगति स्पष्ट है, लेकिन अभी और काम करना बाकी है’। वहीं, इस वर्ष यानी 2026 की थीम है ‘बाल श्रम को लाल कार्ड-बच्चों के लिए उचित खेल, वयस्कों के लिए सम्मानजनक काम’ रखी गई है। गंभीरता से अगर विमर्श करें, तो ये दिवस तभी सफलता अर्जित कर पाएगा। जब सभी एकजुट होकर इस बुराई से लड़ेंगे। संकल्प लें कि बाल श्रम के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाएंगे और मासूमों के बचपन के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। बच्चे देश का भविष्य हैं। हम सबका दायित्व है कि इन्हें बेहतर ‘आज’ दें ताकि सुनहरे ‘कल’ का निर्माण कर सकें। ं
बालश्रम के विश्वस्तरीय आंकड़े रोंगटे खड़े करते हैं। बाल अधिकार रक्षक संस्थाओं और उनके विशेषज्ञों के अनुसार करीब 1 करोड़ 1 लाख बच्चे पूरे भारत में बाल श्रम में शामिल हैं जिनमें 56 लाख लड़के और 45 लाख लड़किया, जिनकी उम्र 5 से 14 के बीच है। ये बच्चे बीड़ी बनाना, सूत काटना, होटल-ढाबो में चाकरी करना, कृषि कार्यों, कालीन बुनाई व घरेलू कार्यों में ज्यादा लगे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्टृ और मध्यप्रदेश में बाल श्रमिकों की सर्वाधिक संख्या को सरकार की अधिकृत बाल समितियों द्वारा बताई है। वहीं, पूरे विश्व में बाल श्रमिकों की बात करें, तो ‘अंतर्राष्टृीय श्रम संगठन’ और ‘यूनिसेफ’ की रिपोर्टस् के मुताबिक दुनिया के 198 देशों में इस समय 13 करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चे इस वक्त चाइल्ड लेबर में संलिप्त हैं। यानी प्रत्येक 10वें बच्चे पर एक बच्चा बाल मजदूरी कर रहा है। इस कंलक को जड़ से खत्म करने के लिए एक और वैश्विक मंच सजाने की जरूरत है जहां इस मसले पर विमर्श करके पूर्व समाधान का कोई मुकम्मल रास्ता निकाला जा सके।
जनगणना 2011 के अनुसार भारत में 5-11 वर्ष आयु वर्ग की कुल बाल जनसंख्या 259.6 मिलियन थी जिसमें 10 मिलियन से अधिक यानी 4 फीसदी आबादी बाल श्रमिकों की पाई गई थी। आज 2026 में 146 करोड़ आबादी में इन आंकड़ों पर गौरफरमाते हैं तो ये आंकड़े काफी बढ़े दिखाई देते हैं। बाल अपराध, बाल श्रमिकों की संख्या में इजाफा बीते कुछ दशकों में तेजी से बढ़ा है। भारत में सालाना करीब 2.3 से 2.5 करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। हर दिन औसतन 63 हजार से 73 हजार बच्चे जन्म लेते हैं जिसमें गरीब और अल्पसंख्यकों की संख्या सर्वाधिक है। हालांकि, ‘हम दो, हमारे दो’ के स्लोगन के बाद शिक्षित वर्ग में जनसंख्या नियंत्रण भाग पनपा है। बाल श्रम कलंक को मिटाने के लिए सबसे पहले प्राथमिक शिक्षा पर ज्यादा जोर देना होगा। शिक्षा के अधिकार की अलख शहरों के मुकाबले कस्बों-गांवों में ज्यादा फैलाने की दरकार है। केंद्र व राज्यों सरकारों को नई नीति बनानी होगी जिसमें शुरुआती शिक्षा से कोई बच्चा वंचित न रह सके। ऐसा करने के बाद ही बाल श्रम जैसे अभिशाप से मुक्ति पाने की कल्पना की जा सकेगी।
- डॉ. रमेश ठाकुर
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लाइट्स, कैमरा, एक्शन और ढेर सारा ड्रामा! बी-टाउन (B-Town) में आज का दिन भी किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से कम नहीं रहा। जहाँ एक तरफ बड़े पर्दे पर 20 साल बाद अक्षय कुमार और रवीना टंडन की आइकॉनिक जोड़ी की 'वेलकम टू द जंगल' के साथ धमाकेदार वापसी हुई है, वहीं दूसरी तरफ 'पंगा क्वीन' कंगना रनौत ने अपनी नई फिल्म रिलीज होते ही बॉलीवुड के 'पाकिस्तान प्रेम' पर ऐसा तीखा बयान दे डाला है जिससे पूरी इंडस्ट्री हिल गई है। लेकिन रुकिए, बात सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है; शादियों और तलाक के गलियारों से भी बहुत कुछ छनकर बाहर आया है। उर्मिला मातोंडकर के एक्स-हसबैंड की गुपचुप दूसरी शादी से लेकर रैपर बादशाह की दुल्हनिया के ऑफिशियल कन्फर्मेशन तक, सिनेमा जगत की हर वो बड़ी और सनसनीखेज खबर जो आज आपको जाननी जरूरी है, लेकर हाजिर है आज का हमारा 'बॉलीवुड रैप-अप'!"
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'370 की बिरयानी' पर मचा बवाल NCW ने दिखाई सख्ती
प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को किया तलब
अश्लीलता भारी पड़ी: गुरुग्राम के एक स्टैंड-अप शो में महिलाओं
पर आपत्तिजनक और यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाली
टिप्पणियों पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने लिया स्वतः संज्ञान
महिला आयोग ने हरियाणा पुलिस से मांगी तत्काल कार्रवाई
NCW अध्यक्ष ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र
7 दिनों के भीतर विस्तृत 'कार्रवाई रिपोर्ट' सौंपने का दिया निर्देश
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20 साल बाद पहली बार साथ दिखे अक्षय कुमार -रवीना टंडन
अक्षय कुमार की मच-अवेडेट मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म
'Welcome To The Jungle' का ट्रेलर रिलीज हो गया है
ट्रेलर में अक्षय कुमार खुद का मजाक उड़ाते हुए खुद को "फ्लॉप एक्टर"
कहते नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है
ट्रेलर लॉन्च पर अक्षय भावुक भी हुए और उन्होंने अपनी को-स्टार
रवीना टंडन की जमकर तारीफ की। अक्षय ने मजाकिया अंदाज में कहा,
"रवीना पहले मेरी हीरोइन थीं, अब वह (स्क्रीन पर) हीरोइन की मां हैं
इस फिल्म से भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह भी बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं
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कंगना रनौत का विवादित बयान: "बॉलीवुड में थोड़ा पाकिस्तान प्रेम है"
सिनेमाघरों में कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' रिलीज हुई है
फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में जब कंगना से
रणवीर सिंह को टारगेट किए जाने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तीखा
तंज कसते हुए कहा, "बॉलीवुड इंडस्ट्री में थोड़ा 'पाकिस्तान प्रेम' है
हमारी अधिकतर फिल्में हमें पाकिस्तान से सहानुभूति रखना सिखाती हैं
जब 'धुरंधर' जैसी कोई फिल्म आती है जो पाकिस्तान का असली
चेहरा दिखाती है, तो यहाँ कुछ लोगों को दर्द होने लगता है।
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उर्मिला मातोंडकर के एक्स-हसबैंड मोहसिन ने की दूसरी शादी
उर्मिला और मोहसिन ने साल 2016 में शादी की थी
लेकिन 8 साल बाद दोनों का रिश्ता टूट गया और साल 2024 में
दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया था
अब मोहसिन की नई दुल्हन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं
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रैपर बादशाह की शादी का सस्पेंस खत्म, ईशा रिखी ने खुद की पुष्टि
लंबे समय से गुपचुप शादी की अफवाहों के बीच आखिरकार एक्ट्रेस
और मॉडल ईशा रिखी ने सिंगर और रैपर बादशाह
के साथ अपनी शादी की खबरों पर मुहर लगा दी है
इंस्टाग्राम पर फैंस के सवालों का जवाब देते हुए ईशा ने आधिकारिक तौर
पर कन्फर्म किया कि दोनों शादी के बंधन में बंध चुके हैं
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शबाना आजमी बनेंगी खूंखार विलेन, इमरान हाशमी से होगी टक्कर
75 साल की दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी अपने करियर
में पहली बार एक प्रॉपर नेगेटिव (विलेन) किरदार निभाने जा रही हैं
वह इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर अपकमिंग फिल्म 'आवारापन 2'
में 'नफीसा' नाम की एक खतरनाक विलेन के रोल में नजर आएंगी
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